पालुक टेक्नोलॉजीज का आईपीओ पहले दिन ही हुआ 18.18 गुना सब्सक्राइब

युगवार्ता    28-Aug-2026
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प्रतीकात्मक


नई दिल्ली, 28 अगस्त (हि.स.)। ऑटोमोबाइल, इंजीनियरिंग सर्विस, लॉजिस्टिक और फ्लीट मैनेजमेंट तथा टेलिकॉम इंजीनियरिंग से जुड़ी सर्विस देने वाली कंपनी पालुक टेक्नोलॉजीज का 33 करोड़ रुपये का आईपीओ आज सब्सक्रिप्शन के लिए लॉन्च कर दिया गया। इस आईपीओ में एक सितंबर तक बोली लगाई जा सकती है। इश्यू की क्लोजिंग के बाद दो सितंबर को शेयरों का अलॉटमेंट किया जाएगा, जबकि तीन सितंबर को अलॉटेड शेयर डीमैट अकाउंट में क्रेडिट कर दिए जाएंगे। कंपनी के शेयर चार सितंबर को बीएसई के एसएमई प्लेटफॉर्म पर लिस्ट हो सकते हैं।

लॉन्चिंग के बाद कुछ ही देर में ये आईपीओ फुली सब्सक्राइब हो गया। पहले दिन के अंत तक यह आईपीओ 18.18 गुना सब्सक्राइब हो चुका था।

इस आईपीओ में बोली लगाने के लिए 46 रुपये से लेकर 48 रुपये प्रति शेयर का प्राइस बैंड तय किया गया है, जबकि लॉट साइज 3,000 शेयर का है। इस आईपीओ में रिटेल इनवेस्टर्स को दो लॉट यानी 6,000 शेयरों के लिए बोली लगाना होगा, जिसके लिए उन्हें 2,88,000 रुपये का निवेश करना होगा। इस आईपीओ के तहत 10 रुपये फेस वैल्यू वाले कुल 68.76 लाख नए शेयर जारी हो रहे हैं।

इस आईपीओ में क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स (क्यूआईबी) के लिए 47.47 प्रतिशत हिस्सा रिजर्व किया गया है। इसके अलावा रिटेल इनवेस्टर्स के लिए 33.24 प्रतिशत हिस्सा और नॉन इंस्टीट्यूशनल इनवेस्टर्स (एनआईआई) के लिए 14.27 प्रतिशत हिस्सा रिजर्व है। इसके अलावा मार्केट मेकर के लिए 5.02 प्रतिशत हिस्सा रिजर्व किया गया है। इस इश्यू के लिए हॉरिजॉन मैनेजमेंट प्राइवेट लिमिटेड को बुक रनिंग लीड मैनेजर बनाया गया है, जबकि बिगशेयर सर्विसेज प्राइवेट लिमिटेड को रजिस्ट्रार बनाया गया है। गिरिराज स्टॉक ब्रोकिंगप्राइवेट लिमिटेड कंपनी का मार्केट मेकर है।

पालुक टेक्नोलॉजीज की वित्तीय स्थिति की बात करें, तो कैपिटल मार्केट रेगुलेटर सेबी के पास जमा कराए गए ड्राफ्ट रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस (डीआरएचपी) में किए गए दावे के मुताबिक इसकी वित्तीय सेहत लगातार मजबूत हुई है। वित्त वर्ष 2023-24 में कंपनी को 3.43 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ हुआ था, जो अगले वित्त वर्ष 2024-25 में बढ़ कर 9.63 करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंच गया। पिछले वित्त वर्ष 2025-26 में कंपनी को 13.84 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ हुआ था।

इस दौरान कंपनी की राजस्व प्राप्ति में भी बढ़ोतरी हुई। वित्त वर्ष 2023-24 में इसे 101.74 करोड़ रुपये का कुल राजस्व प्राप्त हुआ, जो वित्त वर्ष 2024-25 में बढ़ कर 102.90 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया। पिछले वित्त वर्ष 2025-26 में कंपनी को 105.09 करोड़ रुपये का राजस्व प्राप्त हुआ था। इस अवधि में कंपनी पर लदे कर्ज के बोझ में लगातार गिरावट आई। वित्त वर्ष 2023-24 के अंत में कंपनी पर 30.05 करोड़ रुपये के कर्ज का बोझ था, जो अगले वित्त वर्ष 2024-25 में थोड़ा कम होकर 17.49 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया। पिछले वित्त वर्ष 2025-26 की बात करें, तो इस दौरान कंपनी पर लदे कर्ज का घट कर 13.17 करोड़ रुपये रह गया।

इस अवधि में कंपनी के नेटवर्थ में भी बढ़ोतरी हुई। वित्त वर्ष 2023-24 में ये 18.48 करोड़ रुपये के स्तर पर था। इसी तरह 2024-25 में कंपनी का नेटवर्थ बढ़ कर 31.82 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया। पिछले वित्त वर्ष 2025-26 में ये 45.66 करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंच गया। कंपनी के रिजर्व और सरप्लस की बात करें, तो इस अवधि में कंपनी को इस मोर्चे उतार-चढ़ाव का सामना करना पड़ा। वित्त वर्ष 2023-24 में ये 15.55 करोड़ रुपये के स्तर पर था। इसी तरह 2024-25 में कंपनी का रिजर्व और सरप्लस जबरदस्त उछाल के साथ 28.72 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया। पिछले वित्त वर्ष 2025-26 में कंपनी का रिजर्व और सरप्लस बढ़ कर 31.71 करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंच गया।

इसी तरह ईबीआईटीडीए (अर्निंग बिफोर इंट्रेस्ट, टैक्सेज, डिप्रेशिएशंस एंड एमॉर्टाइजेशन) 2023-24 में 13.27 करोड़ रुपये के स्तर पर था, जो 2024-25 में बढ़ कर 18.99 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया। पिछले वित्त वर्ष 2025-26 में कंपनी का ईबीआईटीडीए उछल कर 23.93 करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंच गया।

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हिन्दुस्थान समाचार / योगिता पाठक

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