दुनिया भारत को विकास और उम्मीद की चमकती किरण के रूप में देख रही : प्रधानमंत्री

युगवार्ता    21-Aug-2026
Total Views |
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी शुक्रवार को यहां इकोनॉमिक टाइम्स वर्ल्ड लीडर्स फोरम-2026 को संबोधित करते हुए


नई दिल्ली, 21 अगस्त (हि.स.)। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने शुक्रवार को कहा कि दुनिया भारत को विकास और उम्मीद की चमकती किरण के रूप में देख रही है। उन्होंने कहा कि भारत राजनीतिक स्थिरता और नीतियों में निरंतरता के साथ आगे बढ़ रहा है। सरकार का लक्ष्य अगले स्तर के सुधारों के जरिये देश में कारोबार, रोजगार और आम लोगों के जीवन को आसान बनाना है।

प्रधानमंत्री ने यहां इकोनॉमिक टाइम्स वर्ल्ड लीडर्स फोरम-2026 को संबोधित करते हुए कहा कि इस वर्ष सम्मेलन की थीम ‘शेयर्ड फ्यूचर्स’ यानी साझा भविष्य आज की वैश्विक परिस्थितियों में बेहद प्रासंगिक है। दुनिया में बढ़ते अविश्वास, संसाधनों के हथियारीकरण और आर्थिक चुनौतियों के बीच सभी देशों का भविष्य एक-दूसरे से जुड़ा हुआ है। उन्होंने कहा कि भारत की जी-20 अध्यक्षता के दौरान भी ‘एक पृथ्वी, एक परिवार, एक भविष्य’ का मंत्र इसी भावना को दर्शाता था।

मोदी ने कहा कि भारत ने 25 करोड़ लोगों को गरीबी से बाहर निकाला है और वह दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती प्रमुख अर्थव्यवस्था बना हुआ है। स्वतंत्रता दिवस के संबोधन में बताए गए ‘सप्तधारा’ के तहत विनिर्माण, प्रौद्योगिकी और हरित अर्थव्यवस्था सहित सात प्रमुख क्षेत्रों पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि भारत नीतिगत, शासन स्तर और ईज ऑफ लिविंग के क्षेत्र में अगली पीढ़ी के सुधार कर रहा है। सुधार भारत के लिए मजबूरी नहीं बल्कि प्रतिबद्धता और विश्वास हैं।

‘प्रोडक्शन लिंक्ड पनिशमेंट’ से ‘प्रोडक्शन लिंक्ड इंसेंटिव’ तक

प्रधानमंत्री ने लाइसेंस राज के दौर की नीतियों का जिक्र करते हुए कहा कि उस समय उत्पादन बढ़ाने पर कंपनियों को दंडित किया जाता था। उन्होंने इसे ‘प्रोडक्शन लिंक्ड पनिशमेंट’ (पीएलपी) की मानसिकता बताया। इसके विपरीत आज सरकार उत्पादन बढ़ाने के लिए कंपनियों को प्रोत्साहन दे रही है।

उन्होंने कहा कि उत्पादन आधारित प्रोत्साहन (पीएलआई) योजना के तहत अब तक 2.5 लाख करोड़ रुपये का वास्तविक निवेश आया है, जबकि 22 लाख करोड़ रुपये का उत्पादन और बिक्री हुई है। इस योजना से 15 लाख करोड़ रुपये का निर्यात और 14 लाख से अधिक रोजगार पैदा हुए हैं। प्रधानमंत्री ने कहा कि पहले की दंड आधारित व्यवस्था जहां बेरोजगारी बढ़ाती थी, वहीं आज की प्रोत्साहन आधारित व्यवस्था लाखों नए रोजगार पैदा कर रही है।

मोदी ने कहा कि भारत की तेज विकास गति के पीछे राजनीतिक स्थिरता और नीतियों में निरंतरता महत्वपूर्ण कारण हैं। सरकार ने ‘जब तक अनुमति न हो, तब तक प्रतिबंधित’ की पुरानी सोच की जगह ‘जब तक प्रतिबंधित न हो, तब तक अनुमति’ की व्यवस्था को बढ़ावा दिया है। उन्होंने कहा कि सरकार और नागरिकों के बीच संबंध का आधार संदेह नहीं बल्कि विश्वास होना चाहिए।

प्रधानमंत्री ने कहा कि जन विश्वास विधेयक के जरिये कई छोटे प्रक्रियात्मक अपराधों को अपराध की श्रेणी से बाहर किया गया है। साथ ही 40 हजार से अधिक अनुपालनों को समाप्त किया गया और 1,500 से अधिक पुराने कानूनों को खत्म किया गया है। उन्होंने कहा कि इससे कारोबार पर पड़ने वाला बोझ कम हुआ है।

उन्होंने मानसून सत्र में बैंकर्स बुक्स एविडेंस कानून में किए गए बदलाव का भी उल्लेख किया। प्रधानमंत्री ने कहा कि 19वीं सदी के ब्रिटिश कानून की जगह डिजिटल बैंकिंग रिकॉर्ड को कानूनी मान्यता देने वाली आधुनिक व्यवस्था से कानूनी जटिलताएं कम होंगी और कारोबार करना आसान होगा।

