ब्रिक्स बाजार में दिखी भारत-ईरान की सांस्कृतिक झलक

युगवार्ता    12-Sep-2026
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ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन की बेटी जहरा पेजेशकियन ब्रिक्स बाजार में


नई दिल्ली, 12 सितंबर (हि.स.)। राष्ट्रीय शिल्प संग्रहालय में आयोजित ‘ब्रिक्स बाजार’ में भारत और ईरान के बीच सांस्कृतिक जुड़ाव की झलक देखने को मिली। ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियन की बेटी जहरा पेजेश्कियन अपने पति हसन मजीदी के साथ ईरान पवेलियन पहुंचीं।

इस दौरान केंद्रीय महिला एवं बाल विकास मंत्री अन्नपूर्णा देवी ने जहरा पेजेश्कियन का स्वागत किया और उन्हें ब्रिक्स बाजार का भ्रमण कराया। उन्होंने ब्रिक्स के सदस्य और साझेदार देशों की ओर से प्रदर्शित कला, हस्तशिल्प, पारंपरिक वस्तुओं और सांस्कृतिक विरासत को करीब से देखा। उन्होंने वहां मौजूद कारीगरों और प्रतिनिधियों से बातचीत की तथा उनके द्वारा प्रदर्शित कला और हस्तशिल्प के बारे में जानकारी ली।

दिल्ली के क्राफ्ट्स म्यूजियम में आयोजित इस प्रदर्शनी में 18 देशों के 40 से अधिक कारीगर, डिजाइनर और रचनात्मक क्षेत्र से जुड़ी कंपनियां अपनी पारंपरिक कला और हस्तशिल्प का प्रदर्शन कर रही हैं। यह प्रदर्शनी 15 सितंबर तक चलेगी। ब्रिक्स सम्मेलन के दौरान कई विदेशी मेहमानों और उनके परिवार के सदस्यों के भी इस प्रदर्शनी का दौरा करने की उम्मीद है।

ब्रिक्स बाजार में चीन की सूझोउ कढ़ाई, इंडोनेशिया की पारंपरिक बुनाई, नाइजीरिया की लकड़ी और लौकी से बनी कलाकृतियां तथा दक्षिण अफ्रीका की जुलू चमड़ा कला समेत विभिन्न देशों की प्रामाणिक कला, हस्तशिल्प, हथकरघा, वस्त्र और कलाकृतियां प्रदर्शित की जा रही हैं। यहां आने वाले विदेशी डेलीगेट्स को कारीगरों को अपनी कला का निर्माण करते हुए देखने का अवसर भी मिल रहा है। इसके अलावा विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं।

भारत की ओर से भी चार कारीगर अपनी पारंपरिक कलाओं का प्रदर्शन कर रहे हैं। इनमें रियाज अहमद कश्मीरी पेपर मेश, मोहम्मद बिलाल खत्री ब्लॉक प्रिंट, करण सिंह टेराकोटा कला और शादाब अहमद लाख की चूड़ियां बनाने की कला प्रस्तुत कर रहे हैं।

ब्रिक्स के सदस्य और साझेदार देशों के लिए लगाए गए स्टॉल के अलावा मेजबान भारत ने देश की सांस्कृतिक विविधता को प्रदर्शित करने के लिए अलग-अलग राज्यों के विशेष कोने भी बनाए हैं। प्रदर्शनी स्थल पर जम्मू-कश्मीर की झोपड़ी, राजस्थान का आंगन, गुजरात की झोपड़ी, ओडिशा का आंगन, बंगाल की झोपड़ी और बिहार का आंगन तैयार किया गया है।

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हिन्दुस्थान समाचार / विजयालक्ष्मी

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