

लखनऊ, 10 सितंबर (हि.स.)। समाजवादी पार्टी (सपा) के वरिष्ठ नेता आजम खां की कानूनी मुश्किलें कम होती नहीं दिख रही हैं। राज्य हज समिति की जमीन की बिक्री में कथित अनियमितता के मामले में विजिलेंस के लखनऊ सेक्टर ने आजम खां समेत पांच लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है। जांच में हज समिति को करीब 2.08 करोड़ रुपये के राजस्व नुकसान की बात सामने आई है।
मामले में आजम खां के अलावा तत्कालीन समिति सचिव लईक अहमद और डॉ. एमएए खान, आमिश डेवलपर्स के प्रोपराइटर मो. अयूब तथा मुस्तकीम अहमद को आरोपी बनाया गया है। विजिलेंस के अनुसार, आरोपियों ने निजी फर्म को लाभ पहुंचाने के लिए अपने पद का दुरुपयोग किया और जमीन की बिक्री में निर्धारित नियमों की अनदेखी की।
शासन ने तीन मई 2024 को मामले की जांच के आदेश दिए थे। जांच में अनियमितताओं की पुष्टि के बाद विजिलेंस ने धोखाधड़ी और भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज किया। मामले की विवेचना इंस्पेक्टर संजय कुमार सिंह को सौंपी गई है।
उल्लेखनीय है कि आजम खां फिलहाल बेटे अब्दुल्ला आजम के दो पैनकार्ड से जुड़े मामले में मिली सजा के चलते जेल में हैं। स्थानीय एमपी-एमएलए अदालत ने आजम खां को 10 साल और अब्दुल्ला आजम को सात साल की सजा सुनाई है। दोनों ने फैसले के खिलाफ हाईकोर्ट में अपील के साथ जमानत अर्जी भी दाखिल की है।
हज समिति की जमीन से जुड़ा यह नया मुकदमा ऐसे समय दर्ज हुआ है, जब आजम खां की ओर से हाईकोर्ट में जमानत की कोशिश की जा रही है। नए मामले के बाद उनकी कानूनी स्थिति और जटिल हो गई है। हालांकि, इस एफआईआर का उनकी रिहाई पर सीधा असर क्या होगा, यह आगे की न्यायिक प्रक्रिया और अदालत के आदेश पर निर्भर करेगा।
---------------
हिन्दुस्थान समाचार / मोहित वर्मा