
नई दिल्ली, 30 सितंबर (हि.स.)। डिजिटल मार्केटिंग के काम में लगी कंपनी लिक्विड डिजिटल इंडिया लिमिटेड के शेयरों ने आज स्टॉक मार्केट में सुस्त शुरुआत कर अपने आईपीओ निवेशकों को निराश कर दिया। आईपीओ के तहत कंपनी के शेयर 54 रुपये के भाव पर जारी किए गए थे। आज बीएसई के एसएमई प्लेटफॉर्म पर इसकी लिस्टिंग 53.73 रुपये के स्तर पर हुई, जो इसके इश्यू प्राइस से मामूली रूप से नीचे रहा।
कमज़ोर लिस्टिंग के बाद बाजार में बिकवाली का दबाव बन गया, जिसके कारण इस शेयर की चाल में और गिरावट आ गई। लगातार हो रही बिकवाली के दबाव में थोड़ी ही देर में कंपनी के शेयर गिरकर 51.05 रुपये के लोअर सर्किट लेवल पर पहुंच गए। इस तरह पहले दिन के कारोबार में कंपनी के आईपीओ निवेशक प्रति शेयर 2.95 रुपये यानी 5.46 प्रतिशत के नुकसान में रहे।
इस कंपनी का 39.01 करोड़ रुपये का आईपीओ 23 से 25 सितंबर के बीच सब्सक्रिप्शन के लिए खुला था। इस आईपीओ को निवेशकों की ओर से एवरेज रिस्पॉन्स मिला था, जिसके कारण यह ओवरऑल 5.46 गुना सब्सक्राइब हुआ था। इनमें क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स के लिए रिजर्व पोर्शन 1.05 गुना सब्सक्राइब हुआ था। इसी तरह नॉन-इंस्टीट्यूशनल इन्वेस्टर्स (NII) के लिए रिजर्व पोर्शन में 28.92 गुना सब्सक्रिप्शन आया था। इसके अलावा रिटेल इन्वेस्टर्स के लिए रिजर्व पोर्शन 1.46 गुना सब्सक्राइब हो सका था।
इस आईपीओ के तहत 5 रुपये फेस वैल्यू वाले कुल 72,24,000 शेयर जारी किए गए हैं। इनमें लगभग 34.14 करोड़ रुपये के 63,22,000 नए शेयर जारी हुए हैं। इसके अलावा लगभग 4.87 करोड़ रुपये के 9,02,000 शेयर ऑफर फॉर सेल विंडो के जरिए बेचे गए हैं। आईपीओ के जरिए जुटाए गए पैसे का इस्तेमाल कंपनी डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर की जरूरतों को पूरा करने, वर्किंग कैपिटल की आवश्यकताओं, नए ऑफिस खोलने और सामान्य कॉरपोरेट उद्देश्यों में करेगी।
लिक्विड डिजिटल इंडिया की वित्तीय स्थिति की बात करें तो कैपिटल मार्केट रेगुलेटर सेबी के पास जमा कराए गए रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस (आरएचपी) में किए गए दावे के मुताबिक इसकी वित्तीय सेहत लगातार मजबूत हुई है। 31 मार्च 2026 को खत्म हुए वित्त वर्ष के दौरान कंपनी को 8.03 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ हुआ था। इसी तरह इस वित्त वर्ष के दौरान कंपनी को कुल 60.89 करोड़ रुपये के राजस्व की प्राप्ति हुई थी।
पिछले वित्त वर्ष 2025-26 के अंत तक कंपनी का नेटवर्थ 34.19 करोड़ रुपये का था, जबकि इस दौरान कंपनी के पास रिजर्व और सरप्लस हेड में 26.22 करोड़ रुपये थे। वहीं, पिछले वित्त वर्ष के अंत यानी 31 मार्च 2026 तक कंपनी पर 9.79 करोड़ रुपये के कर्ज का बोझ लदा हुआ था। इसी तरह 31 मार्च 2026 को कंपनी का ईबीआईटीडीए (अर्निंग बिफोर इंट्रेस्ट, टैक्सेज, डिप्रेशिएशंस एंड एमॉर्टाइजेशन) 11.26 करोड़ रुपये के स्तर पर था।
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हिन्दुस्थान समाचार / योगिता पाठक