सब्सक्रिप्शन के लिए खुला स्वास्तिका इंफ्रा का पब्लिक इश्यू,पहले दिन ही फुली सब्सक्राइब हुआ

युगवार्ता    23-Sep-2026
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प्रतीकात्मक


नई दिल्ली, 23 सितंबर (हि.स.)। पावर ट्रांसमिशन और डिस्ट्रीब्यूशन से जुड़े इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स पर काम करने वाली कंपनी स्वास्तिका इंफ्रा लिमिटेड का 160.88 करोड़ रुपये का आईपीओ आज सब्सक्रिप्शन के लिए लॉन्च कर दिया गया। इस आईपीओ में 25 सितंबर तक बोली लगाई जा सकती है। इश्यू की क्लोजिंग के बाद 28 सितंबर को शेयरों का अलॉटमेंट किया जाएगा, जबकि 29 सितंबर को अलॉटेड शेयर डीमैट अकाउंट में क्रेडिट कर दिए जाएंगे। कंपनी के शेयर 30 सितंबर को बीएसई और एनएसई पर लिस्ट हो सकते हैं। लॉन्चिंग के पहले दिन के अंत तक यह आईपीओ 100 प्रतिशत मतलब फुली सब्सक्राइब हो गया था।

इस आईपीओ में बोली लगाने के लिए 175 रुपये से लेकर 185 रुपये प्रति शेयर का प्राइस बैंड तय किया गया है, जबकि लॉट साइज 81 शेयर का है। इस आईपीओ में रिटेल इनवेस्टर्स कम-से-कम एक लॉट यानी 81 शेयरों के लिए बोली लगा सकते हैं, जिसके लिए उन्हें 14,985 रुपये का निवेश करना होगा। इसी तरह रिटेल इनवेस्टर 1,94,805 रुपये के निवेश से अधिकतम 13 लॉट में 1,053 शेयरों के लिए बोली लगा सकते हैं। इस आईपीओ के तहत 10 रुपये फेस वैल्यू वाले कुल 86,95,946 शेयर जारी किए जा रहे हैं। इनमें लगभग 129 करोड़ रुपये के 69,45,946 नए शेयर जारी हो रहे हैं। इसके अलावा लगभग 32 करोड़ रुपये के 17.50 लाख शेयर ऑफर फॉर सेल विंडो के जरिये बेचे जा रहे हैं।

इस आईपीओ में क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स (क्यूआईबी) के लिए 50 प्रतिशत हिस्सा रिजर्व किया गया है। इसके अलावा रिटेल इनवेस्टर्स के लिए 35 प्रतिशत हिस्सा और नॉन इंस्टीट्यूशनल इनवेस्टर्स (एनआईआई) के लिए 15 प्रतिशत हिस्सा रिजर्व है। इस इश्यू के लिए सृजन अल्फा कैपिटल एडवाइजर्स एलएलपी को बुक रनिंग लीड मैनेजर बनाया गया है, जबकि एमयूजीएफ इनटाइम इंडिया प्राइवेट लिमिटेड को रजिस्ट्रार बनाया गया है।

स्वास्तिका इंफ्रा की वित्तीय स्थिति की बात करें तो कैपिटल मार्केट रेगुलेटर सेबी के पास जमा कराए गए रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस (आरएचपी) में किए गए दावे के मुताबिक इसकी वित्तीय सेहत लगातार मजबूत हुई है। वित्त वर्ष 2023-24 में कंपनी को 13.98 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ हुआ था, जो अगले वित्त वर्ष 2024-25 में बढ़ कर 27.45 करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंच गया। पिछले वित्त वर्ष 2025-26 में कंपनी को 41.43 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ हुआ था।

इस दौरान कंपनी की राजस्व प्राप्ति में भी बढ़ोतरी हुई। वित्त वर्ष 2023-24 में इसे 211.33 करोड़ रुपये का कुल राजस्व प्राप्त हुआ, जो वित्त वर्ष 2024-25 में बढ़ कर 352.60 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया। पिछले वित्त वर्ष 2025-26 में कंपनी को 505.57 करोड़ रुपये का राजस्व प्राप्त हुआ था।

इस अवधि में कंपनी पर लदे कर्ज के बोझ में भी लगातार बढ़ोतरी हुई। वित्त वर्ष 2023-24 के अंत में कंपनी पर 43.82 करोड़ रुपये के कर्ज का बोझ था, जो अगले वित्त वर्ष 2024-25 में बढ़ कर 111.02 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया। पिछले वित्त वर्ष 2025-26 की बात करें तो इस दौरान कंपनी पर लदे कर्ज का बोझ उछल कर 114.64 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया।

इस अवधि में कंपनी के नेटवर्थ में भी बढ़ोतरी हुई। वित्त वर्ष 2023-24 में ये 49.57 करोड़ रुपये के स्तर पर था। इसी तरह 2024-25 में कंपनी का नेटवर्थ बढ़ कर 77.02 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया। पिछले वित्त वर्ष 2025-26 में ये 156.78 करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंच गया।

कंपनी के रिजर्व और सरप्लस की बात करें तो इस अवधि में कंपनी इस मोर्चे पर भी बढ़त हासिल करने में सफल रही है। वित्त वर्ष 2023-24 में ये 24.82 करोड़ रुपये के स्तर पर था। इसी तरह 2024-25 में कंपनी का रिजर्व और सरप्लस जबरदस्त उछाल के साथ 52.27 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया। पिछले वित्त वर्ष 2025-26 में कंपनी का रिजर्व और सरप्लस 129.60 करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंच गया।

इसी तरह ईबीआईटीडीए (अर्निंग बिफोर इंट्रेस्ट, टैक्सेज, डिप्रेशिएशंस एंड एमॉर्टाइजेशन) 2023-24 में 23.71 करोड़ रुपये के स्तर पर था, जो 2024-25 में बढ़ कर 43.89 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया। पिछले वित्त वर्ष 2025-26 में कंपनी का ईबीआईटीडीए उछल कर 70.85 करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंच गया।

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हिन्दुस्थान समाचार / योगिता पाठक

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