नई दिल्ली, 21 सितंबर (हि.स.)। भारतीय रेलवे ने सरकारी कार्यालयों में स्वच्छता को संस्थागत रूप देने और लंबित मामलों के निपटारे के लिए विशेष अभियान 6 की तैयारियां तेज कर दी हैं। अभियान के तहत ई-कचरे और कबाड़ के निपटारे, कार्यालयों में स्थान के बेहतर प्रबंधन तथा लंबित संदर्भों के निपटारे पर विशेष जोर दिया जाएगा।
सरकार ने विशेष अभियान 6 को दो चरणों में आयोजित करने का निर्णय लिया है। इसका तैयारी चरण 15 से 30 सितंबर तक चलेगा, जिसमें अभियान के लक्ष्यों को अंतिम रूप दिया जाएगा। इसके बाद मुख्य कार्यान्वयन चरण एक से 31 अक्टूबर तक चलेगा।
रेल मंत्रालय के अनुसार, पिछले विशेष अभियान 5.0 के दौरान सार्वजनिक शिकायतों, वीआईपी संदर्भों और अन्य लंबित मामलों के निपटारे से जुड़े सभी निर्धारित लक्ष्यों को 100 प्रतिशत हासिल किया गया था। इस दौरान रेलवे ने 6.06 लाख वर्ग फुट स्थान खाली कराया और 570 करोड़ रुपये का राजस्व अर्जित किया।
मंत्रालय ने बताया कि अभियान 6 को रेलवे की सभी क्षेत्रीय इकाइयों, संबद्ध एवं अधीनस्थ कार्यालयों, सार्वजनिक उपक्रमों और स्वायत्त निकायों में लागू करने की तैयारी की जा रही है। रेलवे बोर्ड अभियान की तैयारियों की निगरानी कर रहा है। प्रशासनिक सुधार एवं लोक शिकायत विभाग के दिशा-निर्देश सभी संबंधित इकाइयों को भेजे गए हैं।
सभी जोनल रेलवे, मंडल कार्यालयों, सार्वजनिक उपक्रमों, उत्पादन इकाइयों और केंद्रीय प्रशिक्षण संस्थानों को अभियान में व्यापक भागीदारी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। अभियान के समन्वय और निगरानी के लिए भारतीय रेलवे में 150 से अधिक नोडल अधिकारी नियुक्त किए गए हैं। ये अधिकारी प्रतिदिन की प्रगति रिपोर्ट रेलवे बोर्ड को भेजेंगे, जिसे डीएआरपीजी के केंद्रीय निगरानी पोर्टल पर उपलब्ध कराया जाएगा।
इस वर्ष अभियान में ई-कचरे का प्रभावी संग्रह, पृथक्करण और निपटारा प्रमुख प्राथमिकताओं में शामिल है। इसके अलावा ई-कचरा प्रबंधन नियम, 2022 के अनुरूप कार्रवाई, सामान्य वित्तीय नियमों के तहत कबाड़ का निपटारा, कार्यालयों में स्थान का बेहतर उपयोग एवं सौंदर्यीकरण, प्रक्रियाओं और नियमों का सरलीकरण तथा लंबित संदर्भों के निपटारे पर भी ध्यान दिया जाएगा।
मंत्रालय ने कहा कि रेल चौपाल (एससीडीपीएम 4.0) और अमृत संवाद (एससीडीपीएम 5.0) के बाद इस अभियान के दौरान ‘रेल जन संवाद’ का आयोजन किया जाएगा। इसका उद्देश्य नागरिकों की भागीदारी बढ़ाने और उनके साथ संवाद को और मजबूत करना है। मंत्रालय ने कहा कि वह स्वच्छता को नियमित कार्यप्रणाली का हिस्सा बनाने के साथ-साथ जन भागीदारी और लंबित मामलों के त्वरित निपटारे को प्राथमिकता देना जारी रखेगा।
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हिन्दुस्थान समाचार / सुशील कुमार