नेपाल के तीन प्रमुख राजमार्गों के विस्तार और सुधार के लिए एडीबी देगा करीब 47 अरब रुपये

युगवार्ता    21-Sep-2026
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नेपाल सरकार और एडीबी के बीच समझौता


काठमांडू, 21 सितंबर (हि.स.)। एशियाई विकास बैंक (एडीबी) नेपाल के तीन प्रमुख राजमार्गों के विस्तार और सुधार के लिए करीब 47 अरब नेपाली रुपये उपलब्ध कराने जा रहा है। इनमें दो राजमार्गों का विस्तार और एक राजमार्ग में सड़क सुरक्षा सुधार का काम किया जाएगा।

सड़क विभाग के अनुसार, एडीबी इस परियोजना के लिए कुल 30.50 करोड़ अमेरिकी डॉलर (करीब 46 अरब 70 करोड़ नेपाली रुपये) उपलब्ध कराएगा। इसमें 28.50 करोड़ डॉलर ऋण और 2 करोड़ डॉलर अनुदान के रूप में होंगे।

यह राशि पूर्व-पश्चिम राजमार्ग के नारायणगढ़–हेटौंडा खंड, पृथ्वी राजमार्ग के मुग्लिन–आबुखैरेनी खंड के विस्तार तथा कर्णाली राजमार्ग की सड़क सुरक्षा और सुधार के लिए खर्च की जाएगी।

कुल राशि में से 24.50 करोड़ डॉलर नारायणगढ़–हेटौंडा सड़क खंड, 3 करोड़ डॉलर मुग्लिन–आबुखैरेनी खंड के विस्तार और 1 करोड़ डॉलर कर्णाली राजमार्ग के सुधार के लिए इस्तेमाल किए जाएंगे।

सड़क विभाग परियोजना निदेशालय के परियोजना निदेशक चुड़ाराज ढकाल के अनुसार, ऋण और अनुदान को लेकर नेपाल सरकार और एडीबी के बीच बातचीत पूरी हो चुकी है। अर्थ मंत्रालय और एडीबी के बीच ऋण समझौता आगामी नवंबर में होने की योजना है।

एडीबी की सहूलियतपूर्ण ऋण सहायता से संचालित होने वाली परियोजनाओं में 70 किलोमीटर लंबे नारायणगढ़–हेटौंडा सड़क खंड के विस्तार के लिए टेंडर पहले ही जारी किया जा चुका है।

हेटौंडा के राप्ती पुल से चितवन के भरतपुर स्थित गोन्द्राङ तक के इस मार्ग को तीन पैकेज में बांटा गया है। पहले पैकेज में मकवानपुर जिले के भीतर का 40 किलोमीटर, दूसरे में मकवानपुर सीमा से चितवन के टिकौली तक का 26 किलोमीटर और तीसरे में टिकौली से गोन्द्राङ तक का 4 किलोमीटर सड़क खंड शामिल है।

एशियाई हाईवे मानकों के अनुसार इस सड़क को चार लेन में विस्तार किया जाएगा। टिकौली जंगल क्षेत्र में करीब 2 किलोमीटर लंबा वायाडक्ट बनाया जाएगा।

टिकौली जंगल बरंडाभार कॉरिडोर का हिस्सा है। यह क्षेत्र दक्षिण की चुरे पर्वत श्रृंखला और उत्तर की महाभारत पर्वत श्रृंखला को जोड़ने वाला महत्वपूर्ण जैविक गलियारा है। यह चितवन राष्ट्रीय उद्यान के साथ जुड़ते हुए भारत के वाल्मीकि टाइगर रिजर्व तक वन्यजीवों की आवाजाही का मार्ग बनाए रखता है।

तेज रफ्तार वाहनों के कारण सड़क पार करते समय वन्यजीवों के दुर्घटनाग्रस्त होने का खतरा रहता है। इसी को ध्यान में रखते हुए यहां वायाडक्ट बनाने का प्रस्ताव है। इसके ऊपर से वाहन गुजरेंगे, जबकि वन्यजीव इसके नीचे से बिना बाधा सड़क पार कर सकेंगे।

2 किलोमीटर लंबे वायाडक्ट में 67 पिलर बनाए जाने की योजना है। प्रत्येक पिलर के बीच करीब 30 मीटर की दूरी होगी, जिससे वन्यजीवों को आसानी से गुजरने की जगह मिल सकेगी। इसी वायाडक्ट के निर्माण के लिए एडीबी 2 करोड़ डॉलर का अनुदान देगा।

एडीबी से मिलने वाले 1 करोड़ डॉलर के ऋण का इस्तेमाल कर्णाली राजमार्ग में सड़क सुरक्षा सुधार के लिए किया जाएगा। करीब 682 किलोमीटर लंबा कर्णाली राजमार्ग नेपाल के सबसे दुर्गम भौगोलिक क्षेत्रों से होकर गुजरता है और कठिन भौगोलिक परिस्थितियों के कारण इसे जोखिमपूर्ण राजमार्ग भी माना जाता है।

सड़क विभाग के अनुसार, एडीबी के ऋण और नेपाल सरकार की ओर से उपलब्ध कराए जाने वाले ऋण की 20 प्रतिशत राशि से कर्णाली राजमार्ग के करीब 73 किलोमीटर हिस्से में सड़क सुरक्षा सुधार, सड़क चौड़ीकरण, मोड़ सुधार, बैरियर निर्माण, नाली तथा अन्य आवश्यक निर्माण कार्य किए जाएंगे।

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हिन्दुस्थान समाचार / पंकज दास

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