चीन सीमा तक सड़क बहाल करना नेपाल सरकार की पहली प्राथमिकता

युगवार्ता    14-Sep-2026
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बाढ़ से बह गई सड़क


काठमांडू, 14 सितंबर (हि.स.)। नेपाल सरकार ने चीन से सटी अपनी सीमा रसुवा के स्याफ्रुबेसी बाजार तक सड़क संपर्क बहाल करने को पहली प्राथमिकता देते हुए काम तेज कर दिया है।

नेपाल में 26 अगस्त को आई बाढ़ के कारण सड़क और पुल बह जाने से नुवाकोट के त्रिशूली से चीन सीमा स्थित रसुवागढ़ी तक सड़क संपर्क पूरी तरह बंद हो गया है। सड़क के साथ-साथ सीमा क्षेत्र में मौजूद कई अन्य बुनियादी ढांचे भी बाढ़ में बह गए हैं। चीन के साथ व्यापार के लिए सबसे भरोसेमंद माने जाने वाले रसुवागढ़ी सीमा नाके को भी बाढ़ के बाद से बंद कर दिया गया है।

सरकारी अधिकारियों का निष्कर्ष है कि करीब 12 साल पहले नेपाल और चीन के बीच आधुनिक व्यापार के लिए शुरू किया गया यह उत्तरी सीमा नाका फिलहाल तुरंत संचालित करने की स्थिति में नहीं है। बाढ़ से सीमा क्षेत्र में भारी तबाही होने के कारण सरकार की तत्काल प्राथमिकता सीमा नाका खोलने के बजाय स्थानीय लोगों की आवाजाही बहाल करना है।

पूर्वाधार विकास मंत्रालय के सचिव गोपालप्रसाद सिग्देल ने कहा कि पहले नुवाकोट के त्रिशूली से रसुवा के स्याफ्रुबेसी तक सड़क संपर्क बहाल किया जाएगा। उन्होंने कहा, “सीमा तक पहुंचने और व्यापारिक गतिविधियां शुरू करने से पहले स्थानीय लोगों की आवाजाही आसान बनाना जरूरी है। हमारी पहली प्राथमिकता यही है। स्याफ्रुबेसी तक सड़क बहाल होने के बाद आगे की योजना बनाई जाएगी।”

फिलहाल नुवाकोट के त्रिशूली से वेत्रावती जाने का सीधा रास्ता नहीं है। त्रिशूली से वेत्रावती करीब 10 किलोमीटर दूर है, लेकिन वेत्रावती बाजार पहुंचने से पहले ही सड़क बाढ़ में बह गई है। वेत्रावती में फलाकु खोला के ऊपर बना पुल भी बाढ़ में बह चुका है। इन दोनों स्थानों को बहाल किए जाने के बाद ही नुवाकोट होते हुए रसुवा पहुंचना संभव होगा।

सचिव सिग्देल के मुताबिक वेत्रावती में पुराने पुल की जगह की पहचान कर ली गई है और वहां 75 मीटर लंबा बेलिब्रिज करीब दो सप्ताह में तैयार करने की योजना है। वहीं, बट्टार से वेत्रावती जाने वाली सड़क भी बाढ़ में बह गई है, जिसकी मरम्मत कुछ मुश्किल है। हालांकि, वहां नया ट्रैक खोलने का काम भी जल्द शुरू किया जाएगा।

सड़क का नया ट्रैक खोलने और वेत्रावती में बेलिब्रिज लगाने का काम पूरा होने के बाद रसुवा के धुन्चे होते हुए 12 घुम्ती तक पहुंचने का रास्ता खुल जाएगा। वेत्रावती पार करने के बाद करीब 52 किलोमीटर सड़क पहले से पक्की है। वेत्रावती से धुन्चे की दूरी करीब 40 किलोमीटर और धुन्चे से स्याफ्रुबेसी की दूरी करीब 12 किलोमीटर है।

स्याफ्रुबेसी पहुंचने के लिए धुन्चे से 12 घुम्ती पार करने के बाद भोटेकोसी नदी पर एक पुल बनाना होगा। पूर्वाधार मंत्रालय ने यहां 75 से 100 मीटर लंबा बेलिब्रिज लगाने की योजना बनाई है।

सिग्देल ने कहा कि रसुवागढ़ी जाने वाले पुराने मार्ग को स्याफ्रुबेसी तक बहाल करने पर स्थानीय लोगों को भी बेहतर कनेक्टिविटी मिलेगी। उन्होंने कहा कि वेत्रावती के आसपास सड़क तैयार होने के बाद धुन्चे होते हुए 12 घुम्ती तक पहुंचा जा सकेगा और 12 घुम्ती के बाद भोटेकोसी नदी पर 75 या 100 मीटर का बेलिब्रिज लगाने से स्याफ्रुबेसी तक सड़क संपर्क बहाल किया जा सकेगा।

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हिन्दुस्थान समाचार / पंकज दास

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