
लंदन/कीव, 24 अगस्त (हि.स.)। ब्रिटेन ने यूक्रेन की लंबी दूरी की मिसाइल क्षमता बढ़ाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। ब्रिटिश सरकार ने रक्षा कंपनी एमबीडीए को लंबी दूरी की स्कैल्प मिसाइल में इस्तेमाल होने वाले ब्रिटिश घटकों से जुड़ी गोपनीय तकनीकी जानकारी जारी करने की अनुमति दी है। इसका उद्देश्य यूक्रेन में मिसाइलों की स्थानीय असेंबली लाइन स्थापित करने में मदद करना है।
रूस की अंतरराष्ट्रीय समाचार टेलीविजन नेटवर्क रशिया टुडे (आरटी)
के मुताबिक, ब्रिटेन के प्रधानमंत्री एंडी बर्नहम ने साेमवार को यूक्रेन की अपनी पहली आधिकारिक विदेश यात्रा के दौरान इस समर्थन की घोषणा की। यह यात्रा यूक्रेन के स्वतंत्रता दिवस के मौके पर हो रही है। बर्नहम राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की से मुलाकात के साथ ‘कोएलिशन ऑफ द विलिंग’ की बैठक की सह-अध्यक्षता भी करेंगे।
स्कैल्प फ्रांस में निर्मित लंबी दूरी की क्रूज मिसाइल है, जबकि ब्रिटेन में इसका समकक्ष स्टॉर्म शैडो नाम से जाना जाता है। दोनों मिसाइलों में ब्रिटिश और फ्रांसीसी तकनीक का इस्तेमाल होता है।
ब्रिटिश सरकार के मुताबिक, गोपनीय जानकारी जारी किए जाने से फ्रांस और यूक्रेन को यूक्रेनी धरती पर मिसाइलों की स्थानीय असेंबली की दिशा में आगे बढ़ने में मदद मिलेगी।
ब्रिटिश प्रधानमंत्री ने कहा कि यूक्रेन को यह स्पष्ट होना चाहिए कि ब्रिटेन आज भी और जरूरत पड़ने तक उसके साथ खड़ा रहेगा। उन्होंने यूक्रेन की सुरक्षा को ब्रिटेन की सुरक्षा से जोड़ते हुए रूस को भी ब्रिटेन के रुख को लेकर स्पष्ट संदेश दिया है।
यह कदम ब्रिटेन के प्रोजेक्ट ब्रेकस्टॉप के तहत यूक्रेन के लिए कम लागत वाली आधुनिक लंबी दूरी की स्ट्राइक क्षमता विकसित करने के प्रयासों के साथ भी जुड़ा हुआ है।
ब्रिटेन के इस फैसले से लंदन और मॉस्को के बीच तनाव और बढ़ने की आशंका है। रूस पहले ही ब्रिटेन पर यूक्रेन को रूस के भीतर दूर तक हमला करने में मदद देने का आरोप लगाता रहा है।
मॉस्को ने चेतावनी दी है कि यूक्रेन को हथियार और तकनीकी सहायता देने में ब्रिटेन की भूमिका जितनी बढ़ेगी, उसे इसके परिणाम भुगतने पड़ सकते हैं। रूसी विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव ने भी कहा है कि रूस के खिलाफ हमलों में ब्रिटिश हथियारों या तकनीक की सीधी भूमिका को मॉस्को युद्ध में ब्रिटेन की भागीदारी के रूप में देख सकता है।
यूक्रेन और उसके यूरोपीय सहयोगी अब केवल विदेशी हथियारों की आपूर्ति पर निर्भर रहने के बजाय देश के भीतर रक्षा उत्पादन बढ़ाने पर जोर दे रहे हैं। स्कैल्प की स्थानीय असेंबली इसी रणनीति का हिस्सा है।
ब्रिटेन का ताजा फैसला यूक्रेन की लंबी दूरी की स्ट्राइक क्षमता को मजबूत करने के साथ-साथ यूरोपीय रक्षा उद्योगों के बीच सहयोग को भी बढ़ावा दे सकता है। हालांकि, इससे रूस के साथ पहले से तनावपूर्ण संबंधों पर और दबाव पड़ने की संभावना है।
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हिन्दुस्थान समाचार / अमरेश द्विवेदी