
भोपाल, 11 सितंबर (हि.स.)। मध्य प्रदेश के विदिशा जिले में विभिन्न स्वास्थ्य सेवाओं का फील्ड विजिट हुआ। इस दौरान विभिन्न देशों से आए डब्ल्यूडीएफ प्रतिनिधिमंडल के सदस्यों ने विदिशा जिले का भ्रमण कर जेस्टेशनल डायबिटीज़ मेलाइटस (जीडीएम) तथा गैर-संचारी रोगों (एनसीडी) से संबंधित सेवाओं के जमीनी स्तर पर हो रहे क्रियान्वयन का प्रत्यक्ष अवलोकन किया।
प्रतिनिधिमंडल में डब्ल्यूडीएफ बोर्ड के अध्यक्ष डॉ. अनिल कपूर, उपाध्यक्ष एलिन जैगर, टीना गैमेलटॉफ़, कौशिक रामिया, बेंटे मिकाल्सन, सोबिया अकरम, बेनेट स्ट्रेंज, एल्सा मोरंडैट, डॉ. राधा वालुलिकर एवं अन्ना थबुइस शामिल रहे।
भ्रमण के दौरान प्रतिनिधिमंडल ने विकासखंड विदिशा के आंगनवाड़ी केंद्र छीरखेड़ा तथा आयुष्मान आरोग्य मंदिर बागरी का निरीक्षण किया। यहां उन्होंने सामुदायिक एवं प्राथमिक स्वास्थ्य देखभाल स्तर पर संचालित जेस्टेशनल डायबिटीज़ मेलाइटस की स्क्रीनिंग, रेफरल तथा फॉलो-अप सेवाओं का प्रत्यक्ष अवलोकन किया। प्रतिनिधिमंडल के सदस्यों ने फ्रंटलाइन स्वास्थ्य सेवा प्रदाताओं से संवाद कर सेवाओं के संचालन, लाभार्थियों तक पहुंच तथा स्वास्थ्य प्रणाली के साथ इनके एकीकरण की जानकारी प्राप्त की।
फील्ड विजिट के माध्यम से प्रतिनिधिमंडल को यह समझने का अवसर मिला कि किस प्रकार जीडीएम एवं एनसीडी से संबंधित सेवाओं को नियमित स्वास्थ्य सेवाओं में एकीकृत करते हुए समुदाय स्तर तक पहुंचाया जा रहा है। इस दौरान स्वास्थ्य सेवा प्रदाताओं द्वारा गर्भवती महिलाओं की स्क्रीनिंग, आवश्यकतानुसार रेफरल एवं उपचार के बाद फॉलो-अप जैसी सेवाओं के संबंध में जानकारी दी गई।
डब्ल्यूडीएफ बोर्ड ने मध्य प्रदेश में जीडीएम सेवाओं को मजबूत एवं संस्थागत बनाने में स्वास्थ्य विभाग मध्य प्रदेश की सहयोगी संस्था झपिएगो तथा डब्ल्यूएचओ की भूमिका की सराहना की। बोर्ड सदस्यों ने राज्य, जिला एवं विकासखंड स्तर के अधिकारियों, स्वास्थ्य सेवा प्रदाताओं तथा कार्यक्रम से जुड़ी टीमों के सहयोगात्मक प्रयासों की प्रशंसा की।
प्रतिनिधिमंडल ने कहा कि जीडीएम सेवाओं एवं गैर-संचारी रोगों से संबंधित कार्यक्रमों के प्रभावी क्रियान्वयन के साथ गुणवत्तापूर्ण मातृ स्वास्थ्य सेवाओं तक पहुंच बढ़ाने के लिए विभिन्न स्तरों पर किया जा रहा समन्वय महत्वपूर्ण है। उन्होंने जमीनी स्तर पर स्वास्थ्य सेवाओं के बेहतर क्रियान्वयन और समुदाय तक उनकी पहुंच को सकारात्मक पहल बताया।
डब्ल्यूडीएफ बोर्ड ने मध्य प्रदेश के मजबूत स्वास्थ्य सेवा तंत्र तथा राज्य, जिला, विकासखंड और सामुदायिक स्तर पर कार्य कर रही फील्ड टीमों के प्रयासों की सराहना की। प्रतिनिधिमंडल ने कहा कि जीडीएम सेवाओं को सार्वजनिक स्वास्थ्य प्रणाली के भीतर प्रभावी रूप से लागू करने और उनका विस्तार करने के क्षेत्र में मध्यप्रदेश का अनुभव महत्वपूर्ण है।
फील्ड विजिट ने यह भी प्रदर्शित किया कि संस्थागत स्वास्थ्य सेवाओं के साथ सामुदायिक स्तर की व्यवस्थाओं को जोड़कर गर्भवती महिलाओं एवं अन्य लाभार्थियों को समय पर जांच, रेफरल और फॉलो-अप सेवाएं उपलब्ध कराई जा सकती हैं। डब्ल्यूडीएफ बोर्ड ने मध्यप्रदेश में संचालित इस व्यवस्था को सार्वजनिक स्वास्थ्य प्रणाली में जीडीएम सेवाओं के विस्तार के लिए एक प्रभावी मॉडल के रूप में देखा।
यह विजिट मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. रामहित कुमार के मार्गदर्शन में संपन्न हुई। इस अवसर पर जिला टीकाकरण अधिकारी डॉ. हेमंत पंचोली, विकासखंड चिकित्सा अधिकारी डॉ. विकास सिंह बघेल सहित जिले एवं विकासखंड स्तर के अन्य अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे।
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हिन्दुस्थान समाचार / मुकेश तोमर