
नई दिल्ली, 22 सितंबर (हि.स.)। सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनी कोल इंडिया लिमिटेड (सीआईएल) में 'कॉर्पोरेट सामाजिक उत्तरदायित्व' (सीएसआर) का व्यय बढ़कर अब करीब एक हजार करोड़ रुपये सालाना तक पहुंच गया है। सीआईएल ने वित्त वर्ष 2014-15 से वित्त वर्ष 2025-26 के दौरान सीएसआर पर 5,795 करोड़ रुपये की सांविधिक आवश्यकता की तुलना में 7,276 करोड़ रुपये व्यय किए हैं।
कोयला मंत्रालय ने मंगलवार को जारी बयान में कहा कि कोल इंडिया लिमिटेड ने लगातार अपनी सीएसआर जिम्मेदारियों से ज्यादा खर्च किया है। मंत्रालय ने कहा कि सीआईएल का वार्षिक व्यय जो कभी 500 करोड़ रुपये के आसपास था, वह अब लगभग एक हजार करोड़ रुपये तक पहुंच गया है, जिसके कारण सीआईएल अब देश में सीएसआर पर सर्वाधिक खर्च करने वाली कॉर्पोरेट कंपनियों में शामिल हो गई है।
मंत्रालय ने कहा कि सीआईएल अपने सालाना 'कॉर्पोरेट सामाजिक उत्तरदायित्व' बजट का कम-से-कम 80 फीसदी हिस्सा अपनी खदानों और प्रतिष्ठानों के 25 किलोमीटर के दायरे में खर्च करती है, जिसमें प्रोजेक्ट से प्रभावित इलाकों को प्राथमिकता दी जाती है। बाकी बजट राज्य और राष्ट्रीय स्तर की पहलों पर खर्च किया जाता है।
कोयला मंत्रालय के अनुसार स्थानीय इलाके पर इस फोकस के कारण सीआईएल का 90 फीसदी से ज्यादा सीएसआर खर्च कोयला-उत्पादक राज्यों में ही होता है, जिससे यह सुनिश्चित होता है कि इसका फायदा मुख्य रूप से उन इलाकों को मिले, जो माइनिंग से सबसे ज्यादा प्रभावित हुए हैं।
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हिन्दुस्थान समाचार / प्रजेश शंकर