
- मप्र के मुख्यमंत्री ने खुद अपने पैतृक मकान पर गेती चलाकर सिंहस्थ के लिए सड़क चौड़ीकरण कार्य के लिए प्रस्तुत किया अद्वितीय उदाहरण
भोपाल, 27 सितम्बर (हि.स.)। मध्य प्रदेश के उज्जैन में सिंहस्थ 2028 की तैयारियों के बीच शहर की सबसे पुरानी बस्ती अब्दालपुरा ने हिन्दू-मुस्लिम एकता की मिसाल बन गया है। यहां रविवार को शुरू हुए सड़क चौडीकरण के कार्य में हिन्दुओं के साथ मुस्लिम समाज के लोग भी खुशी-खुशी इस अभियान से जुड़कर खुद ही अपना मकान तोड़ने के लिए तैयार नजर आ रहे हैं।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव उज्जैन शहर के अब्दालपुरा क्षेत्र के के मूल निवासी हैं। उन्होंने रविवार सुबह 10 बजे अब्दालपुरा स्थित अपने पैतृक मकान में खुद गेती चलाकर सिंहस्थ 2028 के लिए शहर में चल रहे सड़क चौड़ीकरण कार्य की शुरुआत की। इसके बाद उन्होंने खुद के पैतृक मकान पर गेती चलाई और सड़क चौड़ीकरण कार्य के लिए यह निजी मकान तोड़ने की शुरुआत की।
अब्दालपुरा उज्जैन शहर की बहुत पुरानी बस्ती है। यहां पर एक तरफ खजूर वाली मस्जिद है और दूसरे छोर पर जीवाजीगंज थाना है। इसके बीच के 272 मकानों में अधिकांश मकान हिंदू, मुसलमान और बोहरा समुदाय के हैं। यहां सड़क चौड़ीकरण में प्रत्येक समुदाय के लोग खुशी-खुशी अपना मकान खुद पीछे हटाकर अनुकरणीय मिसाल पेश कर रहे हैं।
उज्जैन शहर में हो रहे अनेक आवागमन मार्गों के चौड़ीकरण में यह मार्ग शहरवासियों को विकास में सहभागी बनने की प्रेरणा दे रहा है। यहां के कादर भाई कहते हैं कि सड़क चौड़ीकरण से उनकी सालों पुरानी इच्छा पूरी होने जा रही है। इस सड़क से वाहन निकलना मुश्किल था। अब आवागमन आसान होगा। वे कहते हैं कि इस इलाके में सभी मकानों की चौड़ाई चाहे कम-ज्यादा हो, लेकिन दिलों की गहराई काफी है। इस मार्ग के दोनों तरफ रहने वाले रहवासी सड़क चौड़ीकरण के लिए सहर्ष जगह देने को तैयार हैं। किसी को कोई आपत्ति नहीं है। हर व्यक्ति इस काम में अपनी सहभागिता कर रहा है।
मुख्यमंत्री मोहन यादव के निजी मकान के पड़ोसी पवन पांचाल कहते हैं कि यह चौड़ीकरण इस क्षेत्र के लिए वरदान साबित होगा। सड़क चौड़ी होने के बाद यहां बनने वाले मकानों और दुकानों की वैल्यू बढ़ जाएगी और व्यापार-व्यवसाय भी बढ़ेगा, रोज़ का आवागमन तो सुगम होगा ही
सड़क के दूसरी तरफ मुख्यमंत्री डॉ. यादव की बहन एवं नगर निगम उज्जैन की सभापति कलवाती यादव का मकान है। यह मकान भी सड़क चौड़ीकरण की ज़द में आ रहा है। इसी लाइन में दूध की दुकान चला रहे नरेन्द्र जैन कहते हैं कि सड़क चौड़ीकरण में मुख्यमंत्री और उनके परिवार का मकान भी टूटने से शहर में यह सन्देश जा रहा है कि यहां कोई खास नहीं है। आम हों या ख़ास, महाकाल की नगरी में सब बराबर हैं। सिंहस्थ के कामों में सभी सहभागी बन रहे हैं। सभी के मकान एक लाइन से और समान लंबाई में टूट रहे हैं।
इसी गली में रहने वाले पूर्व पार्षद जगदीश पांचाल कहते हैं कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव विकसित उज्जैन का सपना साकार कर रहे हैं। इससे न केवल उज्जैन की तस्वीर बदलेगी, बल्कि सिंहस्थ में आने वाले करोड़ों लोगों के आवागमन और उनके अच्छे प्रवास की सुविधाएं विकसित होंगी।
जनहित को समर्पित व्यक्तित्व
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सिंहस्थ 2028 के लिए जारी विकास एवं निर्माण कार्यों को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए उज्जैन स्थित अपना पैतृक निवास एवं जन्म स्थान को जनहित के लिए समर्पित कर दिया। धर्मनगरी उज्जैन के विकास और लोक कल्याण के प्रति उनका यह समर्पण सेवा, संवेदनशीलता और जनहित के लिए व्यक्तिगत प्रतिबद्धता का प्रेरणादायी उदाहरण है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि उज्जैन के लोगों ने विकास कार्यों में सहभागी बनकर ख़ुद अपना मकान तोड़ने में सहयोग दिया, ये एक आदर्श उदाहरण है। उज्जैन की आबादी 8 लाख है, लेकिन सिंहस्थ में यहां 40 करोड़ से अधिक लोगों के आने की संभावना है। सिंहस्थ के लिए सबने बहुत योगदान दिया है। उन सभी का धन्यवाद, जिन्होंने बिना भेदभाव के नि: संकोच सिंहस्थ आयोजन के लिए अपने देवस्थान (पूजा स्थल) तक पीछे कर लिए। यही उज्जैन के लोगों का आदर्श है, इसी से सरकार पर भरोसा बनता है। उन्होंने कहा कि सिंहस्थ की तैयारी और नगर सौंदर्यीकरण के लिए उज्जैन के रहवासी स्वेच्छा से अपने पुश्तैनी घरों को तोड़कर सड़क चौड़ीकरण में प्रशासन की सहायता कर रहे हैं। उनका यह योगदान अभिनंदनीय है।
उन्होंने कहा कि जब मैं पहली बार साइंस कॉलेज से चुनाव जीतकर आया, तब जॉइंट सेक्रेटरी का चुनाव लड़ा, फिर प्रेसिडेंट का चुनाव लड़ा और उसके बाद भी जब-जब चुनाव लड़ा, हर चुनाव में मेरे सामने एक बात रही। आने वाले समय को ध्यान में रखते हुए हमें अपने आचरण और कार्यों से उदाहरण प्रस्तुत करना चाहिए। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी इस दृष्टि से हम सबके समक्ष एक उत्कृष्ट उदाहरण हैं। वे व्यक्तिगत हितों से नितान्त परे रहकर नियम, कानून और सुशासन के लिए आवश्यक सभी विषयों को विशेष प्राथमिकता देते हैं। उनके सार्वजनिक जीवन से हम सबको बहुत कुछ सीखने को मिलता है।
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हिन्दुस्थान समाचार / मुकेश तोमर