इस्लामाबाद, 20 सितंबर (हि.स.)। पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री और पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (पीटीआई) के संस्थापक इमरान खान की बहन अलीमा खान को लाहौर में 30 दिनों के लिए हिरासत में लिया गया है। लाहौर के डिप्टी कमिश्नर ने उन्हें पंजाब में लागू मेंटेनेंस ऑफ पब्लिक ऑर्डर (एमपीओ) कानून की धारा-3 के तहत हिरासत में रखने का आदेश दिया है। उन्हें कोट लखपत जेल भेजे जाने की जानकारी भी सामने आई है।
पीटीआई के अध्यक्ष बैरिस्टर गोहर अली खान ने अलीमा खान की हिरासत की निंदा करते हुए उनकी तत्काल रिहाई की मांग की। उन्होंने कहा कि पार्टी जल्द ही इस कार्रवाई के खिलाफ अपनी आगे की रणनीति घोषित करेगी। गोहर के मुताबिक, अलीमा की बहन नूरीन नियाजी ने उन्हें फोन पर हिरासत की जानकारी दी।
लाहौर प्रशासन के आदेश में अलीमा खान के साथ उनके ड्राइवर मुहम्मद आमिर को भी 30 दिनों के लिए हिरासत में रखने का निर्देश दिया गया है। आदेश में सार्वजनिक सुरक्षा और कानून-व्यवस्था बनाए रखने से जुड़ी चिंताओं का हवाला दिया गया है।
अलीमा खान के बेटे शहरेज खान ने सोशल मीडिया पर दावा किया कि उनकी मां को घर से निकलने के बाद हिरासत में लिया गया और परिवार को उनके ठिकाने की जानकारी नहीं दी गई। उन्होंने सरकार से उनकी स्थिति स्पष्ट करने और तत्काल रिहाई की मांग की। इमरान खान के बेटे कासिम खान ने भी अपनी बुआ की हिरासत पर सवाल उठाते हुए परिवार और वकीलों को उनसे मिलने की अनुमति देने की मांग की।
पीटीआई ने अलीमा खान की हिरासत को पार्टी की प्रस्तावित 27 सितंबर की रैली से पहले की कार्रवाई बताया है। पार्टी का यह प्रदर्शन इमरान खान की रिहाई समेत अपनी राजनीतिक मांगों को लेकर प्रस्तावित है।
इस बीच, तहरीक तहफ्फुज-ए-आईन पाकिस्तान (टीटीएपी) ने भी अलीमा खान की हिरासत की निंदा की और राजनीतिक कार्यकर्ताओं तथा उनके परिवारों के खिलाफ कार्रवाई बढ़ाने का आरोप लगाया। गठबंधन ने अलीमा खान और अन्य राजनीतिक कार्यकर्ताओं की रिहाई की मांग की है।
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हिन्दुस्थान समाचार / आकाश कुमार राय