
अररिया, 04 अगस्त (हि.स.)। नेपाल से बिना वैध पासपोर्ट और वीजा के भारत में प्रवेश करने वाले दो बांग्लादेशी नागरिकों को सशस्त्र सीमा बल (एसएसबी) की 56वीं वाहिनी के आमगाछी बाह्य सीमा चौकी (बीओपी) के जवानों ने गिरफ्तार किया है। दोनों को सोमवार रात नियमित गश्त के दौरान भारत-नेपाल अंतरराष्ट्रीय सीमा के समीप पकड़ा गया।
अधिकारियों के अनुसार, एसएसबी 56वीं वाहिनी के बथनाहा स्थित बी कंपनी के अंतर्गत आमगाछी बीओपी के जवान सीमा स्तंभ संख्या-174 के पास भारतीय सीमा क्षेत्र में गश्त कर रहे थे। इसी दौरान नेपाल की ओर से आ रहे दो संदिग्ध व्यक्तियों को रोककर पूछताछ की गई। जांच में उनकी पहचान 43 वर्षीय रहमत अली और 22 वर्षीय मो. जमाल हसन जिहाद के रूप में हुई। दोनों बांग्लादेश के चांदपुर जिले के निवासी हैं।
प्रारंभिक पूछताछ में दोनों ने स्वीकार किया कि वे नेपाल के काठमांडू से बिना वैध पासपोर्ट और वीजा के भारत में दाखिल हुए थे। उन्होंने बताया कि वे काठमांडू में काम करते थे और वहां से विराटनगर पहुंचे। इसके बाद ग्रामीण रास्तों से भारतीय सीमा में प्रवेश किया। उनका उद्देश्य सिलीगुड़ी कॉरिडोर के रास्ते असम-बांग्लादेश सीमा होकर अपने देश लौटना था।
एसएसबी की 56वीं वाहिनी के द्वितीय कमान अधिकारी एवं कार्यवाहक कमांडेंट नितिन गुप्ता ने बताया कि संदेह के आधार पर दोनों को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई, जिसमें उनके बांग्लादेशी नागरिक होने की पुष्टि हुई। उन्होंने कहा कि मामले की विस्तृत जांच की जा रही है। आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद दोनों को सोनामनी गोदाम थाना पुलिस के हवाले कर दिया गया।
अररिया सदर के अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी (एसडीपीओ) सुशील कुमार ने भी दोनों बांग्लादेशी नागरिकों के पकड़े जाने की पुष्टि की। उन्होंने बताया कि उनसे सोनामनी गोदाम थाना में पूछताछ की जा रही है और मामले के सभी पहलुओं की गहन जांच जारी है। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि दोनों असम से लगने वाली भारत-बांग्लादेश सीमा के रास्ते अपने देश लौटने की फिराक में थे।
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हिन्दुस्थान समाचार / राहुल कुमार ठाकुर