


- स्वामित्व अधिकार अभिलेख निष्पादन एवं पंजीयन-2026 के अंतर्गत 50 लाख निजी संपत्तियों की नि:शुल्क रजिस्ट्री अभियान का शुभारंभ
भोपाल, 17 सितम्बर (हि.स.)। मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि स्वामित्व योजना शुरू होने से ग्रामीण आबादी को उनका अधिकार मिलेगा। हमारी सरकार द्वारा प्रदेश के 23 हजार से अधिक गांवों में एक माह तक अभिलेखों की नि:शुल्क रजिस्ट्री कराने का अभियान चलाया जा रहा है। पैतृक और अपनी संपत्ति हर परिवार का सपना होती है।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव गुरुवार को इंदौर में भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं सांसद नितिन नवीन की उपस्थिति में स्वामित्व अधिकार अभिलेख निष्पादन एवं पंजीयन-2026 योजना में निजी सम्पत्तियों की नि:शुल्क रजिस्ट्री दस्तावेज प्रदान करने के अभियान के शुभारंभ समारोह को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के जन्मदिवस पर देशभर में सेवा संकल्प अभियान का शुभारंभ हो रहा है। इस अवसर पर राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन का पहली बार मध्य प्रदेश की धरती पर आगमन हुआ है। हम सभी उनका अभिनंदन करते हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने दुनिया को भारत की शक्ति से परिचित करवाया है। हाल ही में नई दिल्ली में ब्रिक्स समिट के दौरान दुनिया ने इसे महसूस किया है। प्रधानमंत्री मोदी देशवासियों के कल्याण के लिए कई योजनाओं के माध्यम से लगातार काम कर रहे हैं।
उन्हाेंने कहा कि आज प्रधानमंत्री मोदी का जन्मदिवस है और भगवान विश्वकर्मा की भी जयंती है। भगवान विश्वकर्मा ने सृष्टि की रचना के साथ-साथ सभी प्रकार के छोटे काम करने वालों को स्वावलंबन की राह दिखलाई। राज्य सरकार छोटे कामगारों के साथ खड़ी है। हमारी सरकार ने लाड़ली बहनों के कल्याण के लिए 55 हजार करोड़ से अधिक राशि अब तक उनके खातों में अंतरित की है। माताओं-बहनों के आशीर्वाद से प्रदेश समृद्ध हो रहा है। बहनों को रोजगार आधारित उद्योग में काम करने पर हर माह 5000 रुपये की प्रोत्साहन राशि का लाभ अलग से मिलेगा। हमारी सरकार उन सभी स्थानों को तीर्थ के रूप में विकसित कर रही हैं, जहां भगवान श्रीकृष्ण और भगवान श्रीराम के चरण पड़े हैं।
कार्यक्रम में मुख्यमंत्री डॉ. यादव एवं भाजपा अध्यक्ष नितिन नवीन ने स्वामित्व अधिकार अभिलेख निष्पादन एवं पंजीयन योजना-2026 के अंतर्गत तीन हितग्राहियों को निःशुल्क पंजीयन विलेख (रजिस्ट्री) प्रदान किए।
कार्यक्रम में भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नवीन, उप मुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा, भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल ने भी संबोधित किया। आभार प्रदर्शन नगरीय विकास एवं आवास मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने किया। इस मौके पर अतिथियों ने कार्यक्रम स्थल पर शासन की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं, कार्यक्रमों एवं जिले में संचालित विकासात्मक गतिविधियों पर आधारित प्रदर्शनी का अवलोकन किया।
स्वामित्व अधिकार अभिलेख निष्पादन एवं पंजीयन-2026 में निजी सम्पत्तियों की नि:शुल्क रजिस्ट्री
कार्यक्रम में जानकारी दी गई कि प्रधानमंत्री मोदी के सपने को पूरा करने की दिशा में राज्य सरकार ने स्वामित्व अधिकार अभिलेख निष्पादन एवं पंजीयन-2026 के अंतर्गत 50 लाख निजी संपत्तियों की नि:शुल्क रजिस्ट्री अभियान का शुरू किया है। अब प्रदेश के ग्रामीण भाइयों-बहनों को घरों की रजिस्ट्री के लिए कोई पैसा नहीं देना होगा। मध्य प्रदेश ऐसा करने वाला देश का पहला राज्य बना है। प्रदेश में अब तक लगभग 68 लाख अधिकार पत्र तैयार किए गए हैं, इनमें 50 लाख निजी मकानों के हैं। आज से इन्हीं मकान मालिकों को नि:शुल्क रजिस्ट्री देने के लिए राज्य सरकार लगभग 4 हजार करोड़ रुपए खर्च कर रही है।
पंचायत स्तर पर तीन चरणों में होंगे विशेष शिविर, स्थानीय स्तर पर पूरी होगी पंजीयन प्रक्रिया
योजना के अंतर्गत हितग्राहियों की संपत्ति के आधार पर सुगमता से ऋण उपलब्ध कराने के लिए तैयार निजी अधिकार अभिलेखों का निःशुल्क पंजीयन किया जाएगा। पंजीयन के बाद नागरिक गृह निर्माण, व्यवसाय, कृषि एवं अन्य आर्थिक गतिविधियों के लिए ऋण प्राप्त कर सकेंगे। प्रक्रिया को सरल बनाने के लिए ग्राम एवं पंचायत स्तर पर तीन चरणों में विशेष शिविर आयोजित होंगे। प्रथम चरण 17 से 19 सितंबर, द्वितीय चरण 24 से 26 सितंबर और तृतीय चरण 1 से 3 अक्टूबर तक होगा। आवेदन के लिए आबादी भूखंड की लैंड लिंकिंग और समग्र आईडी से ई-केवाईसी अनिवार्य होगी।
‘सारा’ मोबाइल एप के माध्यम से निष्पादन और ‘संपदा’ एप पर विलेख (रजिस्ट्री) के पंजीयन की प्रक्रिया पूरी की जाएगी। पंजीयन प्रक्रिया स्थानीय स्तर पर ही पूर्ण करने के लिए पटवारी को निष्पादन अधिकारी तथा तहसीलदार, नायब तहसीलदार, राजस्व निरीक्षक, पीसीओ एवं एडीईओ को पंजीयन अधिकारी नियुक्त किया गया है। पंजीयन पूर्ण होने के बाद विलेख हितग्राही के मोबाइल नंबर पर व्हाट्सएप के माध्यम से उपलब्ध कराया जाएगा। अभियान की जिला स्तर पर वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा नियमित मॉनिटरिंग एवं मैदानी समीक्षा की जाएगी और इसे एक माह में पूर्ण करने का लक्ष्य रखा गया है।
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हिन्दुस्थान समाचार / मुकेश तोमर