एसआरआईटी इंडिया का आईपीओ लॉन्च, 30 सितंबर तक लगा सकते हैं बोली

युगवार्ता    28-Sep-2026
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प्रतीकात्मक


नई दिल्ली, 28 सितंबर (हि.स.)। सरकारी विभागों और बड़ी कंपनियों के लिए कस्टम सॉफ्टवेयर और आईटी सॉल्यूशन तैयार करने वाली कंपनी एसआरआईटी इंडिया का 248.40 करोड़ रुपये का आईपीओ आज सब्सक्रिप्शन के लिए लॉन्च कर दिया गया। इस आईपीओ में 30 सितंबर तक बोली लगाई जा सकती है। इश्यू की क्लोजिंग के बाद एक अक्टूबर को शेयरों का अलॉटमेंट किया जाएगा, जबकि पांच सितंबर को अलॉटेड शेयर डीमैट अकाउंट में क्रेडिट कर दिए जाएंगे। कंपनी के शेयर छह अक्टूबर को बीएसई और एनएसई पर लिस्ट हो सकते हैं। लॉन्चिंग के बाद दोपहर दो बजे तक यह आईपीओ 63 प्रतिशत सब्सक्राइब हुआ था।

इस आईपीओ में बोली लगाने के लिए 123 रुपये से लेकर 130 रुपये प्रति शेयर का प्राइस बैंड तय किया गया है, जबकि लॉट साइज 115 शेयर का है। इस आईपीओ में रिटेल इनवेस्टर्स कम से कम एक लॉट यानी 115 शेयरों के लिए बोली लगा सकते हैं, जिसके लिए उन्हें 14,950 रुपये का निवेश करना होगा। इसी तरह रिटेल इनवेस्टर 1,94,350 रुपये के निवेश से अधिकतम 13 लॉट में 1,495 शेयरों के लिए बोली लगा सकते हैं। इस आईपीओ के तहत 5 रुपये फेस वैल्यू वाले कुल 1.68 करोड़ नए शेयर जारी किए जा रहे हैं।

इस आईपीओ में क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स (क्यूआईबी) के लिए 50 प्रतिशत हिस्सा रिजर्व किया गया है। इसके अलावा रिटेल इनवेस्टर्स के लिए 35 प्रतिशत हिस्सा और नॉन इंस्टीट्यूशनल इनवेस्टर्स (एनआईआई) के लिए 15 प्रतिशत हिस्सा रिजर्व है। इस इश्यू के लिए चॉयस कैपिटल एडवाइजर्स लिमिटेड को बुक रनिंग लीड मैनेजर बनाया गया है, जबकि केफिन टेक्नोलॉजीज लिमिटेड को रजिस्ट्रार बनाया गया है।

एसआरआईटी इंडिया की वित्तीय स्थिति की बात करें, तो कैपिटल मार्केट रेगुलेटर सेबी के पास जमा कराए गए रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस (आरएचपी) में किए गए दावे के मुताबिक इसकी वित्तीय सेहत लगातार मजबूत बनी रही है। वित्त वर्ष 2023-24 में कंपनी को 29.08 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ हुआ था, जो अगले वित्त वर्ष 2024-25 में बढ़ कर 33.60 करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंच गया। पिछले वित्त वर्ष 2025-26 में कंपनी को 43.29 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ हुआ था।

इस दौरान कंपनी की राजस्व प्राप्ति में भी बढ़ोतरी हुई। वित्त वर्ष 2023-24 में इसे 282.22 करोड़ रुपये का कुल राजस्व प्राप्त हुआ, जो वित्त वर्ष 2024-25 में बढ़ कर 400.50 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया। पिछले वित्त वर्ष 2025-26 में कंपनी को 462.54 करोड़ रुपये का राजस्व प्राप्त हुआ था। इस अवधि में कंपनी पर लदे कर्ज के बोझ में उतार-चढ़ाव होता रहा। वित्त वर्ष 2023-24 के अंत में कंपनी पर 22.28 करोड़ रुपये के कर्ज का बोझ था, जो अगले वित्त वर्ष 2024-25 में बढ़ कर 51.30 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया। पिछले वित्त वर्ष 2025-26 की बात करें, तो इस दौरान कंपनी पर लदे कर्ज का बोझ घट कर 36.15 करोड़ रुपये रह गया।

इस अवधि में कंपनी के नेटवर्थ में भी बढ़ोतरी हुई। वित्त वर्ष 2023-24 में ये 80.47 करोड़ रुपये के स्तर पर था। इसी तरह 2024-25 में कंपनी का नेटवर्थ बढ़ कर 93.17 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया। पिछले वित्त वर्ष 2025-26 में ये 193.27 करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंच गया। कंपनी के रिजर्व और सरप्लस की बात करें, तो इस अवधि में कंपनी को इस मोर्चे पर भी सफलता मिली। वित्त वर्ष 2023-24 में ये 53.52 करोड़ रुपये के स्तर पर था। इसी तरह 2024-25 में कंपनी का रिजर्व और सरप्लस बढ़ कर 72.93 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया। पिछले वित्त वर्ष 2025-26 में कंपनी का रिजर्व और सरप्लस जोरदार उछाल के साथ 169.54 करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंच गया।

इसी तरह ईबीआईटीडीए (अर्निंग बिफोर इंट्रेस्ट, टैक्सेज, डिप्रेशिएशंस एंड एमॉर्टाइजेशन) 2023-24 में 40.99 करोड़ रुपये के स्तर पर था, जो 2024-25 में बढ़ कर 49.81 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया। पिछले वित्त वर्ष 2025-26 में कंपनी का ईबीआईटीडीए उछल कर 64.77 करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंच गया।

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हिन्दुस्थान समाचार / योगिता पाठक

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