
नई दिल्ली, 20 सितंबर (हि.स.)। राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने उत्तर प्रदेश के सहारनपुर स्थित पंजाब नेशनल बैंक (पीएनबी) की करेंसी चेस्ट के जरिए नकली भारतीय मुद्रा के प्रसार की साजिश के मामले में दो और प्रमुख आरोपितों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपितों की पहचान सहारनपुर निवासी मुकेश कुमार और राजेंद्र कुमार के रूप में हुई है। एनआईए के अनुसार दोनों पहले गिरफ्तार किए गए प्रमुख आरोपित आदेश चौधरी के करीबी सहयोगी हैं।
एनआईए ने रविवार को जारी बयान में बताया कि सहारनपुर के सिविल लाइंस स्थित पंजाब नेशनल बैंक की करेंसी चेस्ट से 17.29 करोड़ रुपये अंकित मूल्य के नकली भारतीय मुद्रा नोट बरामद होने के मामले में दोनों की भूमिका सामने आई है।
एनआईए के अनुसार 29 अगस्त को सहारनपुर के सदर बाजार थाना पुलिस को पीएनबी की करेंसी चेस्ट से 17.29 करोड़ रुपये मूल्य के नकली भारतीय मुद्रा नोट बरामद होने की विश्वसनीय सूचना मिली थी। जांच के दौरान बैंक के तीन कर्मचारियों की भूमिका भी सामने आई थी, जिसके बाद बैंक ने तीनों को निलंबित कर दिया था।
मामले में सदर बाजार थाने में 29 अगस्त को एफआईआर संख्या 0431/2026 दर्ज की गई थी। इसमें भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस), 2023 की धारा 178 के तहत तीन आरोपितों को नामजद किया गया था। एनआईए ने 3 सितंबर को मामले को फिर से दर्ज कर जांच अपने हाथ में ली।
इस मामले में एनआईए इससे पहले 7 सितंबर को नामजद आरोपित अमित कुमार और 15 सितंबर को आदेश चौधरी को गिरफ्तार कर चुकी है। जांच एजेंसी के मुताबिक मुकेश कुमार और राजेंद्र कुमार भी इस साजिश में प्रमुख आरोपित हैं।
एनआईए मामले की पूरी साजिश का पता लगाने के साथ अन्य सह-आरोपितों और संदिग्धों की गिरफ्तारी के लिए जांच आगे बढ़ा रही है।
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हिन्दुस्थान समाचार / प्रशांत शेखर