महिलाओं को न्याय दिलाने की दिशा में सुप्रीम कोर्ट और एनसीडब्ल्यू की नई पहल, बेंगलुरु में होगा पहला न्यायाधीशों का सम्मेलन

युगवार्ता    07-Aug-2026
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राष्ट्रीय महिला आयोग


नई दिल्ली, 07 अगस्त (हि.स.)। महिलाओं को न्याय तक अधिक प्रभावी, सुलभ और संवेदनशील पहुंच सुनिश्चित करने के उद्देश्य से उच्चतम न्यायालय और राष्ट्रीय महिला आयोग (एनसीडब्ल्यू) ने संयुक्त पहल शुरू की है। इसी क्रम में सुप्रीम कोर्ट, राष्ट्रीय महिला आयोग और कर्नाटक उच्च न्यायालय के संयुक्त तत्वावधान में ‘जस्टिस फॉर वूमेन’ विषय पर न्यायाधीशों का पहला सम्मेलन का आयोजन 8 एवं 9 अगस्त को बेंगलुरु स्थित कर्नाटक न्यायिक अकादमी में किया जाएगा।

दो दिवसीय सम्मेलन का उद्घाटन उच्चतम न्यायालय की न्यायाधीश न्यायमूर्ति बीवी नागरत्ना करेंगी। इस अवसर पर राष्ट्रीय महिला आयोग की अध्यक्ष डॉ. विजया रहाटकर सहित न्यायपालिका और विधि क्षेत्र की अनेक प्रमुख हस्तियां उपस्थित रहेंगी।

सम्मेलन में दक्षिण भारत के राज्यों से 300 से अधिक न्यायाधीश भाग लेंगे।

राष्ट्रीय महिला आयोग ने बताया कि इस सम्मेलन का उद्देश्य महिलाओं को न्याय दिलाने की प्रक्रिया को अधिक प्रभावी बनाना, न्यायिक प्रणाली में व्यावहारिक सुधारों पर विचार करना तथा संस्थागत और कानूनी बदलावों के लिए ठोस सुझाव तैयार करना है। यह देशभर में आयोजित होने वाली पांच क्षेत्रीय जज कॉन्फ्रेंस की शृंखला की पहली कड़ी होगी, जिसके बाद राष्ट्रीय स्तर पर ‘जस्टिस फॉर वूमेन’ सम्मेलन आयोजित किया जाएगा।

सम्मेलन के दौरान चार प्रमुख विषयों पर विस्तृत चर्चा होगी। इनमें महिलाओं की न्याय तक पहुंच, लैंगिक संवेदनशील न्यायिक निर्णय और कार्यस्थल पर यौन उत्पीड़न कानून के प्रभावी क्रियान्वयन, महिलाओं से जुड़े विवादों में मध्यस्थता की भूमिका तथा सार्वजनिक, निजी और डिजिटल क्षेत्र में महिलाओं की सुरक्षा जैसे मुद्दे शामिल हैं।

इन विषयों पर न्यायिक अनुभव साझा किए जाएंगे और साक्ष्य आधारित सुझाव तैयार किए जाएंगे, ताकि न्याय वितरण प्रणाली को और अधिक प्रभावी बनाया जा सके।

दक्षिण क्षेत्रीय सम्मेलन से प्राप्त सुझावों को देश के अन्य चार क्षेत्रीय सम्मेलनों की सिफारिशों के साथ राष्ट्रीय सम्मेलन में शामिल किया जाएगा। इसके आधार पर महिलाओं से जुड़े मामलों में कानूनी और संस्थागत सुधारों के लिए एक व्यापक रूपरेखा तैयार की जाएगी।

सम्मेलन का समापन 9 अगस्त को आयोजित समापन सत्र के साथ होगा। इस अवसर पर सुप्रीम कोर्ट की न्यायाधीश न्यायमूर्ति वी. मोहना समापन संबोधन देंगी। राष्ट्रीय महिला आयोग की अध्यक्ष रहाटकर भी अपने विचार रखेंगी। आंध्र प्रदेश उच्च न्यायालय की मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति लिसा गिल मुख्य वक्ता के रूप में सम्मेलन को संबोधित करेंगी।

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हिन्दुस्थान समाचार / विजयालक्ष्मी

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