

- बिहार से आए 16 सदस्यीय इंफ्लूएंसर दल ने उच्च शिक्षा मंत्री परमार से की सौजन्य भेंट
इंदौर, 22 सितम्बर (हि.स.)। मध्य प्रदेश के उच्च शिक्षा मंत्री इंदर सिंह परमार ने कहा कि भारत की दुनिया को केवल शून्य की देन ही नहीं है, बल्कि हमारी समृद्ध ज्ञान परंपरा भी देश की अमूल्य धरोहर है। नालंदा, गया और चंपारण जैसे क्षेत्र भारतीय संस्कृति, ज्ञान और परंपराओं की समृद्ध विरासत के प्रतीक हैं।
उच्च शिक्षा मंत्री परमार मंगलवार शाम को विकसित भारत संकल्प यात्रा के अंतर्गत बिहार से मध्य प्रदेश भ्रमण पर आए इंफ्लूएंसर दल को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि मध्य प्रदेश और बिहार के बीच सांस्कृतिक एवं ऐतिहासिक समानताएं दोनों राज्यों को एक-दूसरे से जोड़ती हैं।
बिहार से आया 16 सदस्यीय इंफ्लूएंसर दल मंगलवार शाम इंदौर पहुंचा। दल ने यहां उच्च शिक्षा मंत्री इंदर सिंह परमार से सौजन्य भेंट की। इस अवसर पर मंत्री परमार ने दल के सदस्यों से संवाद कर उनकी मध्य प्रदेश यात्रा के अनुभव, भ्रमण किए गए स्थलों और प्रतिक्रियाओं की जानकारी ली।
उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में मध्य प्रदेश में ‘विकास भी, विरासत भी’ के विजन के साथ प्रदेश के समग्र विकास की दिशा में कार्य किया जा रहा है। विकास के साथ प्रदेश की सांस्कृतिक, ऐतिहासिक और आध्यात्मिक विरासत के संरक्षण एवं संवर्धन पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है। सभी वर्गों के कल्याण और सतत विकास के लिए निरंतर कार्य किए जा रहे हैं।
इंफ्लूएंसर दल ने साझा किए मध्य प्रदेश यात्रा के अनुभव
बिहार से आए इंफ्लूएंसर दल के सदस्यों ने मध्य प्रदेश भ्रमण के अनुभव साझा करते हुए बताया कि उनकी यात्रा बेहद सुगम और ज्ञानवर्धक रही। दल ने उज्जैन में महाकालेश्वर ज्योतिर्लिंग, काल भैरव, सेवरखेड़ी-सिलारखेड़ी परियोजना, हरियाखेड़ी वाटर ट्रीटमेंट प्लांट, कान्ह डायवर्जन क्लोज्ड डक्ट टनल परियोजना, विक्रम उद्योगपुरी, वेधशाला एवं वैदिक घड़ी सहित विभिन्न महत्वपूर्ण स्थलों का भ्रमण किया।
दल के सदस्यों ने बताया कि इन स्थलों के माध्यम से उन्हें मध्य प्रदेश की आध्यात्मिक विरासत, सांस्कृतिक परंपराओं, आधुनिक अधोसंरचना और विकास की दिशा को करीब से समझने का अवसर मिला। उन्होंने 20 सितंबर को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से हुई सौजन्य भेंट को भी यादगार अनुभव बताया। मुख्यमंत्री से संवाद और मध्यप्रदेश के विकास एवं विरासत से परिचित होने का अवसर उनकी यात्रा का महत्वपूर्ण हिस्सा रहा।
मध्य प्रदेश और बिहार की सांस्कृतिक समानताओं पर संवाद
मंत्री परमार ने बिहार और मध्य प्रदेश के बीच सांस्कृतिक एवं ऐतिहासिक संबंधों का उल्लेख करते हुए कहा कि दोनों प्रदेशों की परंपराओं में अनेक समानताएं हैं। चंपारण, महर्षि वाल्मीकि की परंपरा और भारतीय ज्ञान संस्कृति दोनों प्रदेशों की साझा विरासत से जुड़े महत्वपूर्ण संदर्भ हैं। उन्होंने कहा कि ऐसी यात्राएं देश के विभिन्न राज्यों के युवाओं को एक-दूसरे की संस्कृति, परंपराओं और विकास मॉडल को समझने का अवसर देती हैं। इंफ्लूएंसर दल द्वारा अपने अनुभवों को देशभर के लोगों तक पहुंचाने से मध्यप्रदेश की सांस्कृतिक विरासत और विकास की तस्वीर को व्यापक स्तर पर साझा करने में मदद मिलेगी।
वैदिक घड़ी की विशेषताओं से कराया परिचित
इस अवसर पर मंत्री परमार ने उज्जैन की वैदिक घड़ी की विशेषताओं की जानकारी भी इंफ्लूएंसर दल के सदस्यों को दी। उन्होंने भारतीय कालगणना, खगोलीय ज्ञान और प्राचीन भारतीय वैज्ञानिक परंपरा में उज्जैन के महत्व पर प्रकाश डाला।
इंफ्लूएंसर दल के सभी सदस्यों ने अपना परिचय दिया और मध्य प्रदेश में अपने अनुभव साझा किए। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश की यात्रा ने उन्हें विकास के साथ प्रदेश की समृद्ध सांस्कृतिक एवं आध्यात्मिक विरासत को समझने का अवसर दिया है।
इस अवसर पर खाद्य नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण निगम के उपाध्यक्ष संजीव ककर, सुमित मिश्रा, हितेश नागदेव, अतिरिक्त जिला पंचायत सीईओ संजय तिवारी सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे। इंफ्लूएंसर दल के अमित कुमार, कृष्णमुरारी, गौतम कुमार, संतोष कुमार, दीपक कुमार, दुर्गेश कुमार, शिवानी कुमारी, मुस्कान कुमारी, अंकित कुमार सहित अन्य सदस्य मौजूद थे।
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हिन्दुस्थान समाचार / मुकेश तोमर