ब्रिक्स की ऐतिहासिक सफलता से कांग्रेस के ‘दिमागी नक्सल’ ‘नाराज फूफा’ बौखलाए : तरुण चुग

युगवार्ता    15-Sep-2026
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भाजपा सांसद तरुण चुग


नई दिल्ली, 15 सितंबर (हि.स.)। राज्यसभा सांसद एवं भाजपा के राष्ट्रीय मुख्यालय प्रभारी तरुण चुग ने ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में रात्रि भोज मेन्यू को लेकर कांग्रेस की टिप्पणियों पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि भारत की बढ़ती कूटनीतिक शक्ति और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के वैश्विक नेतृत्व की स्वीकार्यता से कांग्रेस के ‘दिमागी नक्सल’ बौखला गए हैं।

उन्होंने कहा कि जिस ब्रिक्स सम्मेलन ने दुनिया के सामने भारत को एक निर्णायक वैश्विक शक्ति और क्षेत्र के ग्लोबल इंजन के रूप में स्थापित किया, कांग्रेस को उसमें भी केवल खाने की थाली दिखाई दे रही है।

चुग ने कहा कि ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में आतंकवाद के खिलाफ स्पष्ट और मजबूत संदेश, पहलगाम आतंकी हमले की निंदा, सीमा पार आतंकवाद के खिलाफ जीरो टॉलरेंस पर सहमति और भारत की शांति, संवाद एवं कूटनीति की नीति को मिला वैश्विक समर्थन प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में भारत की ऐतिहासिक कूटनीतिक उपलब्धि है। लेकिन कांग्रेस के पास इस सफलता पर बोलने के लिए कुछ नहीं है, इसलिए वह डिनर के मेन्यू पर राजनीति कर रही है।

उन्होंने जारी बयान में कहा कि कांग्रेस की हालत ऐसी हो गई है कि पूरी दुनिया भारत की कूटनीतिक सफलता देख रही है और कांग्रेस शादी में बैठे ‘नाराज़ फूफा’ की तरह सिर्फ खाने के मेन्यू पर नाराज़गी जता रही है।

चुग ने कहा कि कांग्रेस नेताओं द्वारा भारतीय भोजन और शाकाहारी परंपरा को जाति, क्षेत्र और विचारधारा से जोड़ना उनकी विकृत राजनीतिक मानसिकता को दर्शाता है। भारत की विविधता का सम्मान करने का अर्थ यह नहीं है कि भारतीय संस्कृति और परंपराओं का अपमान किया जाए। उन्होंने कहा कि कांग्रेस को यह स्वीकार करना चाहिए कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में भारत आज वह भारत नहीं है जिसकी विदेश नीति कांग्रेस के दौर में वैश्विक शक्तियों के इर्द-गिर्द घूमती थी। आज दुनिया भारत की बात सुनती है और भारत वैश्विक एजेंडा तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।

यूसीसी को लेकर असदुद्दीन ओवैसी के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए तरुण चुग ने कहा कि ओवैसी को यूसीसी में समानता नहीं, अपना वोट बैंक खतरे में दिखाई दे रहा है। उनकी पूरी राजनीति ही मुसलमानों में डर पैदा करने, हर सुधार को मुस्लिम विरोधी बताने और तुष्टिकरण की राजनीति को जिंदा रखने पर आधारित है। उन्होंने कहा कि यूसीसी किसी धर्म या समुदाय के खिलाफ नहीं है, बल्कि सभी नागरिकों के लिए समान अधिकार और समान कानून की बात करता है।

चुग ने कहा कि ओवैसी को संविधान की दुहाई देने से पहले संविधान के मूल सिद्धांत समानता को समझना चाहिए। प्रधानमंत्री मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह का उद्देश्य किसी की आस्था या धार्मिक पहचान को छीनना नहीं, बल्कि यह सुनिश्चित करना है कि कानून की नजर में हर नागरिक बराबर हो। उन्होंने कहा कि ओवैसी को समान नागरिक अधिकारों से समस्या नहीं होनी चाहिए, लेकिन उन्हें अपनी वोट बैंक की राजनीति के कमजोर पड़ने का डर जरूर दिखाई दे रहा है।

चुग ने कहा कि राहुल गांधी और ओवैसी जैसे नेता जब भी देश में कोई सुधार होता है, उसे समुदाय विशेष के खिलाफ साजिश बताकर समाज में भय पैदा करने की कोशिश करते हैं। उन्होंने कहा कि भारत की जनता अब तुष्टिकरण की इस राजनीति को भली-भांति समझ चुकी है। एक देश में नागरिकों के अधिकार और दायित्व धर्म के आधार पर अलग-अलग हों, यह समानता की भावना के अनुरूप नहीं हो सकता।

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हिन्दुस्थान समाचार / विजयालक्ष्मी

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