तिरंगा भारत की सभ्यतागत निरंतरता और सामूहिक संकल्प का प्रतीक है: गजेंद्र शेखावत

युगवार्ता    06-Aug-2026
Total Views |
केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत के साथ अन्य लोग मौजूद।


नई दिल्ली, 06 अगस्त (हि.स.)। केंद्रीय संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने गुरुवार को कहा कि राष्ट्रगान और 'वंदे मातरम' भारत की राष्ट्रीय चेतना का स्वर है। वहीं, तिरंगा भारत की सभ्यतागत निरंतरता और सामूहिक संकल्प का प्रतीक है।

शेखावत ने आज दिल्ली स्थित इन्दिरा गांधी राष्ट्रीय कला केंद्र (आईजीएनसीए) में 15 अगस्त को 'हर घर तिरंगा' अभियान और 14 अगस्त को पूरे भारत में 'विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस' से पहले आयोजित संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा, देश के देशवासियों के लिए तिरंगा केवल तीन रंगों से बना हुआ केवल एक वस्त्र मात्र नहीं है, अपितु यह हमारे लाखों लोगों के बलिदान का प्रतीक है। जिन लोगों ने देश को आजाद कराने के लिए और आजाद देश की सीमाओं को सुरक्षित रखने के लिए, देश में आंतरिक सुरक्षा को बनाए रखने के लिए अपने आप को कुर्बान कर दिया।

उन्होंने कहा कि यह तिरंगा उत्सव एक तरफ हम सबको देश के साथ जोड़ने का अवसर प्रदान करता है, वहीं दूसरी तरफ तिरंगा जो हमारे राष्ट्र के स्वाभिमान का प्रतीक है। तिरंगा जो देश के 140 करोड़ लोग चाहे वह दुनिया के किसी भी कोने में निवास करते होंगे, उनके लिए उन सबको एकता के सूत्र में बांधने वाला एक डोर है।

मंत्री ने कहा कि इस बार का तिरंगा उत्सव 'वंदे मातरम' के 150 वर्ष पूरे होने के ऐतिहासिक अवसर के साथ मिलाकर मनाया जा रहा है। नागरिक अब 'हर घर तिरंगा' पोर्टल पर संगीत के साथ 'वंदे मातरम' गाकर अपना अभ्यास कर सकते हैं तथा अपनी फोटो और वीडियो अपलोड कर सकते हैं।

विदेश मंत्रालय के राष्ट्रीय प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने बताया कि स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर विदेश मंत्रालय और दुनिया भर में मौजूद उसके 200 से अधिक भारतीय मिशन 'हर घर तिरंगा' अभियान के तहत कई डिजिटल व सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन करेंगे।

उन्होंने कहा कि फिजी (पूर्व) से शुरू होकर अमेरिका के सैन फ्रांसिस्को (पश्चिम) तक 54 भारतीय मिशनों को जोड़ने वाला यह एक डिजिटल रिले अभियान होगा। साथ ही, 'वंदे मातरम' की 150वीं वर्षगांठ पर विदेशों में सामूहिक रूप से 'वंदे मातरम' का गायन आयोजित किया जाएगा।

प्रवक्ता ने बताया कि'भारत को जानिए' क्विज, 'माई इंडिया, माई स्टोरी' अनुभव साझाकरण पहल, 'इंडिया थ्रू माई लेंस' फोटोग्राफी प्रतियोगिता और 'हर घर तिरंगा' सेल्फी अभियान का आयोजन किया जाएगा। इसके अलावा, आईसीसीआर के सहयोग से गोंड, वारली, फड़ और मधुबनी पेंटिंग पर कार्यशालाएं होंगी। इसके अलावा, दुनिया भर की प्रमुख इमारतों को तिरंगे के रंगों में रोशन किया जाएगा।

संयुक्त सचिव समर नंदा ने बताया कि हमारा 'सूर्यपथ तिरंगा' अभियान 15 अगस्त को फ़िजी से शुरू होगा। वहाँ से यह एक देश से दूसरे देश तक जाएगा और सैन फ़्रांसिस्को में हमारे वाणिज्य दूतावास पर समाप्त होगा। यह एक बहुत ही खास कार्यक्रम है और हमारे झंडे, हमारे सम्मान और हमारे गौरव का जश्न मनाने का एक बहुत ही अनोखा तरीका है।

'सूर्यपथ तिरंगा' अभियान के अलावा, विदेशों में हमारे मिशन 'भारत को जानिए' क्विज़ की तैयारी कर रहे हैं या उसमें हिस्सा ले रहे हैं। यह एक अनोखी पहल है जिसके ज़रिए हम दुनिया भर के ज़्यादा से ज़्यादा लोगों को भारत से जोड़ना चाहते हैं, ताकि वे भारत के इतिहास, संस्कृति, विविधता और 'विकसित भारत 2047' बनाने की दिशा में हो रहे कामों के बारे में जान सकें।

उन्होंने बताया कि इस बार के आयोजन में 'वंदे मातरम' का सामूहिक गायन एक प्रमुख आकर्षण होगा। हाल ही में संसद द्वारा वंदे मातरम से जुड़े विधेयक को पारित किए जाने के बाद गृह मंत्रालय ने इसके संदर्भ में दिशानिर्देश सार्वजनिक किए हैं। यह अभियान केवल ध्वजारोहण तक सीमित न रहकर 'संपूर्ण राष्ट्र दृष्टिकोण' पर आधारित है। इसमें प्रभात फेरियों, स्कूली क्विज़, वाद-विवाद प्रतियोगिताओं और स्वच्छता अभियानों के साथ-साथ कई सांस्कृतिक गतिविधियाँ शामिल की गई हैं।

आईजीएनसीए के सदस्य सचिव डॉ. सच्चिदानंद जोशी ने बताया कि देश भर में लगभग 1 लाख से अधिक स्थानों जैसे रेलवे स्टेशनों, हवाई अड्डों और बैंकों में प्रदर्शनियों का आयोजन किया जाएगा। साथ ही, लगभग 75 विश्वविद्यालयों में संगोष्ठियों का आयोजन होगा। इसके अलावा, कोलकाता के सियालदह रेलवे स्टेशन पर विभाजन के दौरान हताहत हुए लोगों की याद में एक स्मारक मूर्ति स्थापित की जाएगी, जिसका अनावरण नवंबर माह में प्रस्तावित है।

उन्होंने बताया कि विभाजन से जुड़ी कहानियों, संस्मरणों, कविताओं और फिल्मों का संग्रह तैयार करने के लिए एक विशेष वेबसाइट और आर्काइव की शुरुआत की गई है, जहां आम नागरिक भी अपनी कहानियां साझा कर सकते हैं।

'विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस' के आयोजन का उद्देश्य 1947 के विभाजन के दौरान लोगों द्वारा सही गई पीड़ा, संघर्ष और बलिदान को याद करना है।

अभियान के लिए समर्पित आधिकारिक पोर्टल 9 तारीख से 17 तारीख तक सक्रिय रहेगा। नागरिक इस पोर्टल पर तिरंगे के साथ अपनी सेल्फी अपलोड कर इस आंदोलन से जुड़ सकेंगे। उल्लेखनीय है कि पिछले वर्ष पोर्टल पर रिकॉर्ड 7.51 करोड़ सेल्फी दर्ज की गई थीं।

---------------

हिन्दुस्थान समाचार / श्रद्धा द्विवेदी

Tags