
चेंगदू (चीन), 13 सितंबर (हि.स.)। भारत की 15 वर्षीय बैडमिंटन खिलाड़ी तन्वी पात्री ने रविवार को शानदार प्रदर्शन करते हुए बैडमिंटन एशिया अंडर-17 और अंडर-15 जूनियर चैंपियनशिप में लड़कियों के अंडर-17 सिंगल्स का खिताब अपने नाम कर लिया। ऑल-इंडियन फाइनल में तन्वी ने हमवतन शायना मणिमुथु को 11-15, 15-10, 15-12 से मात दी।
ओडिशा की तन्वी के लिए यह जीत 2026 के शानदार सीजन में एक और बड़ी उपलब्धि है। उन्होंने इससे पहले पॉलीट्रॉन पोंटियानक इंटरनेशनल चैलेंज बैडमिंटन टूर्नामेंट के महिला एकल का खिताब जीता था। साल की शुरुआत में युवा खिलाड़ी ने बेंगलुरु में आयोजित ऑल इंडिया जूनियर अंडर-19 बैडमिंटन रैंकिंग टूर्नामेंट में भी खिताब अपने नाम किया था। अब उन्होंने 2024 में जीते अंडर-15 एशियन खिताब के बाद अंडर-17 का खिताब अपनी झोली में डाल लिया है।
तन्वी ने क्वार्टर फाइनल में चीन की लिन हेंग मेन को लगातार दो गेम में 15-8, 15-8 से मात दी। सेमीफाइनल में कड़ी चुनौती मिली, लेकिन निर्णायक गेम में संयम बनाए रखते हुए उन्होंने चीन की यू यिंग गुई को 15-9, 11-15, 15-11 से हराकर फाइनल में जगह बनाई थी।
दूसरी ओर, शायना मणिमुथु ने भी शानदार प्रदर्शन करते हुए फाइनल तक का सफर तय किया था। शायना ने क्वार्टर फाइनल में जापान की युई इताबाशी को हराया। इसके बाद सेमीफाइनल में उन्होंने एक अन्य जापानी शटलर एनोन ओकिमोटो को 15-13, 15-12 से मात दी थी।
वर्ष 2025 में दीक्षा सुधाकर की ऐतिहासिक जीत के बाद पात्री की जीत ने लगातार दूसरे साल अंडर-17 एकल की ट्रॉफी भारत के नाम कर दी। पिछले साल अंडर-15 एशियन खिताब जीतने वाली मणिमुथु ने शानदार प्रदर्शन के साथ रजत पदक जीता।
अंडर-15 वर्ग में पदकों की संख्या बढ़ाते हुए, लड़कों के युगल जोड़ी आदित्य सिंह नेगी और तन्मय वर्मा ने कांस्य पदक हासिल किया। भारतीय जोड़ी शनिवार को सेमीफाइनल में चीन के बो लिन हो और जुई एन होउ की जोड़ी से 5-15, 10-15 से हारकर टूर्नामेंट से बाहर हो गई थी। इसके साथ ही भारतीय दल का महाद्वीपीय अभियान समाप्त हो गया।--------------
हिन्दुस्थान समाचार / वीरेन्द्र सिंह