बिहार में खनिज अन्वेषण और ई-नीलामी को मिलेगी गति, भूमिगत कोयला गैसीकरण की संभावनाओं पर चर्चा

युगवार्ता    28-Sep-2026
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खान एंव भूतत्व विभाग की बैठक के दौरान मंत्री और अधिकारीगण


पटना, 28 सितंबर (हि.स.)। बिहार में खनिज संसाधनों के वैज्ञानिक अन्वेषण, खनिज ब्लॉकों के विकास और पारदर्शी ई-नीलामी प्रक्रिया को गति देने के उद्देश्य से सोमवार को केंद्रीय कोयला एवं खान राज्यमंत्री सतीश चंद्र दुबे की अध्यक्षता में बैठक हुई। इसमें राज्य के खनिज क्षेत्र से जुड़े विभिन्न विषयों पर विस्तृत विचार-विमर्श किया गया।

बैठक में बिहार के खान एवं भूतत्व मंत्री डॉ. प्रमोद कुमार, विभाग के वरीय अधिकारी, भारतीय भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण (जीएसआई), राष्ट्रीय खनिज अन्वेषण ट्रस्ट, एमईसीएल सहित संबंधित संस्थानों के प्रतिनिधि मौजूद रहे। भागलपुर जिले में अन्वेषित कोयला ब्लॉक में भूमिगत कोयला गैसीकरण के माध्यम से कोयला संसाधनों के उपयोग की संभावनाओं पर विशेष चर्चा हुई। खान एवं भूतत्व विभाग ने भूमिगत कोयला गैसीकरण से संबंधित प्रस्ताव पर अनुकूलतापूर्वक विचार करने तथा आवश्यक समन्वय और सहयोग उपलब्ध कराने का अनुरोध किया।

केंद्रीय राज्यमंत्री सतीश चंद्र दुबे ने कहा कि बिहार में उपलब्ध खनिज संसाधनों के वैज्ञानिक और आधुनिक तकनीक आधारित उपयोग के लिए केंद्र सरकार आवश्यक सहयोग करेगी। उन्होंने कहा कि भूमिगत कोयला गैसीकरण जैसे विकल्पों की तकनीकी संभावनाओं की समीक्षा कर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

केंद्रीय राज्यमंत्री ने संभावित निवेशकों और बोलीदाताओं को तकनीकी संभावनाओं से अवगत कराने के लिए पटना में रोड शो आयोजित करने की दिशा में भी पहल करने की बात कही।

बिहार के खान एवं भूतत्व मंत्री डॉ. प्रमोद कुमार ने कहा कि बिहार की खनिज संपदा राज्य के औद्योगिक और आर्थिक विकास का महत्वपूर्ण आधार है। सरकार का प्रयास है कि खनिज संसाधनों का वैज्ञानिक, पारदर्शी और सतत उपयोग हो तथा अन्वेषण से लेकर ई-नीलामी और उत्पादन तक की प्रक्रिया समयबद्ध तरीके से पूरी की जाए।

बैठक में खनिज अन्वेषण कार्यों में तेजी लाने के उपायों पर भी चर्चा हुई। जीएसआई के अलावा अधिसूचित निजी अन्वेषण एजेंसियों के माध्यम से विभिन्न खनिजों का व्यापक अन्वेषण कराने की आवश्यकता पर विचार किया गया। ग्लूकोनाइट और लाइमस्टोन सहित प्रमुख खनिजों से जुड़े ब्लॉकों की ई-नीलामी की प्रगति तथा आगामी कार्ययोजना की भी समीक्षा की गई।

रोहतास जिले के नीलामित पिपराडीह-भुरवा और चुटिया-नौहट्टा ग्लूकोनाइट ब्लॉक तथा भोरा-कथरा लाइमस्टोन ब्लॉक में उत्पादन की तैयारियों की समीक्षा की गई। गयाजी जिले के गेंजाना निकेल-क्रोमियम एवं पीजीई ब्लॉक में उत्पादन और प्रेषण की स्थिति पर भी चर्चा हुई। सभी वैधानिक प्रक्रियाएं पूरी कर जल्द उत्पादन और प्रेषण शुरू करने पर जोर दिया गया।

बैठक के दौरान बिहार में पत्थर भूखंडों की ई-नीलामी की प्रगति की भी समीक्षा की गई। ई-नीलामी की प्रक्रिया निर्धारित समय-सीमा में पूरी करने और खनिज ब्लॉकों से शीघ्र उत्पादन एवं प्रेषण सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक कार्रवाई पर विचार-विमर्श हुआ।

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हिन्दुस्थान समाचार / गोविंद चौधरी

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