एशियाई खेल: स्क्वैश में भारत को दो रजत, अभय और अनाहत ने जीते पदक

युगवार्ता    27-Sep-2026
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अभय और अनाहत फोटो- सोशल मीडिया एक्स


आइची-नागोया (जापान), 27 सितंबर (हि.स.)। जापान के आइची-नागोया में जारी एशियाई खेलों में भारत ने रविवार को स्क्वैश में दो रजत पदक जीते। पुरुष एकल में अभय सिंह के बाद महिला एकल में युवा खिलाड़ी अनाहत सिंह ने भी रजत पदक अपने नाम किया। हालांकि, दोनों खिलाड़ी स्वर्ण पदक जीतने से चूक गए।

स्क्वैश में पुरुष एकल के फाइनल में भारत के अभय सिंह को मलेशिया के ऐन यो एनजी के खिलाफ 9-11, 5-11, 5-11 से हार का सामना करना पड़ा। मुकाबले में अभय मलेशियाई खिलाड़ी ऐन यो के सामने तीनों गेम में संघर्ष करते नजर आए। ऐन यो ने पहला गेम 11-9 से जीतकर बढ़त बनाई। इसके बाद उन्होंने दूसरे गेम में भी अभय को वापसी का मौका नहीं दिया और 11-5 से गेम अपने नाम कर लिया। तीसरे गेम में अभय ने अच्छी शुरुआत करने की कोशिश की लेकिन मलेशियाई खिलाड़ी ने मुकाबले पर नियंत्रण बना लिया और 11-5 से गेम जीतकर स्वर्ण पदक अपने नाम कर लिया।

ऐन यो ने इस जीत के साथ लगातार दूसरे एशियाई खेलों में पुरुष एकल का खिताब बरकरार रखा। वहीं, अभय को रजत पदक से संतोष करना पड़ा। अभय ने इससे पहले सेमीफाइनल में पाकिस्तान के मुहम्मद इरफान को 11-3, 12-10, 11-6 से हराकर फाइनल में प्रवेश किया था।

अनाहत सिंह भी स्वर्ण से चूकींमहिला एकल के फाइनल में भारत की 18 वर्षीय अनाहत सिंह को मलेशिया की सिवसांगरी सुब्रमण्यम ने 11-4, 11-4, 11-7 से हराया। इस तरह अनाहत को रजत पदक मिला, जबकि सिवसांगरी ने स्वर्ण पदक अपने नाम किया।

करीब 27 मिनट तक चले मुकाबले में अनाहत शुरुआत से अपनी लय हासिल नहीं कर सकीं। मलेशियाई खिलाड़ी ने पहले दोनों गेम 11-4 से जीतकर मजबूत बढ़त बना ली। तीसरे गेम में अनाहत ने थोड़ी चुनौती पेश की और स्कोर को करीब रखने की कोशिश की लेकिन सिवसांगरी ने 11-7 से गेम जीतकर मैच अपने नाम कर लिया।

अनाहत ने फाइनल में पहुंचने से पहले सेमीफाइनल में जापान की सातोमी वातानाबे को रोमांचक मुकाबले में 9-11, 11-13, 12-10, 11-6, 11-3 से हराया था।

भारत के पदकों की संख्या 32 हुईअभय सिंह और अनाहत सिंह के रजत पदकों के साथ एशियाई खेलों 2026 में भारत की पदक संख्या 32 हो गई है। भारत के खाते में अब तक 4 स्वर्ण, 14 रजत और 14 कांस्य पदक हैं।---------------

हिन्दुस्थान समाचार / वीरेन्द्र सिंह

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