आरबीआई ने टाटा संस को उच्च श्रेणी वाली एनबीएफसी की सूची में रखा बरकरार

युगवार्ता    06-Aug-2026
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आरबीआई के लोगो का प्रतीकात्मक चित्र


नई दिल्ली, 06 अगस्त (हि.स.)। रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (आरबीआई) गुरुवार को चालू वित्त वर्ष 2026-27 के लिए ऊपरी-स्तर की गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनियों (एनबीएफसी-यूएल) की सूची जारी की है, जिसमें टाटा संस प्राइवेट लिमिटेड को बरकरार रखा गया है। आरबीआई की एनबीएफसी की नवीनतम सूची में 17 कंपनियां शामिल हैं। केंद्रीय बैंक ने कहा कि होल्डिंग कंपनी को सूची में शामिल किए जाने से उसके एनबीएफसी के पंजीकरण को लौटाने के लंबित आवेदन पर कोई असर नहीं पड़ेगा।

आरबीआई ने 31 मार्च, 2026 की वित्तीय स्थिति के आधार पर वित्त वर्ष 2026-27 के लिए गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनियों के 'स्केल-बेस्ड रेगुलेशन' के तहत 'अपर लेयर' में आने वाली एनबीएफसी की सूची जारी किया है। केंद्रीय बैंक ने ये स्पष्ट किया है कि इस सूची में टाटा संस का नाम शामिल रहना इस कंपनी की एनबीएफसी पंजीकरण सरेंडर (डी-रजिस्ट्रेशन) के लिए दिए गए आवेदन के फैसले पर निर्भर करेगा। इसके आवेदन की जांच अभी जारी है।

आरबीआई ने आकार आधारित विनियमन रूपरेखा के तहत उच्च श्रेणी की गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनियों (एनबीएफसी) की नवीनतम सूची को जारी किया है। इस व्यवस्था के तहत प्रणालीगत रूप से महत्वपूर्ण गैर-बैंकिंग ऋणदाताओं और मुख्य निवेश कंपनियों (सीआईसी) पर अधिक कड़े नियामकीय प्रावधान लागू होते हैं।

रिजर्व बैंक की ओर से जारी नवीनतम सूची में टाटा संस के अलावा अन्य कंपनियों में बुनियादी ढांचा निवेशक कंपनियां आरईसी, पावर फाइनेंस कॉरपोरेशन, इंडियन रेलवे फाइनेंस कॉरपोरेशन और हाउसिंग एंड अर्बन डेवलपमेंट कॉरपोरेशन (हुडको) शामिल हैं। इसके साथ ही जमा स्वीकार करने वाली एनबीएफसी में बजाज फाइनेंस, श्रीराम फाइनेंस तथा आवास वित्त कंपनी एलआईसी हाउसिंग फाइनेंस सूची में शामिल हैं।

इसके अलावा जमा स्वीकार नहीं करने वाली एनबीएफसी की सूची में टाटा कैपिटल और चोलामंडलम इन्वेस्टमेंट एंड फाइनेंस के अलावा मुथूट फाइनेंस, आदित्य बिड़ला कैपिटल, एलएंडटी फाइनेंस, बजाज हाउसिंग फाइनेंस, एचबीडी फाइनेंशियल सर्विसेज लि. और पीरामल फाइनेंस शामिल हैं।

रिजर्व बैंक ने एनबीएफसी को उनके आकार, गतिविधियों और वित्तीय प्रणाली के लिए संभावित जोखिम के आधार पर चार श्रेणियों में बांटा है। इन कंपनियों को पूंजी पर्याप्तता, संचालन, खुलासा और जोखिम प्रबंधन से जुड़े कड़े नियमों का पालन करना होता है।

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हिन्दुस्थान समाचार / प्रजेश शंकर

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