सिंधिया राजपरिवार के संपत्ति विवाद में नया मोड़, ज्योतिरादित्य की बड़ी बुआ प्रतिमा देवी का दावा सुनवाई में शामिल

युगवार्ता    10-Sep-2026
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ग्वालियर जिला न्यायालय


सिंधिया का महल


ग्वालियर, 10 सितम्बर (हि.स.)। मध्य प्रदेश के ग्वालियर के सिंधिया राजपरिवार की करीब 41 हजार करोड़ रुपये की संपत्ति के बंटवारे से जुड़े विवाद में गुरुवार को नया मोड़ आ गया है। ग्वालियर जिला न्यायालय ने केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया की बड़ी बुआ प्रतिमा देवी का आवेदन स्वीकार कर लिया है। इसके साथ ही संपत्ति पर उनके दावे को भी मामले की मुख्य सुनवाई में शामिल कर लिया गया है।

हालांकि, कोर्ट के इस आदेश को प्रतिमा देवी के पक्ष में संपत्ति का हिस्सा दिए जाने का फैसला नहीं माना जा सकता। कोर्ट ने फिलहाल उनके दावे को सुनवाई योग्य माना है। अब प्रतिमा देवी अपने दावे और उसके आधार से जुड़े दस्तावेज कोर्ट के सामने पेश कर सकेंगी। इसके बाद दोनों पक्षों की दलीलों और कानूनी बहस के आधार पर तय होगा कि संपत्ति में उनका अधिकार कितना है।

गुरुवार को प्रतिमा देवी की ओर से उनके दामाद प्रतीक कारकी कोर्ट में उपस्थित हुए और उनका पक्ष रखा। प्रतिमा देवी का कहना है कि उनकी मां पद्माराजे सिंधिया सिंधिया राजपरिवार की बेटी थीं। इसी पारिवारिक अधिकार के आधार पर उन्होंने विवादित संपत्ति में बराबर हिस्से का दावा किया है। आवेदन स्वीकार होने के बाद अब संपत्ति बंटवारे के मामले में प्रतिमा देवी के दावे पर भी सुनवाई होगी। इससे मामले में पक्षकारों और संपत्ति पर किए जा रहे दावों का दायरा बढ़ गया है।

प्रतिमा देवी ने इससे पहले वसीयत और उससे जुड़े दस्तावेजों की जानकारी नहीं दिए जाने पर आपत्ति जताई थी। उनका कहना था कि उन्हें मामले से जुड़े जरूरी दस्तावेज उपलब्ध नहीं कराए गए। उन्होंने कोर्ट के नोटिस भेजे जाने के तरीके पर भी सवाल उठाया था।

प्रतिमा देवी काठमांडू में रहती हैं। उनका दावा है कि कुछ नोटिस नेपालगंज के पते पर भेजे गए, जिसके कारण उन्हें मामले की पूरी जानकारी समय पर नहीं मिल सकी। उनकी आपत्तियों पर दूसरे पक्ष की ओर से कोर्ट में जवाब दिया गया है। इसमें समझौते में प्रतिमा देवी की सहमति होने और संबंधित दस्तावेजों पर उनके हस्ताक्षर होने का दावा किया गया है।

अब इन दावों और दस्तावेजों को लेकर दोनों पक्षों के बीच कानूनी बहस होगी। गुरुवार की सुनवाई के बाद कोर्ट ने अगली सुनवाई के लिए 7 अक्टूबर की तारीख तय की है। इस तारीख पर संपत्ति बंटवारे, प्रतिमा देवी के दावे, वसीयत और कथित समझौते से जुड़े मुद्दों पर आगे सुनवाई होने की संभावना है।

फिलहाल कोर्ट ने केवल प्रतिमा देवी के दावे को सुनवाई में शामिल किया है। संपत्ति में उनका वास्तविक अधिकार कितना है और बराबर हिस्से का उनका दावा स्वीकार होगा या नहीं, इसका फैसला आगे की सुनवाई के बाद ही होगा।

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हिन्दुस्थान समाचार / मुकेश तोमर

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