दिशा सालियान मौत मामले में सीबीआई ने दर्ज की एफआईआर, जांच के दायरे में कई लोगों की भूमिका

युगवार्ता    14-Sep-2026
Total Views |

मुंबई, 14 सितंबर (हि.स.)। बॉम्बे उच्च न्यायालय के निर्देश के बाद केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने दिवंगत अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत की पूर्व मैनेजर दिशा सालियान की मौत के मामले में प्राथमिकी (एफआईआर) दर्ज की है। एफआईआर में शिवसेना (यूबीटी) अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे, पूर्व मंत्री आदित्य ठाकरे, पूर्व गृह मंत्री अनिल देशमुख, मुंबई के पूर्व पुलिस आयुक्त परमबीर सिंह, पूर्व पुलिस अधिकारी सचिन वाझे और अभिनेता डीनो मोरिया समेत 33 से अधिक लोगों के नाम शामिल किए गए हैं। सीबीआई ने मामले की जांच शुरू कर दी है।

सीबीआई के अनुसार, एफआईआर में हत्या, सामूहिक दुष्कर्म, आपराधिक साजिश, साक्ष्य नष्ट करने और आरोपियों को कथित तौर पर बचाने के लिए गलत जानकारी फैलाने जैसे गंभीर आरोपों की जांच की जा रही है। हालांकि, एफआईआर में किसी व्यक्ति का नाम दर्ज होना अपने आप में उसके खिलाफ अपराध साबित नहीं करता। आरोपों की जांच के बाद ही आगे की कानूनी कार्रवाई तय होगी।

जांच का दायरा दिशा सालियान की मौत की परिस्थितियों के साथ-साथ मामले को कथित तौर पर दबाने और जांच को प्रभावित करने से जुड़े पहलुओं तक रखा गया है। सीबीआई यह भी जांच करेगी कि क्या किसी सरकारी कर्मचारी या पुलिस अधिकारी ने सरकारी संसाधनों, पुलिस मशीनरी, दस्तावेजों अथवा आधिकारिक रिकॉर्ड का कथित तौर पर दुरुपयोग किया था। रिकॉर्ड से छेड़छाड़, दस्तावेजों को नष्ट करने या दबाने तथा जांच को प्रभावित करने के आरोपों की भी पड़ताल की जाएगी।

सीबीआई की जांच के दायरे में आदित्य ठाकरे, रोहन रॉय, डीनो मोरिया, सूरज पंचोली, आदित्य ठाकरे के अंगरक्षक, रिया चक्रवर्ती, शोविक चक्रवर्ती, सचिन वाझे, परमबीर सिंह, पुलिस उपायुक्त विशाल ठाकुर, उद्धव ठाकरे, तत्कालीन गृह मंत्री अनिल देशमुख समेत अन्य लोगों की भूमिका भी शामिल बताई गई है। इसके अलावा अशोक देवधे, जगदेव कलापद, शैलेंद्र नागरकर, चिमाजी आढव और अर्जुन राजने तथा मालवणी पुलिस थाने से जुड़े अधिकारियों की भूमिका की भी जांच की जा रही है।

सीबीआई की एफआईआर में दिशा सालियान के पोस्टमार्टम में कथित देरी से जुड़े डॉक्टरों और कर्मचारियों के अलावा डॉ. संजय जाधव तथा कलिना स्थित फोरेंसिक साइंस लेबोरेटरी के संबंधित अधिकारियों का भी उल्लेख किया गया है। इनमें सहायक रासायनिक विश्लेषक एन. पी. भाले का नाम भी शामिल बताया गया है।

उल्लेखनीय है कि मालाड स्थित इमारत से गिरने के बाद दिशा सालियान की मौत हुई थी। इसके बाद मालवणी पुलिस ने मामले की जांच की और अदालत में क्लोजर रिपोर्ट दाखिल की थी। दिशा सालियान के पिता ने बाद में बॉम्बे उच्च न्यायालय में याचिका दायर कर मामले की सीबीआई जांच की मांग की थी।

उच्च न्यायालय के निर्देश के बाद सीबीआई ने अब एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू की है। कानूनी प्रक्रिया के तहत एफआईआर में नाम दर्ज होने मात्र से किसी व्यक्ति को दोषी नहीं माना जा सकता। दिशा सालियान के पिता ने एफआईआर दर्ज होने के बाद कहा कि उन्हें अब न्याय मिलने की उम्मीद जगी है।----------

हिन्दुस्थान समाचार / राजबहादुर यादव

Tags