वर्ल्डस्किल्स शंघाई में भारत के 70 प्रतिभागियों ने शुरू की पदक की चुनौती

युगवार्ता    23-Sep-2026
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र्ल्डस्किल्स शंघाई-2026 के उद्घाटन समारोह में परेड ऑफ नेशंस के दौरान मार्च करता भारत का 70 सदस्यीय दल।


नई दिल्ली, 23 सितंबर (हि.स.)। देश के अबतक के सबसे बड़े कौशल दल के साथ भारत ने वर्ल्डस्किल्स शंघाई-2026 में अपनी वैश्विक प्रतिस्पर्धा की शुरुआत की। भारत के 70 युवा प्रतिभागी 63 कौशल श्रेणियों में मुकाबले में उतर गए हैं। यह भारत का अब तक का सबसे बड़ा वर्ल्डस्किल्स दल है।

कौशल विकास एवं उद्यमिता मंत्रालय के अनुसार, चार दिवसीय प्रतियोगिता की शुरुआत बुधवार को हुई। इससे पहले मंगलवार शाम शंघाई वर्ल्ड एक्सपो कल्चरल सेंटर में आयोजित उद्घाटन समारोह में भारतीय दल ने दुनिया के विभिन्न देशों और क्षेत्रों के दलों के साथ परेड ऑफ नेशंस में हिस्सा लिया। समारोह में 65 से अधिक देशों और क्षेत्रों के करीब 1,400 प्रतियोगियों ने भाग लिया।

उद्घाटन समारोह के दौरान भारतीय दल के युवा प्रतियोगी राष्ट्रीय ध्वज लेकर और टीम इंडिया के रंगों की पोशाक में मार्च करते हुए समारोह स्थल पहुंचे। इसके साथ ही वर्ल्डस्किल्स प्रतियोगिता के 48वें संस्करण की औपचारिक शुरुआत हुई।

शंघाई में आयोजित समारोह में चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग का बधाई संदेश पढ़ा गया। चीन के प्रधानमंत्री ली कियांग समारोह में मौजूद रहे और उन्होंने प्रतियोगिता के औपचारिक रूप से शुरू होने की घोषणा की।

भारतीय दल के साथ वर्ल्डस्किल्स इंडिया की आधिकारिक प्रतिनिधि और कौशल विकास एवं उद्यमिता मंत्रालय की वरिष्ठ आर्थिक सलाहकार मनीषा शर्मा तथा प्रशिक्षण महानिदेशालय के महानिदेशक एवं राष्ट्रीय कौशल संगठन के मुख्य कार्यकारी अधिकारी दिलीप कुमार भी मौजूद रहे।

दिलीप कुमार ने कहा कि भारतीय प्रतियोगी महीनों की गहन तकनीकी तैयारी, बार-बार अभ्यास और विशेषज्ञों तथा उद्योग भागीदारों के मार्गदर्शन के बाद शंघाई पहुंचे हैं। अब प्रतियोगिता के चार दिनों में ध्यान सटीकता, धैर्य और लगातार बेहतर प्रदर्शन पर है। 70 प्रतियोगियों में 14 प्रतियोगी औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों से हैं।

मनीषा शर्मा ने कहा कि उद्घाटन समारोह में टीम इंडिया को मार्च करते देखना गर्व का क्षण था। भारत के 70 प्रतियोगी एक कुशल और आत्मविश्वासी भारत की आकांक्षाओं का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं। प्रतियोगिता के माध्यम से उन्हें दुनिया के सर्वश्रेष्ठ प्रतियोगियों के साथ अपनी क्षमता की तुलना करने, वैश्विक प्रतिभाओं से सीखने और भारत के कौशल विकास तंत्र से उभर रही प्रतिभा का प्रदर्शन करने का अवसर मिलेगा।

इस वर्ष भारत की भागीदारी के स्तर और दायरे में भी विस्तार हुआ है। भारत पहली बार 11 नई कौशल श्रेणियों में हिस्सा ले रहा है। इनमें डेंटल प्रोस्थेटिक्स, डिजिटल इंटरैक्टिव मीडिया डिजाइन, इंटेलिजेंट सिक्योरिटी टेक्नोलॉजी, लैंडस्केप गार्डनिंग, ऑप्टोइलेक्ट्रॉनिक टेक्नोलॉजी, रिटेल सेल्स, अनमैन्ड एरियल सिस्टम्स, इंडस्ट्रियल मैकेनिक्स, सॉफ्टवेयर टेस्टिंग, हेवी व्हीकल टेक्नोलॉजी और एयरक्राफ्ट मेंटेनेंस शामिल हैं।

भारतीय दल की परेड में मौजूदगी देश के कौशल विकास तंत्र की विविधता और क्षमता को दर्शाती है। प्रतियोगियों का चयन कठोर प्रक्रिया के माध्यम से किया गया है। इसके बाद उन्हें कई महीनों तक विशेष प्रशिक्षण, गहन अभ्यास और अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप तैयारी कराई गई। इस पूरी प्रक्रिया में राज्य सरकारों, सेक्टर स्किल काउंसिल, प्रशिक्षण संस्थानों, उद्योग भागीदारों, विशेषज्ञों और मार्गदर्शकों का सहयोग रहा।

वर्ल्डस्किल्स प्रतियोगिता हर दो वर्ष में वर्ल्डस्किल्स इंटरनेशनल की ओर से आयोजित की जाती है। यह व्यावसायिक शिक्षा, प्रशिक्षण और कौशल उत्कृष्टता का दुनिया का सबसे बड़ा अंतरराष्ट्रीय मंच है। इसमें युवा पेशेवर अपनी तकनीकी दक्षता, सटीकता, रचनात्मकता, शिल्प कौशल और नवाचार का प्रदर्शन करते हैं तथा वैश्विक मानकों के आधार पर अपनी क्षमता का परीक्षण करते हैं।

प्रतियोगिताएं बुधवार सुबह 9 बजे शंघाई स्थित नेशनल एग्जिबिशन एंड कन्वेंशन सेंटर में शुरू हुईं और 26 सितंबर तक चलेंगी। इसके बाद 27 सितंबर को समापन समारोह आयोजित होगा। वर्ल्डस्किल्स शंघाई-2026 के दौरान वर्ल्डस्किल्स एक्सपो और वर्ल्डस्किल्स कॉन्फ्रेंस भी आयोजित किए जा रहे हैं। इनमें युवा प्रतिभाओं, नीति निर्माताओं, शिक्षकों और उद्योग जगत के प्रतिनिधियों को कौशल विकास तथा तकनीकी एवं व्यावसायिक शिक्षा के भविष्य पर विचार-विमर्श और अनुभव साझा करने का अवसर मिलेगा।

भारत वर्ल्डस्किल्स लियोन-2024 में अपने प्रदर्शन को आगे बढ़ाने की कोशिश करेगा। लियोन प्रतियोगिता में भारत ने चार कांस्य पदक और 12 उत्कृष्टता पदक हासिल किए थे। शंघाई में भारतीय युवा पेशेवरों को दुनिया के सर्वश्रेष्ठ प्रतियोगियों के साथ अपनी क्षमता का परीक्षण करने और देश की कुशल प्रतिभा, अनुशासन तथा भविष्य के लिए तैयार क्षमता को प्रदर्शित करने का अवसर मिलेगा।

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हिन्दुस्थान समाचार / प्रशांत शेखर

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