



-72वें राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार समारोह में भारतीय सिनेमा की उत्कृष्ट प्रतिभाओं को सम्मानित किया गया
-अनंत नाग को दादासाहेब फाल्के सम्मान, ‘आर्टिकल 370’ सर्वश्रेष्ठ फीचर फिल्म का मिला सम्मान
एकता नगर, 22 सितंबर (हि.स.)। गुजरात के एकता नगर में मंगलवार को 72वें राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार समारोह में भारतीय सिनेमा की उत्कृष्ट प्रतिभाओं को सम्मानित किया गया। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने विभिन्न श्रेणियों के विजेताओं को पुरस्कार प्रदान किए। इस मौके पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने अपने संबोधन में कहा कि लोकप्रिय कलाकारों को स्वास्थ्य के लिए हानिकारक पदार्थों का प्रचार नहीं करना चाहिए। उन्होंने कहा, “स्टार वही है जो रोशनी फैलाए, अंधेरा नहीं।” उन्होंने फिल्म और मनोरंजन जगत की लोकप्रियता और प्रभाव को रेखांकित करते हुए कलाकारों से समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारी का ध्यान रखने की अपील की।
एकता नगर में पहली बार राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार समारोह में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने महिलाओं की भूमिका को भी रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि सिनेमा समेत हर क्षेत्र में महिलाओं के दृष्टिकोण को शामिल करने की जरूरत है। आज कई महिला कलाकारों को सम्मान दिया गया है लेकिन जूरी में भी महिलाओं को शामिल किया जाना चाहिय। उन्होंने कहा कि किसी भी क्षेत्र में महिलाओं के दृष्टिकोण को शामिल करके ही समग्र मानवीय दृष्टि का निर्माण संभव है।
राष्ट्रपति मुर्मु ने कहा कि सिनेमा भारत की सांस्कृतिक एकता को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। फिल्में भाषाई, क्षेत्रीय और सांस्कृतिक सीमाओं से आगे बढ़कर दर्शकों को देश की विविध कहानियों, परंपराओं और मानवीय अनुभवों से जोड़ती हैं। उन्होंने पुरस्कार विजेताओं और पूरे फिल्म जगत को भारतीय सिनेमाई विरासत में योगदान के लिए बधाई दी।
उन्होंने कहा कि क्रिएटिव इंडस्ट्री से जुड़े लोग अर्थव्यवस्था के प्रमुख प्रतिनिधि हैं। इसलिए इस क्षेत्र में योगदान देने वाले मजदूरों, छोटे कलाकारों, सहायकों और संघर्षरत लोगों को सम्मान और सामाजिक सुरक्षा मिलनी चाहिए। राष्ट्रपति ने कहा कि एक फिल्म के निर्माण में बहुत से लोगों का योगदान होता है और पर्दे के पीछे काम करने वाले लोगों के योगदान को भी याद रखा जाना चाहिए।
इस मौके पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने
समारोह में वरिष्ठ अभिनेता अनंत नाग को वर्ष 2024 का प्रतिष्ठित दादासाहेब फाल्के पुरस्कार प्रदान किया गया। फिल्म ‘आर्टिकल 370’ को सर्वश्रेष्ठ फीचर फिल्म के लिए यामी गौतम को सर्वश्रेष्ठ अभिनेत्री का सम्मान प्रदान किया गया। सर्वश्रेष्ठ अभिनेता का पुरस्कार ‘ब्रह्मयुगम’ के लिए ममूटी और ‘चंदू चैंपियन’ के लिए कार्तिक आर्यन को संयुक्त रूप से दिया गया।
72वें राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार समारोह में गुजरात के राज्यपाल आचार्य देवव्रत ने दिल्ली से बाहर राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार आयोजित करने की पहल का स्वागत किया। उन्होंने कहा कि सरदार पटेल की विरासत से जुड़े एकता नगर में समारोह की मेजबानी गुजरात के लिए गर्व की बात है। उन्होंने फिल्मकारों से प्राकृतिक खेती, स्वस्थ जीवनशैली, पर्यावरण संरक्षण और राष्ट्रीय एकता जैसे विषयों को सिनेमा के माध्यम से बढ़ावा देने का आह्वान किया।
समारोह में गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने सिनेमा को समाज का प्रतिबिंब और संस्कृति को जोड़ने वाला सशक्त माध्यम बताया। उन्होंने फिल्मकारों को गुजरात की विविध विरासत और प्राकृतिक स्थलों में शूटिंग के लिए आमंत्रित किया।
केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण मंत्री अश्विनी वैष्णव ने राष्ट्रपति की उपस्थिति के लिए आभार जताते हुए सभी पुरस्कार विजेताओं को बधाई दी। उन्होंने कहा कि सिनेमा सामूहिक प्रयास है और राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार पर्दे के पीछे काम करने वाले लोगों के योगदान को भी सम्मानित करते हैं।
सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय के सचिव चंचल कुमार ने अपने स्वागत संबोधन में कहा कि 72वें राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कारों के लिए 34 भाषाओं की 400 फीचर फिल्मों और 24 भाषाओं की 161 गैर-फीचर फिल्मों की प्रविष्टियां प्राप्त हुईं। इनमें से 22 फीचर फिल्म और 23 गैर-फीचर फिल्म श्रेणियों में पुरस्कार प्रदान किए गए।
उन्होंने कहा कि भारतीय सिनेमा सांस्कृतिक अभिव्यक्ति और वैश्विक स्तर पर कहानी कहने के एक सशक्त माध्यम के रूप में लगातार आगे बढ़ रहा है। विभिन्न भाषाओं और क्षेत्रों की फिल्मों की भागीदारी भारतीय सिनेमा की विविधता और व्यापक पहुंच को दर्शाती है।
चंचल कुमार ने कहा कि राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार समारोह का आयोजन दिल्ली से बाहर गुजरात के एकता नगर में किया जाना एक महत्वपूर्ण पहल है। यह आयोजन सरदार वल्लभभाई पटेल की राष्ट्रीय एकता की दृष्टि और प्रतिबद्धता से प्रेरित है।
‘आर्टिकल 370’ को सर्वश्रेष्ठ फीचर फिल्म का सम्मान दिया गया। वहीं
‘अमरन’ के लिए राजकुमार पेरियासामी को सर्वश्रेष्ठ निर्देशक का पुरस्कार मिला। ‘कल्कि 2898 एडी’ को संपूर्ण मनोरंजन प्रदान करने वाली सर्वश्रेष्ठ लोकप्रिय फिल्म का पुरस्कार मिला। ‘स्वातंत्र्य वीर सावरकर’ के लिए रणदीप हुड्डा को सर्वश्रेष्ठ नवोदित निर्देशक का सम्मान दिया गया। ‘भंगार’ को सर्वश्रेष्ठ गैर-फीचर फिल्म चुना गया, जबकि ‘राम-नामी’ को सर्वश्रेष्ठ डॉक्यूमेंट्री का पुरस्कार मिला।
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हिन्दुस्थान समाचार / विजयालक्ष्मी