पूर्व राज्यपाल डॉ. डीवाई पाटिल का कोल्हापुर में निधन

युगवार्ता    04-Aug-2026
Total Views |
फाईल फोटो: डॉ. डी.वाई.पाटिल


मुंबई, 04 अगस्त(हि.स.)। पूर्व राज्यपाल और वरिष्ठ शिक्षाविद, पद्मश्री से सम्मानित डॉ. ज्ञानदेव यशवंतराव पाटिल (91) का मंगलवार को सुबह महाराष्ट्र के कोल्हापुर के कस्बा बावड़ा स्थित उनके आवास निधन हो गया। वह पिछले कुछ दिनों से अस्वस्थ थे और घर पर ही उनका उपचार चल रहा था। डीवाई पाटिल के पारिवारिक सूत्रों ने बताया कि मंगलवार को कोल्हापुर में डॉ. पाटिल के पार्थिव का अंतिम संस्कार किया जाएगा।

कोल्हापुर जिले के कस्बा बावड़ा में 22 अक्टूबर 1935 को जन्मे डॉ. डीवाई पाटिल ने कोल्हापुर से अपने सार्वजनिक जीवन की शुरुआत की । उन्हाेंने शिक्षा एवं समाजसेवा के क्षेत्र में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान बनाने वाला एक विशाल शैक्षणिक साम्राज्य खड़ा किया। उन्होंने शिक्षा को जन-जन तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण योगदान दिया और इसी कारण उन्हें देश के अग्रणी शिक्षाविदों में गिना जाता है।

डॉ. पाटिल ने अपने राजनीतिक जीवन की शुरुआत जमीनी स्तर से की। वर्ष 1957 से 1962 तक वह कोल्हापुर नगर निगम के सदस्य और महापौर रहे। इसके बाद 1967 और 1972 में पन्हाला विधानसभा क्षेत्र से विधायक निर्वाचित हुए। हालांकि 1978 के विधानसभा चुनाव में उन्हें पराजय का सामना करना पड़ा, जिसके बाद उन्होंने सक्रिय राजनीति से दूरी बना ली। लेकिन कांग्रेस पार्टी में लंबे समय तक सक्रिय रहने के कारण नवंबर 2009 में उन्हें त्रिपुरा का राज्यपाल नियुक्त किया गया। मार्च 2013 में उन्होंने बिहार के राज्यपाल का पद संभाला और कुछ समय तक पश्चिम बंगाल के राज्यपाल का अतिरिक्त प्रभार भी सफलतापूर्वक निभाया।

करीब 45 वर्ष की आयु में उन्होंने शिक्षा और स्वास्थ्य क्षेत्र को अपना कार्यक्षेत्र बनाया। वर्ष 1983 में नवी मुंबई में एक इंजीनियरिंग कॉलेज की स्थापना कर उन्होंने शैक्षणिक संस्थानों की ऐसी श्रृंखला विकसित की, जिसने देश-विदेश में अपनी पहचान बनाई। शिक्षा और स्वास्थ्य के क्षेत्र में उनके योगदान को व्यापक सराहना मिली। १९९१ में डॉ. पाटिल को उनके विशिष्ठ कार्यों को देखते हुए पद्मश्री पुरस्कार से सम्मानित किया गया। लंबे सार्वजनिक जीवन में डॉ. पाटिल अपनी सादगी, सौम्यता और सभी राजनीतिक दलों के नेताओं के साथ मधुर संबंधों के लिए भी जाने जाते थे। उनके निधन से शिक्षा, समाजसेवा और सार्वजनिक जीवन के क्षेत्र में अपूरणीय क्षति हुई है।

---------------

हिन्दुस्थान समाचार / राजबहादुर यादव

Tags