(अपडेट) इंदौर में जर्जर मकान तोड़ते समय गिरी दीवार, मलबे में दबने से चार महिलाओं की मौत

युगवार्ता    16-Sep-2026
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इंदौर में जर्जर मकान तोड़ते समय गिरी दीवार


- पांच घायल, मकान मालिक गिरफ्तार

इंदौर, 16 सितंबर (हि.स.)। मध्य प्रदेश के इंदौर जिले में सांवेर के टशन चौराहे के पास बुधवार शाम एक पुराने जर्जर मकान को तोड़ते समय उससे लगे दूसरे मकान की दीवार अचानक भरभराकर गिर गई। दीवार की चपेट में आने से वहां काम कर रहे मजदूर मलबे में दब गए। हादसे में चार महिलाओं की मौत हो गई, जबकि पांच लोग घायल हुए हैं।

सूचना मिलते ही पुलिस और नगर परिषद की टीम ने जेसीबी से मलबा हटाकर रेस्क्यू किया। मामले में मकान मालिक को गिरफ्तार किया गया है। जानकारी मिलने पर जल संसाधन मंत्री तुलसी सिलावट भी घटनास्थल पर पहुंचे। उन्होंने कहा कि सभी मृतकों के परिजन को मुआवजा दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि सांवेर के सभी जर्जर मकानों को चिन्हित कर तोड़ा जाएगा।

जानकारी के अनुसार, सांवेर के टशन चौराहे के पास बुधवार शाम करीब चार बजे एक जर्जर मकान तोड़ा जा रहा था। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक यह बिल्डिंग ‘नेताजी’ के नाम से प्रसिद्ध है। इसे तोड़ते समय पास के दूसरे मकान की पुरानी और जर्जर दीवार ढह गई। इसके नीचे मजदूर दब गए। हादसे के बाद मौके पर बड़ी संख्या में लोग जमा हो गए। सूचना मिलते ही पुलिस, प्रशासन और नगर परिषद की टीम मौके पर पहुंची। जेसीबी की मदद से मलबा हटाकर रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया गया। मलबे में दबे लोगों को बाहर निकालकर एंबुलेंस से अस्पताल पहुंचाया गया।

एसडीओपी देवेंद्र धुर्वे ने बताया कि हादसे में सांवेर निवासी सुशीला (50) पत्नी रमेश, रीना (30) पत्नी लखन, सीमा (30) पत्नी भेरूलाल और चंदा बाई (30) पत्नी राहुल सुनवाया की मौत हो गई। वहीं संतोषी बाई (30) पत्नी मनोज, सुंदरबाई (45) पत्नी मायाराम, मंजू (30) पत्नी सुनील, सुनील (35) पुत्र प्रताप और दिलीप (26) पुत्र अमर सिंह गंभीर रूप से घायल हुई हैं। सभी को उपचार के लिए अरबिंदो अस्पताल भेजा गया है। गंभीर घायलों को उपचार के लिए इंदौर रेफर किया गया।

स्थानीय लोगों के मुताबिक जिस मकान को तोड़ा जा रहा था, उसका छज्जा करीब एक महीने पहले गिर गया था। इसके बाद रहवासियों ने नगर परिषद को इसकी सूचना दी थी। बताया जा रहा है कि शिकायत के बाद मकान मालिक दिनेश जैन को मकान खाली करने का नोटिस भी दिया गया था। हादसे के बाद स्थानीय लोगों ने नगर परिषद की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए हैं।

उनका कहना है कि मकान की जर्जर स्थिति की जानकारी पहले से होने के बावजूद समय रहते प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई। घटना के समय दिनेश जैन ठेकेदार के साथ मौके पर था। दिनेश जैन का ‘जैन बस’ नाम से ट्रांसपोर्ट का कारोबार है। इधर हादसे की सूचना मिलते ही मृतकों और घायलों के परिजन सांवेर के अस्पताल पहुंच गए। घायलों की हालत देखने के बाद परिजनों में अफरा-तफरी का माहौल रहा। गंभीर घायलों को बेहतर उपचार के लिए इंदौर भेजा गया है।

पुलिस और प्रशासन की टीमें घटनास्थल पर मौजूद रहीं। हादसे की परिस्थितियों और जर्जर मकान को तोड़ने के दौरान अपनाए गए सुरक्षा इंतजामों की भी जांच की जा रही है। प्रशासन की ओर से यह भी देखा जा रहा है कि आसपास के अन्य जर्जर भवनों की स्थिति क्या है और उन्हें लेकर पहले कोई शिकायत या नोटिस जारी किया गया था या नहीं।

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हिन्दुस्थान समाचार / मुकेश तोमर

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