
नई दिल्ली, 10 सितंबर (हि.स.)। केंद्रीय नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा और विद्युत राज्य मंत्री श्रीपाद येसो नाइक ने गुरुवार को कहा कि देश के स्वच्छ ऊर्जा बदलाव में लघु जलविद्युत की विशिष्ट भूमिका है। उन्होंने कहा कि लघु जलविद्युत दूरस्थ क्षेत्रों में ऊर्जा सुरक्षा, विकेंद्रीकृत उत्पादन, रोजगार और सामाजिक-आर्थिक विकास में योगदान दे सकती है।
श्रीपाद येसो नाइक ने नई दिल्ली में भारत नवीकरणीय ऊर्जा शिखर सम्मेलन और एक्सपो 2006 तथा लघु जलविद्युत सत्र के पूर्वावलोकन कार्यक्रम को संबोधित करते हुए यह बात कही। नाइक ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के दूरदर्शी नेतृत्व में भारत के पारंपरिक से स्वच्छ ऊर्जा परिवर्तन में उल्लेखनीय बदलाव आया है, जिससे देश वैश्विक ऊर्जा परिवर्तन में अग्रणी बन गया है।
उन्होंने कहा कि नवीकरणीय ऊर्जा ऊर्जा सुरक्षा, आर्थिक विकास, तकनीकी प्रगति और रोजगार सृजन का प्रमुख साधन बनकर उभरी है। नाइक ने अपने संबोधन में बताया कि भारत ने गैर-जीवाश्म ईंधन से प्राप्त होने वाली विद्युत में भी 300 गीगावाट से अधिक स्थापन क्षमता हासिल कर ली है। उन्होंने कहा कि भारत के ऊर्जा परिवर्तन की शक्ति देश की भौगोलिक स्थिति, संसाधनों और विकास आवश्यकताओं के अनुरूप विविध, संतुलित और सुदृढ ऊर्जा पोर्टफोलियो निर्माण में निहित है।
इस संदर्भ में नाइक ने लघु जलविद्युत की अपार संभावनाओं पर बल दिया। उन्होंने कहा कि भारत की मौजूदा आंकलित लघु जलविद्युत क्षमता लगभग 21 गीगावाट है, जो 7,100 से अधिक निर्दिष्ट स्थलों में व्याप्त है। इसमें से अभी मात्र लगभग 5.2 गीगावाट का ही उपयोग हो रहा है। उन्होंने कहा इसी वजह से इस क्षेत्र में आगे भी विकास की अपार संभावनाएं हैं।
नाइक ने वित्त वर्ष 2026-27 से 2030-31 की अवधि के लिए केंद्र सरकार द्वारा प्रस्तावित लघु जल विद्युत विकास योजना का भी उल्लेख किया, जिसमें 2,584.60 करोड़ रुपये के परिव्यय से लगभग 1,500 मेगावाट की नई लघु जल विद्युत क्षमता निर्माण का लक्ष्य है। इस योजना के तहत राज्यों को लगभग 200 परियोजनाओं के लिए विस्तृत परियोजना रिपोर्ट तैयार देने को प्रोत्साहित किया जाएगा, जिससे भविष्य के लिए कई लघु जल विद्युत परियोजनाएं तैयार होंगी।
उन्होंने आगे कहा कि 2 से 5 नवंबर, 2026 तक नई दिल्ली के भारत मंडपम में आयोजित होने वाले भारत नवीकरणीय ऊर्जा शिखर सम्मेलन और एक्सपो 2026 में लघु जलविद्युत पर समर्पित सत्र-नीतिगत सुधारों, निवेश, वित्तपोषण, प्रौद्योगिकी और साझेदारी पर विचार-विमर्श का महत्वपूर्ण अवसर प्रदान करेगा।
नाइक ने राष्ट्रीय महत्व के इस आयोजन में सभी हितधारकों को भाग लेने तथा स्वच्छ, मजबूत, आत्मनिर्भर और संवहनीय भारत के निर्माण में भारत की नदी प्रणालियों, भौगोलिक विविधता, स्वदेशी तकनीकी क्षमता और आधुनिक नवाचार के साथ मिलकर काम करने का आह्वान किया।
इस अवसर पर नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा सचिव संतोष कुमार सारंगी ने यहां उपस्थित हितधारकों को आगामी भारत नवीकरणीय ऊर्जा शिखर सम्मेलन और एक्सपो 2026 में बड़ी संख्या में भाग लेने का निमंत्रण दिया। इस पूर्वावलोकन समारोह में वरिष्ठ अधिकारियों, अनुसंधान और उद्योग क्षेत्रों के प्रतिनिधियों सहित कई हितधारक ने भाग लिया।
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हिन्दुस्थान समाचार / प्रजेश शंकर