सब्सक्रिप्शन के लिए खुला शांति इनॉर्गेनिक्स का आईपीओ, दो सितंबर तक लगा सकते हैं बोली

युगवार्ता    31-Aug-2026
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प्रतीकात्मक


नई दिल्ली, 31 अगस्त (हि.स.)। सल्फर बेस्ड इनॉर्गेनिक केमिकल्स का उत्पादन और कारोबार करने वाली कंपनी शांति इनॉर्गेनिक्स का 47.24 करोड़ रुपये का आईपीओ आज सब्सक्रिप्शन के लिए लॉन्च कर दिया गया। इस आईपीओ में दो सितंबर तक बोली लगाई जा सकती है। इश्यू की क्लोजिंग के बाद तीन सितंबर को शेयरों का अलॉटमेंट किया जाएगा, जबकि चार सितंबर को अलॉटेड शेयर डीमैट अकाउंट में क्रेडिट कर दिए जाएंगे। कंपनी के शेयर सात सितंबर को एनएसई के एसएमई प्लेटफॉर्म पर लिस्ट हो सकते हैं। पहले दिन इस आईपीओ को 1.26 गुना सब्सक्रिप्शन मिला है।

इस आईपीओ में बोली लगाने के लिए 79 रुपये से लेकर 83 रुपये प्रति शेयर का प्राइस बैंड तय किया गया है, जबकि लॉट साइज 1,600 शेयर का है। इस आईपीओ में रिटेल इनवेस्टर्स को दो लॉट यानी 3,200 शेयरों के लिए बोली लगाना होगा, जिसके लिए उन्हें 2,65,600 रुपये का निवेश करना होगा। इस आईपीओ के तहत 10 रुपये फेस वैल्यू वाले कुल 56,91,200 नए शेयर जारी हो रहे हैं। इनमें लगभग दो करोड़ रुपये के 2,84,800 शेयर मार्केट मेकर के लिए रिजर्व हैं।

इस आईपीओ में क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स (क्यूआईबी) के लिए 49.96 प्रतिशत हिस्सा रिजर्व किया गया है। इसके अलावा रिटेल इनवेस्टर्स के लिए 35.03 प्रतिशत हिस्सा और नॉन इंस्टीट्यूशनल इनवेस्टर्स (एनआईआई) के लिए 9.74 प्रतिशत हिस्सा रिजर्व है। इसके अलावा मार्केट मेकर के लिए 5.27 प्रतिशत हिस्सा रिजर्व किया गया है। इस इश्यू के लिए विव्रो फाइनेंशियल सर्विसेज प्राइवेट लिमिटेड को बुक रनिंग लीड मैनेजर बनाया गया है, जबकि केफिन टेक्नोलॉजीज लिमिटेड को रजिस्ट्रार बनाया गया है। वहीं ऋखव सिक्योरिटीज लिमिटेड कंपनी का मार्केट मेकर है।

शांति इनॉर्गेनिक्स की वित्तीय स्थिति की बात करें तो कैपिटल मार्केट रेगुलेटर सेबी के पास जमा कराए गए ड्राफ्ट रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस (डीआरएचपी) में किए गए दावे के मुताबिक इसकी वित्तीय सेहत लगातार मजबूत बनी रही है। वित्त वर्ष 2023-24 में कंपनी को 5.12 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ हुआ था, जो अगले वित्त वर्ष 2024-25 में बढ़ कर 7.99 करोड़ रुपये और 2025-26 में उछल कर 10.22 करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंच गया। वहीं मौजूदा वित्त वर्ष 2026-27 के पहले दो महीने बीतने के बाद 31 मई 2026 तक कंपनी को 2.50 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ हो चुका था।

इस दौरान कंपनी की राजस्व प्राप्ति में लगातार बढ़ोतरी हुई। वित्त वर्ष 2023-24 में इसे 45.06 करोड़ रुपये का कुल राजस्व प्राप्त हुआ, जो वित्त वर्ष 2024-25 में बढ़ कर 58.46 करोड़ रुपये और 2025-26 में उछल कर 72.93 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया। वहीं मौजूदा वित्त वर्ष 2026-27 के पहले दो महीने बीतने के बाद 31 मई 2026 तक कंपनी को 16.10 करोड़ रुपये का राजस्व प्राप्त हो चुका था।

इस अवधि में कंपनी पर लदे कर्ज का बोझ मामूली उतार चढ़ाव के बाद पूरी तरह से खत्म हो गया। वित्त वर्ष 2023-24 के अंत में कंपनी पर 24.34 करोड़ रुपये के कर्ज का बोझ था, जो वित्त वर्ष 2024-25 में बढ़ कर 25.38 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया। इसके अगले वित्त वर्ष 2025-26 से ही कंपनी पूरी तरह से कर्ज मुक्त हो चुकी है।

कंपनी का रिजर्व और सरप्लस भी इस अवधि में लगातार बढ़ता गया। वित्त वर्ष 2023-24 के अंत में कंपनी का रिजर्व और सरप्लस 16.97 करोड़ रुपये के स्तर पर था, जो वित्त वर्ष वित्त वर्ष 2024-25 में उछल कर 24.96 करोड़ रुपये के स्तर पर और 2025-26 में 36.68 करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंच गया। वहीं मौजूदा वित्त वर्ष 2026-27 के पहले दो महीने बीतने के बाद 31 मई 2026 तक की बात करें, तो इस दौरान कंपनी का रिजर्व और सरप्लस 39.18 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया था।

इस अवधि में कंपनी के नेटवर्थ में भी बढ़ोतरी हुई। वित्त वर्ष 2023-24 में ये 17.60 करोड़ रुपये के स्तर पर था, जो 2024-25 में बढ़ कर 25.60 करोड़ रुपये के स्तर पर और पिछले वित्त वर्ष 2025-26 में 48.24 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया। वहीं मौजूदा वित्त वर्ष 2026-27 के पहले दो महीने बीतने के बाद 31 मई 2026 तक कंपनी का नेटवर्थ 50.74 करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंच गया।

इसी तरह ईबीआईटीडीए (अर्निंग बिफोर इंट्रेस्ट, टैक्सेज, डिप्रेशिएशंस एंड एमॉर्टाइजेशन) 2023-24 में 8.72 करोड़ रुपये के स्तर पर था, जो 2024-25 में बढ़ कर 12.06 करोड़ रुपये के स्तर पर और पिछले वित्त वर्ष 2025-26 में 15.40 करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंच गया। वहीं मौजूदा वित्त वर्ष 2026-27 के पहले दो महीने बीतने के बाद 31 मई 2026 तक कंपनी का ईबीआईटीडीए 4.02 करोड़ रुपये के स्तर पर था।

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हिन्दुस्थान समाचार / योगिता पाठक

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