मप्र के कूनो राष्ट्रीय उद्यान में नामीबियाई चीता गौरव की मौत

युगवार्ता    21-Sep-2026
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कूनो में नामीबियाई चीता गौरव (फाइल)


भोपाल, 21 सितम्बर (हि.स.)। मध्य प्रदेश के श्योपुर जिला स्थित कूनो राष्ट्रीय उद्यान में चीता प्रोजेक्ट के तहत नामीबिया से लाए गए चीते गौरव की सोमवार को इलाज के दौरान मौत हो गई। कूनो प्रबंधन के मुताबिक गौरव की उम्र 10 साल से ज्यादा थी।

कूनो पार्क प्रबंधन ने अपने बयान में इसकी पुष्टि की है। बताया गया है कि 12 सितंबर 2026 को नामीबिया चीते गौरव को कूनो के जंगल क्षेत्र में कमजोर और सुस्त अवस्था में देखा गया था। उसकी असामान्य स्थिति को देखते हुए वन विभाग की टीम ने तत्काल उसे रेस्क्यू किया और चिकित्सकीय निगरानी में लिया। प्रारंभिक जांच में गौरव काफी कमजोर पाया गया। उसके शरीर की मांसपेशियों में स्पष्ट कमी थी और वह गंभीर डिहाइड्रेशन से भी जूझ रहा था। इसके बाद उसे तत्काल उपचार और आवश्यक दवाएं दी गईं।

कूनो प्रबंधन के अनुसार, रेस्क्यू के बाद गौरव को पालपुर स्थित क्वारेंटाइन बोमा में शिफ्ट किया गया। यहां विशेषज्ञ पशु चिकित्सकों की निगरानी में उसका उपचार किया जा रहा था। उसे दवाओं के साथ लगातार सपोर्टिव केयर दी गई और उसकी स्थिति पर नजर रखी जा रही थी। चिकित्सकीय जांच के दौरान उसकी कमजोर शारीरिक स्थिति को देखते हुए किसी पुरानी बीमारी या क्रॉनिक कंडीशन की आशंका भी जताई गई थी। हालांकि उपचार और निगरानी के बावजूद उसकी हालत में अपेक्षित सुधार नहीं हो सका। सोमवार शाम करीब 4 बजे इलाज के दौरान गौरव ने दम तोड़ दिया।

अधिकारियों के मुताबिक, गौरव की मौत की वास्तविक वजह अभी स्पष्ट नहीं है। जांच के लिए सैंपल भी लिए गए हैं। पोस्टमॉर्टम और सैंपल की रिपोर्ट आने के बाद ही मौत की सही वजह सामने आएगी।

गौरव की मौत के बाद कूनो राष्ट्रीय उद्यान में अब 51 चीते बचे हैं। इनमें 36 भारत में पैदा हुए चीते शामिल हैं। कूनो के 16 चीते फिलहाल जंगल में खुले में घूम रहे हैं। वहीं, गांधी सागर अभयारण्य में चार चीते हैं। इस तरह गौरव की मौत के बाद देश में अब कुल 55 चीते रह गए हैं।

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हिन्दुस्थान समाचार / मुकेश तोमर

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