
सना/रियाद/वाशिंगटन/तेहरान, 13 सितंबर (हि.स.)। यमन के लाल सागर तट पर सामरिक और रणनीतिक दृष्टि से सबसे अहम 'बाब अल मंदेब' चोकपॉइंट को लेकर लड़ाई जारी है। हूती लड़ाके और सऊदी अरब एक-दूसरे पर हमले कर रहे हैं। इस बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि हूती ने वाशिंगटन से संपर्क करके कहा है कि वह यमन की अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त सरकार के खिलाफ चल रहे संघर्ष में दखल न दे।
अल जजीरा और सीबीएस न्यूज की रिपोर्ट के अनुसार, ईरान की सीमा से उड़ाए गए एक ड्रोन ने सऊदी अरब में ईस्ट-वेस्ट ऑयल पाइपलाइन को निशाना बनाया है। इसके बाद इराक ने ईरान के साथ अपनी तीन सीमा क्रॉसिंग को कुछ समय के लिए बंद कर दिया है। रियाद ने तुरंत कोई जवाबी कार्रवाई करने के बजाय एहतियात के तौर पर पाइपलाइन को बंद कर दिया है। होर्मुज जलडमरूमध्य पर चर्चा करने के लिए ईरान की सोमवार को ओमान में खाड़ी देशों के साथ बैठक होने की उम्मीद है।
सऊदी सिविल डिफेंस ने बताया है कि यमन के हूती विद्रोहियों ने एक प्रोजेक्टाइल सऊदी अरब के दक्षिणी जाजान इलाके में दागा। इसमें दो लोग घायल हो गए और एक मस्जिद व कई इमारतों को नुकसान पहुंचा। सिविल डिफेंस के प्रवक्ता ने आम नागरिकों से जुड़ी जगह को निशाना बनाए जाने को अंतरराष्ट्रीय मानवीय कानून का खुला उल्लंघन बताया है। हूती ने दावा किया कि उनके हमले का निशाना दक्षिणी नज्रान प्रांत के शरूराह में स्थित सऊदी सैन्य अड्डा था।
हूती लड़ाकों ने यमन के समूचे लाल सागर तट पर नियंत्रण और रणनीतिक बंदरगाह शहर मोचा पर कब्जा कर लिया है। वहीं, यमन के सरकारी बलों ने अल-जौफ, मारिब और अल-बैदा में नए मोर्चे खोले हैं। इंटरनेशनल ऑर्गनाइजेशन फॉर माइग्रेशन और स्थानीय अधिकारियों के अनुसार, इस लड़ाई में अब तक 500 से ज्यादा लोग मारे गए हैं और हजारों लोग विस्थापित हुए हैं। संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद ने इस संकट पर चिंता जता चुका है।
सऊदी अरब समर्थित यमन के सरकारी बलों ने कहा कि उन्होंने मोचा को हूती के नियंत्रण से मुक्त कराने के लिए हमले शुरू कर दिए हैं। एक प्रवक्ता ने बताया कि हथियारों और वाहनों को नष्ट कर दिया गया और तमाम हूती लड़ाके मारे गए। सूत्रों ने बताया कि सऊदी क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान ने व्यक्तिगत रूप से राष्ट्रपति ट्रंप से हूती विद्रोहियों के खिलाफ सैन्य कार्रवाई करने का आग्रह किया है। हाल के दिनों में ट्रंप और क्राउन प्रिंस के बीच बिगड़ते हालात पर कई बार बातचीत हुई है।
दूसरी ओर ईरान के सरकारी मीडिया ने बताया कि शनिवार को होर्मुज जलडमरूमध्य में स्थित केशम द्वीप के तट के पास धमाकों की आवाज सुनी गई। इससे पहले अमेरिकी हमलों के जवाब में ईरान ने खाड़ी देशों में अमेरिकी ठिकानों और रणनीतिक जलमार्ग से गुजरने वाले तेल टैंकरों को निशाना बनाया है। अमेरिका ने भी उन जहाजों को निशाना बनाया जो ईरानी बंदरगाहों की उसकी जवाबी नाकेबंदी को तोड़ने की कोशिश कर रहे थे।
इस बीच हूती ने दावा किया कि कब्जे में लिए गए इलाकों में 200 से ज्यादा कैदियों को आजाद कराया है। हूती अधिकारी अब्देलकादर अल-मुर्तदा ने कहा कि यह युद्ध बंदी थे, जिन्होंने आठ साल तक जेल में बिताए। राजधानी सना में एक सम्मेलन में मुर्तदा ने कहा, हमने पश्चिमी तट पर सऊदी दुश्मन की जेलों से आजाद कराए गए अपने 210 कैदियों का स्वागत किया है।
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हिन्दुस्थान समाचार / मुकुंद