दुर्गापूजा के स्टॉल पर ‘शारदोत्सव’ लिखने पर रोक, शुभेंदु ने कहा- ‘दुर्गापूजा’ ही लिखना होगा

युगवार्ता    10-Sep-2026
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शुभेंदु अधिकारी


कोलकाता, 10 सितंबर (हि.स.)। पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने दुर्गापूजा के दौरान लगाए जाने वाले स्टॉल और आयोजनों के नाम को लेकर कड़ा संदेश दिया है। गुरुवार को विधानसभा में उन्होंने कहा कि दुर्गापूजा के अवसर पर लगाए जाने वाले स्टॉल पर ‘शारदोत्सव’ के बजाय ‘दुर्गापूजा’ लिखा जाना चाहिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि दुर्गापूजा की जगह ‘शारदोत्सव’ लिखे जाने वाले स्टॉल को अनुमति नहीं दी जाएगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि दुर्गापूजा को ‘सार्वजनिक उत्सव’ के रूप में मनाया जाता है और इसके आयोजन में धार्मिक पहचान के आधार पर किसी प्रकार का भेदभाव स्वीकार नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि पूजा के दौरान सभी समुदायों के लोगों को अपने धार्मिक विश्वास और परंपराओं का पालन करने की स्वतंत्रता होनी चाहिए।

विधानसभा में मुख्यमंत्री ने राजनीतिक विरोध-प्रदर्शन, कानून-व्यवस्था और धार्मिक पहचान से जुड़े मुद्दों पर भी अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि किसी भी परिस्थिति में धार्मिक पहचान के आधार पर किसी विशेष समुदाय या समूह को निशाना नहीं बनाया जाना चाहिए।

उन्होंने कहा कि यदि किसी विरोध-प्रदर्शन के दौरान तनावपूर्ण स्थिति पैदा होती है तो कानून-व्यवस्था बनाए रखने की जिम्मेदारी पुलिस की है। जनप्रतिनिधियों को हाथ में लाठी लेकर सड़क पर उतरने की जरूरत नहीं है। उन्होंने राजनीतिक मतभेदों के बावजूद हिंसा और तनाव पैदा करने से बचने की अपील की तथा शांति बनाए रखने पर जोर दिया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि भगवा वस्त्र पहनने, शिखा रखने या धार्मिक माला धारण करने वाले किसी व्यक्ति को उसकी धार्मिक पहचान के आधार पर निशाना नहीं बनाया जा सकता। उन्होंने कहा कि मुस्लिम, हिंदू, बौद्ध अथवा किसी अन्य धर्म के लोगों को अपने-अपने धर्म का पालन करने की स्वतंत्रता होनी चाहिए।

दुर्गापूजा समितियों का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि पूजा के आयोजन और सरकारी सहायता से संबंधित निर्धारित नियमों का पालन करना होगा। उन्होंने स्पष्ट संकेत दिया कि नियमों का उल्लंघन करने वाले आयोजनों या स्टॉल के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।---------------

हिन्दुस्थान समाचार / ओम पराशर

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