टोल कलेक्शन में कथित धोखाधड़ी: ईडी की जम्मू में बिजनेसमैन राकेश चौधरी के ठिकानों पर छापेमारी

युगवार्ता    02-Sep-2026
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जम्मू, 02 सितंबर (हि.स.)। भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) के टोल प्लाजा पर टोल कलेक्शन में कथित धोखाधड़ी और मनी लॉन्ड्रिंग के मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने बुधवार को देशभर में कई स्थानों पर एक साथ छापेमारी की। इसी कार्रवाई के तहत ईडी की एक टीम ने जम्मू में बिजनेसमैन राकेश चौधरी के आवास और कार्यालय की तलाशी ली। केंद्रीय सुरक्षा बलों के साथ पहुंची टीम ने गांधी नगर के ग्रीन बेल्ट स्थित उनके घर में तलाशी अभियान चलाया और परिसर को सील कर आने-जाने पर रोक लगा दी।

ईडी अधिकारियों ने त्रिकुटा नगर स्थित चौधरी के कार्यालय में भी तलाशी ली। इस दौरान दस्तावेजों, वित्तीय रिकॉर्ड और अन्य संबंधित कागजात की जांच की गई। अधिकारियों ने मामले से जुड़े संभावित डिजिटल साक्ष्यों और अन्य रिकॉर्ड को भी खंगाला।

ईडी की कार्रवाई अलग-अलग टोल प्लाजा पर टोल कलेक्शन में कथित अनियमितताओं और धोखाधड़ी से जुड़ी बताई जा रही है। जांच का मुख्य फोकस कथित तौर पर फर्जी या अनधिकृत टोल रसीदें तैयार करने के लिए अनधिकृत सॉफ्टवेयर के इस्तेमाल पर है।

जांच एजेंसी यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि कथित सिस्टम के माध्यम से टोल के रूप में एकत्र की गई रकम का प्रबंधन किस तरह किया जाता था। साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि क्या इस राशि को एनएचएआई के आधिकारिक खातों से बाहर रखा गया और बाद में किसी अन्य माध्यम से उसका इस्तेमाल या हस्तांतरण किया गया।

ईडी अधिकारी कथित धोखाधड़ी से जुड़े वित्तीय लेन-देन की कड़ियों को जोड़ने के लिए मनी ट्रेल की भी जांच कर रहे हैं। एजेंसी यह पता लगाने में जुटी है कि कथित तौर पर जमा या बाहर रखी गई रकम किन लोगों या संस्थाओं तक पहुंची और इसमें किन-किन लोगों की भूमिका रही।

यह छापेमारी ईडी के लखनऊ जोनल कार्यालय की ओर से धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए) के तहत की जा रही है। जम्मू के अलावा उत्तर प्रदेश, राजस्थान, महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश, राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर) और कोलकाता में भी विभिन्न ठिकानों पर तलाशी अभियान चलाए जाने की जानकारी है।

छापेमारी के दौरान ईडी की टीमें मामले से संबंधित दस्तावेजों, डिजिटल उपकरणों, वित्तीय रिकॉर्ड और अन्य इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों की जांच कर रही हैं। एजेंसी का उद्देश्य कथित टोल कलेक्शन धोखाधड़ी से जुड़े वित्तीय नेटवर्क और लेन-देन की पूरी तस्वीर सामने लाना है।

तलाशी अभियान के दौरान ईडी ने क्या-क्या सामग्री या दस्तावेज जब्त किए हैं, इसकी विस्तृत जानकारी फिलहाल आधिकारिक तौर पर सामने नहीं आई है। एजेंसी बरामद दस्तावेजों और डिजिटल रिकॉर्ड का विश्लेषण करने के बाद आगे की कार्रवाई कर सकती है।

ईडी कथित टोल कलेक्शन धोखाधड़ी में शामिल कुल रकम का पता लगाने के साथ-साथ इससे जुड़े अन्य व्यक्तियों और संस्थाओं की भूमिका की भी जांच कर रही है। जांच पूरी होने के बाद मामले में और लोगों के नाम सामने आने तथा आगे की कानूनी कार्रवाई की संभावना है।------------

हिन्दुस्थान समाचार / बलवान सिंह

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