
बलरामपुर, 01 सितंबर (हि.स.)। छत्तीसगढ़ में मंगलवार सुबह हुई ईडी ने पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के पूर्व निजी सहायक के.के. चंद्रवंशी और उनके पूर्व ओएसडी तथा एक पूर्व पटवारी समेत वर्तमान अपर कलेक्टर चेतन बोरघरिया के ठिकानों सहित सात जगहों पर छापा मारा है। यह कार्रवाई अभी भी जारी है।
ईडी की टीम आज सुबह करीब छह बजे 2 से 3 गाड़ियों में सवार होकर पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के निजी सहायक रहे के.के. चंद्रवंशी के निवास स्थान पर पहुंची। घर के बाहर सुरक्षा बलों और स्थानीय पुलिस को तैनात किया गया है। ईडी के अधिकारियों द्वारा सीजीपीएससी परीक्षा (2020 और 2021) के कथित पेपर लीक और चयन प्रक्रिया में गड़बड़ी से जुड़े दस्तावेजों, बैंक खातों और इलेक्ट्रॉनिक डिवाइसों को खंगाला जा रहा है। ईडी की टीम पूर्व पटवारी कमलेश सिंह राजपूत के दुर्ग स्थित सिकोला भाठा इलाका स्थित निवास पर भी दबिश दी है। कमलेश सिंह के ठिकानों पर भी दस्तावेज खंगाले जा रहे हैं ताकि परीक्षा घोटाले में मनी लॉन्ड्रिंग के संदिग्ध रास्तों का पता लगाया जा सके।
छत्तीसगढ़ में आज प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की कार्रवाई के बीच बलरामपुर जिले में भी प्रशासनिक हलकों में हलचल तेज हो गई। सूत्रों के अनुसार, ईडी की टीम ने बलरामपुर पहुंचकर अपर कलेक्टर चेतन बोरघरिया से पूछताछ की है। बताया जा रहा है कि केंद्रीय जांच एजेंसी की टीम दो वाहनों से स्थानीय सर्किट हाउस पहुंची, जहां बोरघरिया से पूछताछ की गई। हालांकि पूछताछ के संबंध में ईडी की ओर से विस्तृत आधिकारिक जानकारी अभी सामने नहीं आई है।
ईडी ने वर्तमान अपर कलेक्टर चेतन बोरघरिया के धमतरी (अमलतास पुरम स्थित निवास) और बलरामपुर जिला में एक साथ दबिश दी है।आधिकारिक सूत्रों के अनुसार ईडी की टीम मंगलवार को बलरामपुर पहुंची और सर्किट हाउस में अपर कलेक्टर चेतन बोरघरिया से पूछताछ की। टीम के पहुंचने के बाद सर्किट हाउस के आसपास सुरक्षा व्यवस्था भी बढ़ाई गई। मामले को लेकर प्रशासनिक और राजनीतिक हलकों में चर्चाओं का दौर है।
चेतन बोरघरिया पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार के दौरान तत्कालीन मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के ओएसडी के रूप में सेवाएं दे चुके हैं। सत्ता परिवर्तन के बाद प्रशासनिक फेरबदल के तहत उनकी पदस्थापना बलरामपुर जिले में की गई थी। वर्तमान में वे जिले में अपर कलेक्टर के पद पर पदस्थ हैं।
माना जा रहा है कि आज ईडी की कार्रवाई छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग में कथित अनियमितताओं से जुड़े धन शोधन मामले की जांच के सिलसिले में की जा रही है। हालांकि बलरामपुर में अपर कलेक्टर से हुई पूछताछ का इस जांच से क्या संबंध है, इसकी आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है।
यह पहली बार नहीं है जब पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल से जुड़े लोगों और परिसरों पर ईडी की कार्रवाई चर्चा में आई हो। वर्ष 2023 में भी एजेंसी ने तत्कालीन मुख्यमंत्री के राजनीतिक सलाहकार विनोद वर्मा और उनके दो ओएसडी से जुड़े परिसरों पर तलाशी ली थी। बाद में वर्ष 2025 में कथित शराब घोटाले से जुड़े धन शोधन मामले की जांच के दौरान भूपेश बघेल के भिलाई स्थित आवास पर भी ईडी ने तलाशी ली थी।
फिलहाल बलरामपुर में अपर कलेक्टर चेतन बोरघरिया से पूछताछ को लेकर विस्तृत जानकारी सामने आने का इंतजार है। जांच एजेंसी की ओर से आगे क्या कार्रवाई की जाती है और पूछताछ का आधार क्या है, इसकी जानकारी सामने आने के बाद ही तस्वीर पूरी तरह स्पष्ट हो सकेगी।
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हिन्दुस्थान समाचार / विष्णु पांडेय