प्रधानमंत्री ने रेलवे में किए गए बदलावों को मानव-केंद्रित शासन का उदाहरण बताया। उन्होंने कहा कि 6,500 से अधिक स्टेशनों और 10 हजार लेवल क्रॉसिंग पर इलेक्ट्रॉनिक इंटरलॉकिंग की व्यवस्था की गई है। करीब 9,000 मानव रहित क्रॉसिंग को मिशन मोड में खत्म किया गया, जिससे 2014 से पहले की तुलना में रेल दुर्घटनाओं में 90 प्रतिशत तक कमी आई है।

उन्होंने कहा कि 2014 के बाद ट्रेनों में 3.6 लाख से अधिक बायो-टॉयलेट लगाए गए हैं। यह केवल स्वच्छता का विषय नहीं है, बल्कि यात्रियों की गरिमा और आधुनिक शासन व्यवस्था से भी जुड़ा है।

मोदी ने दिल्ली-मेरठ नमो भारत रैपिड रेल और दिल्ली मेट्रो की 99.9 प्रतिशत समयपालन दर का उल्लेख करते हुए कहा कि यह बदलते भारत की पहचान है।

प्रधानमंत्री ने कहा कि सरकार ने भू-स्थानिक डेटा और ड्रोन जैसे क्षेत्रों में पुराने प्रतिबंधों को हटाया है। पहले भारतीयों के लिए देश का मानचित्र तैयार करना भी प्रतिबंधित था, लेकिन नियमों में बदलाव के बाद भू-स्थानिक क्षेत्र में स्टार्टअप का तेजी से विस्तार हुआ है। उन्होंने कहा कि ड्रोन क्षेत्र भी कृषि, रक्षा और कंटेंट निर्माण समेत कई क्षेत्रों में तेजी से आगे बढ़ रहा है।

उन्होंने सीमा अवसंरचना को रणनीतिक ताकत के रूप में विकसित करने पर जोर देते हुए कहा कि सीमा सड़क संगठन ने 2024 और 2025 में ही 250 परियोजनाएं राष्ट्र को समर्पित कीं।

प्रधानमंत्री ने परमाणु ऊर्जा क्षेत्र को निजी क्षेत्र के लिए खोलने वाले ‘शांति विधेयक’ और 40 से अधिक आयुध कारखानों के पुनर्गठन का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि इन सुधारों से भारत की आत्मनिर्भरता को मजबूती मिली है। रक्षा निर्यात में 2014 की तुलना में 55 गुना वृद्धि हुई है।

उन्होंने कहा कि डिजिटल सुविधाओं ने आम लोगों के जीवन को भी बदल दिया है। किराने का सामान ऑनलाइन मंगाने, क्यूआर कोड से भुगतान और तत्काल पैसे भेजने जैसी सुविधाएं अब आम जीवन का हिस्सा बन गई हैं। भारत में सस्ता डेटा और तेज 5जी विस्तार इस डिजिटल बदलाव की महत्वपूर्ण आधारशिला हैं।

प्रधानमंत्री ने आधार, मोबाइल और बैंकिंग सेवाओं के एकीकरण का उल्लेख करते हुए कहा कि इससे ई-केवाईसी और डिजिटल प्रमाणीकरण आसान हुआ है। ई-संजीवनी के माध्यम से करीब 50 करोड़ टेली-कंसल्टेशन किए जा चुके हैं, जिससे दूरदराज के लोगों को घर बैठे चिकित्सकीय परामर्श मिल रहा है।

मोदी ने कहा कि सरकार ऐसे फैसलों पर जोर दे रही है जिनका लाभ लंबे समय तक दिखाई दे। उन्होंने पीएम-कुसुम और पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना का उदाहरण दिया। उन्होंने कहा कि सरकार ने केवल मुफ्त बिजली देने के बजाय घरों की छतों पर सौर संयंत्र लगाने के लिए सब्सिडी देने का रास्ता चुना है। अब तक 50 लाख से अधिक परिवारों को इसका लाभ मिल चुका है।

उन्होंने कहा कि सौर ऊर्जा से परिवार बिजली का बिल कम करने के साथ अतिरिक्त बिजली ग्रिड को बेचकर आय भी अर्जित कर सकते हैं। प्रधानमंत्री ने कहा कि चुनाव हों या न हों, सूर्य घर योजना से मिलने वाला लाभ आने वाले वर्षों में परिवारों के लिए बना रहेगा।

प्रधानमंत्री ने कहा कि युवाओं, महिलाओं, किसानों और मध्यम वर्ग के लिए ईज ऑफ लिविंग तथा ईज ऑफ डूइंग बिजनेस को लगातार बेहतर बनाया जाएगा। उन्होंने कहा कि विकसित भारत के लक्ष्य को हासिल करने के लिए ‘रिफॉर्म एक्सप्रेस’ की गति और तेज की जाएगी।

मोदी ने कहा कि जितना स्थिर भारत होगा और उसका भविष्य जितना सुरक्षित होगा, दुनिया को स्थिरता और सुरक्षा का भरोसा देने की भारत की क्षमता उतनी ही बढ़ेगी।

---------------

हिन्दुस्थान समाचार / सुशील कुमार

Tags