

- भोपाल से ग्रीन कॉरिडोर बनाकर चेन्नई और इंदौर भेजे गए हृदय और लीवर
भोपाल, 10 सितम्बर (हि.स.)। मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल के 53 वर्षीय विकास चौधरी अपने अंगों से चार लोगों को नई जिंदगी देंगे। छह दिन पहले उन्हें ब्रेन हैमरेज हुआ था। तभी से वे भोपाल एम्स में भर्ती थे। ब्रेन डेड घोषित होने के बाद गुरुवार को परिजन ने उनके अंगों को दान करने का फैसला लिया था।
विकास के अंगों को पूरे सम्मान के साथ चेन्नई, इंदौर और भोपाल के अस्पतालों में भेजा गया। हृदय चेन्नई, लीवर इंदौर और दोनों किडनी भोपाल के मरीजों को दी गईं। अंगों को समय पर पहुंचाने के लिए भोपाल-चेन्नई और भोपाल-इंदौर ग्रीन कॉरिडोर बनाया गया।
भोपाल के बाग सेवनिया इलाके में रहने वाले विकास चौधरी को गत 04 सितंबर को अचानक ब्रेन हैमरोज हो गया था। गंभीर हालत में उन्हें इलाज के लिए एम्स में भर्ती कराया गया। डॉक्टरों की लगातार कोशिशों के बावजूद उनकी स्थिति में सुधार नहीं हो सका। चिकित्सकीय जांच और निर्धारित प्रक्रिया के बाद 8 सितंबर को उन्हें डॉक्टरों ने ब्रेन डेड घोषित किया। यह परिवार के लिए बेहद दुखद और कठिन समय था।
अपने प्रियजन को खोने के गम के बीच भी परिजन ने ऐसा फैसला लिया, जिसने मानवता की मिसाल कायम कर दी। उनके भाई राजेश चौधरी, बहन वीणा चौधरी, भतीजे प्रतीक चौधरी, बेटे मासूम चौधरी समेत परिजनों ने अंगदान करने का फैसला लिया।
गुरुवार को विकास चौधरी का हार्ट, लिवर और दोनों किडनी दान की गई। विकास के भतीजे प्रतीक ने बताया कि चाचाजी के अंगों के माध्यम से अन्य जरूरतमंद मरीजों को जीवन का अनमोल अवसर मिल सकता है। इसलिए परिवार ने अंगदान करने का फैसला लिया। प्रतीक ने बताया कि चाचा जी का हृदय चेन्नई के एमजीएम हेल्थकेयर अस्पताल और लीवर इंदौर के सीएचएल अस्पताल भेजा गया। दोनों किडनी भोपाल के जरूरतमंद मरीजों को दी गईं।
हृदय को एम्स भोपाल से राजा भोज एयरपोर्ट तक पहुंचाने के लिए ग्रीन कॉरिडोर बनाया गया। मध्य प्रदेश पुलिस ने पूरे मार्ग पर यातायात व्यवस्था संभाली, जिससे हृदय समय पर एयरपोर्ट पहुंचा और विशेष विमान से चेन्नई भेजा गया। वहीं लीवर को भोपाल से इंदौर पहुंचाने के लिए भी ग्रीन कॉरिडोर बनाया गया। प्रशासन और पुलिस के समन्वय से लीवर को समय पर सीएचएल अस्पताल पहुंचाया गया।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की पहल पर अंगदाता को गार्ड ऑफ ऑनर देकर सम्मानित किया गया। इसके बाद सभी चिकित्सकीय और प्रशासनिक प्रक्रियाएं पूरी कर पार्थिव शरीर पूरे सम्मान और गरिमा के साथ परिजनों को सौंप दिया गया। शव का अंतिम संस्कार शुक्रवार को भोपाल में ही होगा।
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हिन्दुस्थान समाचार / मुकेश तोमर