उत्तरकाशी में रेस्क्यू अभियान पूरा, 67 ट्रैकर्स और पोर्टर्स सुरक्षित निकाले गए

युगवार्ता    29-Sep-2026
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हेलीकॉप्टर उच्च हिमालयी क्षेत्र में रेस्क्यू करता।


रेस्क्यू अभियान पूरा करने के बाद वापस लौटी रेक्स्यू टीम के सदस्य


उत्तरकाशी, 29 सितंबर (हि.स.)। उत्तरकाशी जिले के दुर्गम और अत्यधिक ऊंचाई वाले उच्च हिमालयी क्षेत्रों में बारिश और बर्फबारी के कारण फंसे ट्रैकर्स एवं पोर्टर्स को सुरक्षित निकालने के लिए चलाया गया रेस्क्यू अभियान मंगलवार को सफलतापूर्वक पूरा कर लिया गया। करीब डेढ़ दिन तक चले अभियान में विभिन्न ट्रैक रूटों से कुल 67 ट्रैकर्स और पोर्टर्स को सुरक्षित निकाला गया। सभी का स्वास्थ्य परीक्षण कराने के बाद उन्हें उनके गंतव्य के लिए रवाना कर दिया गया।

गंगोत्री घाटी में अचानक हुई बारिश और बर्फबारी के चलते कालिंदी पास समेत आसपास के उच्च हिमालयी क्षेत्रों में 136 पर्वतारोही, ट्रैकर्स और सपोर्ट स्टाफ अपने-अपने बेस कैंप में फंस गए थे। उन्हें सुरक्षित निकालने के लिए सोमवार सुबह पुलिस, जिला प्रशासन, भारतीय सेना, वायुसेना, एसडीआरएफ, एनडीआरएफ और आपदा प्रबंधन की संयुक्त टीमों ने रेस्क्यू अभियान शुरू किया। पहले दिन मौसम अनुकूल रहने तक 40 लोगों को सुरक्षित निकाला गया, लेकिन बाद में मौसम बिगड़ने के कारण हेली रेस्क्यू रोकना पड़ा।

मंगलवार को मौसम में सुधार के बाद सुबह से दोबारा अभियान शुरू किया गया और कालिंदी पास से 08 ट्रैकर्स, जोगिन-1 से 08, सतोपंथ पीक बेस कैंप से 08 ट्रैकर्स तथा वासुकी ताल क्षेत्र से 03 आर्मी पोर्टर्स को हेलीकॉप्टर के माध्यम से सुरक्षित रेस्क्यू कर हर्षिल लाया गया, जहां स्वास्थ्य परीक्षण के बाद सभी को उनके गतव्य के लिए भेज दिया गया।

रेस्क्यू के दौरान दुर्गम पहाड़ी भू-भाग, अत्यधिक ऊंचाई, तेज हवाओं, भारी बर्फबारी और प्रतिकूल मौसम के कारण बचाव दलों को काफी चुनौतियों का सामना करना पड़ा। तेज हवाओं के कारण कई बार हेलीकॉप्टर संचालन भी प्रभावित हुआ।

जिलाधिकारी प्रशांत आर्य ने कहा कि विषम परिस्थितियों के बावजूद जिला प्रशासन और सभी संबंधित एजेंसियों ने तत्परता, समन्वय और जिम्मेदारी के साथ कार्य किया। उन्होंने बताया कि मंगलवार तक 67 ट्रैकर्स और पोर्टर्स को सुरक्षित निकालकर रेस्क्यू अभियान पूरा कर लिया गया है।

प्रशासन के अनुसार, शेष दलों में श्रीकंठ एक्सपीडिशन के 18 सदस्य अपने अभियान को पूरा करना चाहते हैं। इसके अलावा सुदर्शन पीक के 12 सदस्य, भागीरथी-II (आर्मी) के 20 सदस्य, भागीरथी-II अभियान के नौ, शिवलिंग अभियान के सात और एक पांच सदस्यीय दल सुरक्षित रूप से स्वयं वापस लौट रहे हैं।

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हिन्दुस्थान समाचार / सुरेन्द्र नौटियाल/ राजेश कुमार पांडेय

हिन्दुस्थान समाचार / राजेश कुमार पांडेय

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