अमृत समूह से जुड़े पश्चिम बंगाल-मध्य प्रदेश के 17 ठिकानों पर ईडी की छापेमारी, अमित गांगुली गिरफ्तार

युगवार्ता    16-Sep-2026
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ईडी लोगो संग्रहित फोटो


नई दिल्ली, 16 सितंबर (हि.स.)। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने पश्चिम बंगाल और मध्य प्रदेश से जुड़े दो अलग-अलग मामलों में कार्रवाई की है। ईडी के कोलकाता क्षेत्रीय कार्यालय ने अमृत समूह की कंपनियों से जुड़े निदेशकों और प्रवर्तकों के कोलकाता तथा इंदौर स्थित 17 आवासीय और कार्यालय परिसरों पर धनशोधन निवारण कानून के तहत तलाशी और जब्ती की कार्रवाई की है। वहीं, जमीन हड़पने, दस्तावेजों में जालसाजी और जमीन के अभिलेखों में हेरफेर के मामले में ईडी ने अमित गांगुली को मंगलवार की रात गिरफ्तार किया है।

ईडी के अनुसार, अमृत समूह की कंपनियों और उसके निदेशकों ने विभिन्न जमा योजनाओं के नाम पर आम लोगों से बड़ी रकम एकत्र की। निवेशकों को अधिक रिटर्न देने का भरोसा दिया गया था, लेकिन कथित तौर पर वादा किया गया रिटर्न वापस नहीं किया गया। इसी मामले में समूह से जुड़े केसी दुजारी, काली किशोर बागची समेत अन्य निदेशकों और प्रवर्तकों के परिसरों पर तलाशी एवं जब्ती की कार्रवाई की जा रही है। कार्रवाई कोलकाता और इंदौर में स्थित कुल 17 आवासीय और कार्यालय परिसरों में की गई है।

एक अन्य मामले में ईडी ने अमित गांगुली को जमीन हड़पने, दस्तावेजों और जमीन के अभिलेखों में जालसाजी तथा पावर ऑफ अटॉर्नी से संबंधित अनियमितताओं के आरोप में गिरफ्तार किया है। ईडी की जांच के अनुसार, गांगुली ने अलग-अलग व्यक्तियों और संस्थाओं की संपत्तियों पर कथित तौर पर गैरकानूनी तरीकों से नियंत्रण हासिल किया।

ईडी के मुताबिक, इन तरीकों में फर्जी बोर्ड प्रस्तावों का इस्तेमाल, जाली हस्ताक्षर वाले बिक्री समझौतों की तैयारी, फर्जी दस्तावेज और विलेख तैयार करना, जमीन के अभिलेखों में हेरफेर तथा झूठे या फर्जी दावों के आधार पर दीवानी मुकदमे दायर करना शामिल है। जांच एजेंसी ने आरोप लगाया कि संबंधित जमीन मालिकों के वैध अधिकारों से इनकार करने के साथ ही अपने अधिकारों के लिए सामने आने वाले लोगों को धमकाने और शारीरिक बल के इस्तेमाल के तरीके भी अपनाए गए।

जांच में अमित गांगुली के खिलाफ पश्चिम बंगाल पुलिस में दर्ज 23 प्राथमिकी का भी पता चला है। ईडी के अनुसार, ये मामले संपत्तियों को कथित धोखाधड़ी और गैरकानूनी तरीकों से हासिल करने तथा उनके लेनदेन से जुड़े हैं। एजेंसी का कहना है कि इन मामलों से संपत्तियों पर नियंत्रण हासिल करने के लिए लगातार एक समान तरीके से गैरकानूनी गतिविधियां किए जाने का संकेत मिलता है।

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हिन्दुस्थान समाचार / प्रशांत शेखर

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