
नई दिल्ली, 03 अगस्त (हि.स.)। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु से सोमवार को राष्ट्रपति भवन में उज्बेकिस्तान के विदेश मंत्री सईदोव बख्तियार ओदिलोविच ने मुलाकात की। दोनों पक्षों ने भारत-उज्बेकिस्तान संबंधों को और मजबूत बनाने तथा व्यापार, निवेश, खनन, कृषि, औषधि और सूचना प्रौद्योगिकी सहित विभिन्न क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर चर्चा की।
राष्ट्रपति ने उज्बेकिस्तान के विदेश मंत्री और उनके प्रतिनिधिमंडल का स्वागत करते हुए कहा कि भारत और उज्बेकिस्तान के बीच प्राचीन व्यापार मार्गों से जुड़े गहरे ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और सभ्यतागत संबंध हैं। उन्होंने कहा कि वास्तुकला, भाषा, खानपान, संगीत और धार्मिक परंपराओं की साझा विरासत ने दोनों देशों की साझेदारी को और सुदृढ़ बनाया है।
राष्ट्रपति ने कहा कि उज्बेकिस्तान के उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल की भारत यात्रा और इसके साथ आयोजित भारत-उज्बेकिस्तान बिजनेस फोरम इस बात का संकेत है कि दोनों देशों के कारोबारी समुदायों का एक-दूसरे के बाजारों पर भरोसा लगातार बढ़ रहा है। उन्होंने दुर्लभ मृदा (रेयर अर्थ) खनिज, कृषि, औषधि निर्माण और सूचना प्रौद्योगिकी जैसे क्षेत्रों में सहयोग की व्यापक संभावनाओं का भी उल्लेख किया।
मुर्मु ने कहा कि भारत के आईटीईसी प्रशिक्षण कार्यक्रमों और अन्य छात्रवृत्ति योजनाओं से अब तक उज्बेकिस्तान के तीन हजार से अधिक अधिकारी, पेशेवर और विद्यार्थी लाभान्वित हो चुके हैं। वहीं, 16 हजार से अधिक भारतीय छात्र उज्बेकिस्तान में उच्च शिक्षा प्राप्त कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि ये विद्यार्थी दोनों देशों के बीच मजबूत जन-से-जन संबंधों और आपसी समझ को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।
बैठक में दोनों पक्षों ने विश्वास व्यक्त किया कि इस यात्रा के दौरान हुई चर्चाएं भारत और उज्बेकिस्तान के बीच मित्रता, विश्वास और सहयोग के संबंधों को नई मजबूती प्रदान करेंगी।
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हिन्दुस्थान समाचार / सुशील कुमार