बाढ़ के 5 दिन बाद सुरंगों में फंसे लोगों के बचाव में जुटीं भारतीय और चीनी टीमें

युगवार्ता    30-Aug-2026
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भारतीय बचाव दल ने काम शुरू किया


काठमांडू, 30 अगस्त (हि.स.)। नेपाल सरकार की ओर से बेहद देरी से अनुमति मिलने के बाद नेपाल पहुंचे भारतीय और चीन के बचाव दलों ने बाढ़ आने के पांच दिन बाद आखिरकार सुरंगों में फंसे लोगों के बचाव का काम शुरू किया है।

रसुवा में आई बाढ़ के कारण विभिन्न जलविद्युत परियोजनाओं की सुरंगों में करीब 600 लोगों के फंसे होने का अनुमान है। हालांकि, नेपाल अब तक सुरंगों में फंसे लोगों का पूरी तरह से बचाव नहीं कर सका है।

जलविद्युत परियोजनाओं ने बताया है कि बार-बार अनुरोध करने के बावजूद सरकार ने सुरंगों में फंसे उनके कर्मचारियों और मजदूरों का समय पर उद्धार नहीं किया।

रविवार से चिलिमे, अपर त्रिशूली-1 और लांगटांग जलविद्युत परियोजनाओं में बचाव अभियान शुरू किया गया है। बाढ़ आने के पांच दिन बाद रविवार को अपर त्रिशूली-3ए परियोजना की सुरंग का भी पता चला, लेकिन वहां अभी तक बचाव अभियान शुरू नहीं हो सका है।

विशेषज्ञों का कहना है कि सरकार की ओर से सुरंगों में बचाव कार्य में असामान्य देरी के कारण वहां फंसे लोगों की जान बचाना लगातार जोखिमपूर्ण होता जा रहा है।

त्रिशूली कॉरिडोर की निर्माणाधीन सबसे बड़ी परियोजना यूटी-1 में रविवार से ही भारतीय बचाव दल ने कार्य शुरू किया गया है।

परियोजना में काम कर रहे करीब 600 लोग अभी भी संपर्क में नहीं आए हैं। निर्माण कंपनी नेपाल वाटर एंड एनर्जी के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) गिरिराज अधिकारी के अनुसार, इनमें से करीब 400 लोगों के सुरंग के अंदर फंसे होने की आशंका है।

परियोजना क्षेत्र में अपनी जान बचाने में सफल 260 लोगों का उद्धार किया जा चुका है। इनमें 10 कोरियाई नागरिक भी शामिल हैं। हालांकि, सुरंग के अंदर फंसे लोगों का अभी तक बचाव नहीं हो सका है।

अधिकारी के अनुसार, सुरंग में फंसे लोगों में करीब 300 लोग सुरंग के अंदर काम कर रहे थे, जबकि करीब 100 लोग हेडवर्क्स में काम कर रहे थे।

वहीं, 11 सदस्यीय भारतीय बचाव दल को चिलिमे जलविद्युत परियोजना में बचाव कार्य के लिए तैनात किया गया है।

चिलिमे जलविद्युत परियोजना की सुरंग में फंसे छह लोगों में से दो लोगों के शव भारतीय और नेपाली सेना की संयुक्त बचाव टीम ने बाहर निकाले हैं।

रसुवा बाढ़ के बाद बचाव अभियान में मदद के लिए नेपाल पहुंची चीनी बचाव टीम को 216 मेगावाट की अपर त्रिशूली-1 (यूटी-1) परियोजना में तैनात किया गया है। विदेश मंत्रालय के अनुसार, चीनी टीम परियोजना की चीनी ठेकेदार कंपनी चाइना रेलवे के साथ समन्वय में बचाव कार्य के लिए पहुंची है। नौ सदस्यीय चीन की टीम प्रभावित क्षेत्र में तैनात हो चुकी है।

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हिन्दुस्थान समाचार / पंकज दास

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