
हैदराबाद, 16 सितंबर (हि.स.)। आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू ने बुधवार को कहा कि तिरुमला तिरुपति देवस्थानम (टीटीडी) ने भारतीय जीवन बीमा निगम (एलआईसी) के साथ मिलकर तिरुमला आने वाले प्रत्येक श्रद्धालु को बीमा सुविधा देने का निर्णय लिया है। इसके तहत यात्रा के दौरान प्राकृतिक कारणों से मृत्यु होने पर परिजनों को दो लाख रुपये की आर्थिक सहायता दी जाएगी। टीटीडी ने श्रद्धालुओं को आधार आधारित ऑनलाइन बीमा सुविधा से जोड़ने का फैसला किया है।
नायडू ने टीटीडी अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक के बाद संवाददाता सम्मेलन में यह जानकारी दी। उन्होंने कहा कि श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सुविधा को ध्यान में रखते हुए बीमा योजना के साथ-साथ तिरुमला और तिरुपति में कई अन्य विकास एवं यात्री सुविधाओं से जुड़ी योजनाएं भी शुरू की जा रही हैं।
मुख्यमंत्री ने एसवी संग्रहालय का उद्घाटन भी किया। उन्होंने बताया कि संग्रहालय को टीसीएस ट्रस्ट ने 104 करोड़ रुपये की लागत से तैयार किया है और आगामी पांच वर्षों तक वही ट्रस्ट इसका संचालन करेगा। उन्होंने बताया कि वैकुंठम कॉम्प्लेक्स-1 में 'दुर्लभ दर्शन' नाम से एक हीलिंग एक्सपीरियंस सेंटर स्थापित किया गया है। इसमें मंदिर के इतिहास और भगवान वेंकटेश्वर की भव्यता को प्रदर्शित किया जाएगा।
श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए रिलायंस फाउंडेशन ने 25 इलेक्ट्रिक बसें दान की हैं, जबकि सात बसें भारत बायोटेक की ओर से उपलब्ध कराई गई हैं। मुख्यमंत्री ने नारायणगिरि सर्कल पर इन बसों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।
नायडू ने कहा कि सरकार श्रीवाणी ट्रस्ट के माध्यम से 5,000 मंदिरों के निर्माण की योजना पर काम कर रही है। उन्होंने बताया कि राज्य के 65 मंदिर टीटीडी से संबद्ध हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि दुनिया के उन शहरों में भी श्रीवारी मंदिर स्थापित करने की योजना है, जहां बड़ी संख्या में हिंदू आबादी रहती है। उन्होंने बताया कि मॉरीशस, न्यूजीलैंड और भारत के अन्य हिस्सों से मंदिर निर्माण के लिए अनुरोध मिले हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि करीब 2,300 वर्षों के समृद्ध इतिहास वाले तिरुमला को दुनिया के प्रमुख मंदिरों में विकसित किया जाना चाहिए। उन्होंने श्रद्धालुओं को नि:शुल्क भोजन उपलब्ध कराने वाले अन्नदानम ट्रस्ट के बारे में बताया कि उसके पास 3,165 करोड़ रुपये का कॉर्पस फंड है। उन्होंने अन्नप्रसादम की गुणवत्ता और व्यवस्था को और बेहतर बनाने की बात कही।
नायडू ने तिरुपति रेलवे स्टेशन से बस स्टैंड तक स्काईवॉक बनाने की प्रस्तावित योजना की भी जानकारी दी। इसे केंद्र सरकार के सहयोग से पूरा किया जाएगा। इसके अलावा हाल में अधिग्रहित 50 एकड़ जमीन पर बहुमंजिला पार्किंग सुविधा विकसित करने का प्रस्ताव है।
मुख्यमंत्री ने बताया कि 3,200 कर्मचारियों को 230 करोड़ रुपये की लागत से आवासीय भूखंड उपलब्ध कराए जाएंगे। साथ ही तिरुपति के प्रमुख राजमार्गों को आपस में जोड़ने के लिए भी कदम उठाए जाएंगे। उन्होंने अधिकारियों को पूरे मंदिर क्षेत्र को 'नेट जीरो' अवधारणा के अनुरूप विकसित करने का निर्देश दिया। इसके तहत सौर, पवन और बैटरी ऊर्जा के उपयोग पर जोर दिया जाएगा। सभी भवनों पर सौर पैनल लगाने की योजना है, ताकि करीब 10 करोड़ यूनिट बिजली की खपत को हरित ऊर्जा से पूरा किया जा सके।
मुख्यमंत्री नायडू मंगलवार को तिरुपति पहुंचे थे। उन्होंने तिरुमला में चल रहे श्रीवारी ब्रह्मोत्सव में सपरिवार हिस्सा लिया और राज्य सरकार की ओर से भगवान वेंकटेश्वर को रेशमी वस्त्र अर्पित किए।
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हिन्दुस्थान समाचार / Dev Kumar Pukhraj