स्टॉक मार्केट में स्वास्तिका इंफ्रा की मजबूत शुरुआत, प्रीमयम लिस्टिंग के बाद लगा अपर सर्किट

युगवार्ता    30-Sep-2026
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प्रतीकात्मक


नई दिल्ली, 30 सितंबर (हि.स.)। पावर ट्रांसमिशन और डिस्ट्रीब्यूशन से जुड़े इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स पर काम करने वाली कंपनी स्वास्तिका इंफ्रा लिमिटेड के शेयरों ने आज स्टॉक मार्केट ने मजबूती के साथ एंट्री की। आईपीओ के तहत कंपनी के शेयर 185 रुपये के भाव पर जारी किए गए थे। आज बीएसई और एनएसई पर इसकी लिस्टिंग 8.11 प्रतिशत प्रीमियम के साथ 200 रुपये के स्तर पर हुई।

मजबूत लिस्टिंग के बाद खरीदारों ने लिवाली का जोर बना दिया, जिसके कारण इस शेयर की चाल मे तेजी आ गई। लगातार हो रही लिवाली के सपोर्ट से थोड़ी देर में ही कंपनी के शेयर उछल कर 210 रुपये के अपर सर्किट लेवल पर पहुंच गए। इस तरह पहले दिन के कारोबार में कंपनी के आईपीओ निवेशक प्रति शेयर 25 रुपये यानी 13.51 प्रतिशत के फायदे में रहे।

इस कंपनी का 160.88 करोड़ रुपये का आईपीओ 23 से 25 सितंबर के बीच सब्सक्रिप्शन के लिए खुला था। इस आईपीओ को निवेशकों की ओर से अच्छा रिस्पॉन्स मिला था, जिसके कारण ये ओवरऑल 7.91 गुना सब्सक्राइब हुआ था। इनमें क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स (क्यूआईबी) के लिए रिजर्व पोर्शन 3.31 गुना (एक्स एंकर) सब्सक्राइब हुआ था। इसी तरह नॉन इंस्टीट्यूशनल इन्वेस्टर्स (एनआईआई) के लिए रिजर्व पोर्शन में 19.35 गुना सब्सक्रिप्शन आया था। इसके अलावा रिटेल इन्वेस्टर्स के लिए रिजर्व पोर्शन 5.64 गुना सब्सक्राइब हो सका था।

इस आईपीओ के तहत 10 रुपये फेस वैल्यू वाले कुल 86,95,946 शेयर जारी किए गए हैं। इनमें लगभग 129 करोड़ रुपये के 69,45,946 नए शेयर जारी हुए हैं। इसके अलावा लगभग 32 करोड़ रुपये के 17.50 लाख शेयर ऑफर फॉर सेल विंडो के जरिये बेचे गए हैं। आईपीओ के जरिये जुटाए गए पैसे का इस्तेमाल कंपनी वर्किंग कैपिटल की जरूरतों को पूरा करने, पुराने कर्ज को कम करने, आईपीओ से जुड़े खर्चों की भरपाई करने और आम कॉरपोरेट उद्देश्यों में करेगी।

स्वास्तिका इंफ्रा की वित्तीय स्थिति की बात करें तो कैपिटल मार्केट रेगुलेटर सेबी के पास जमा कराए गए रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस (आरएचपी) में किए गए दावे के मुताबिक इसकी वित्तीय सेहत लगातार मजबूत हुई है। वित्त वर्ष 2023-24 में कंपनी को 13.98 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ हुआ था, जो अगले वित्त वर्ष 2024-25 में बढ़ कर 27.45 करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंच गया। वहीं पिछले वित्त वर्ष 2025-26 में कंपनी को 41.43 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ हुआ था।

इस दौरान कंपनी की राजस्व प्राप्ति में भी बढ़ोतरी हुई। वित्त वर्ष 2023-24 में इसे 211.33 करोड़ रुपये का कुल राजस्व प्राप्त हुआ, जो वित्त वर्ष 2024-25 में बढ़ कर 352.60 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया। वहीं पिछले वित्त वर्ष 2025-26 में कंपनी को 505.57 करोड़ रुपये का राजस्व प्राप्त हुआ था।

इस अवधि में कंपनी पर लदे कर्ज के बोझ में भी लगातार बढ़ोतरी हुई। वित्त वर्ष 2023-24 के अंत में कंपनी पर 43.82 करोड़ रुपये के कर्ज का बोझ था, जो अगले वित्त वर्ष 2024-25 में बढ़ कर 111.02 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया। वहीं पिछले वित्त वर्ष 2025-26 की बात करें, तो इस दौरान कंपनी पर लदे कर्ज का बोझ उछल कर 114.64 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया।

इस अवधि में कंपनी के नेटवर्थ में भी बढ़ोतरी हुई। वित्त वर्ष 2023-24 में ये 49.57 करोड़ रुपये के स्तर पर था। इसी तरह 2024-25 में कंपनी का नेटवर्थ बढ़ कर 77.02 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया। वहीं पिछले वित्त वर्ष 2025-26 में ये 156.78 करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंच गया।

कंपनी के रिजर्व और सरप्लस की बात करें तो इस अवधि में कंपनी इस मोर्चे पर भी बढ़त हासिल करने में सफल रही है। वित्त वर्ष 2023-24 में ये 24.82 करोड़ रुपये के स्तर पर था। इसी तरह 2024-25 में कंपनी का रिजर्व और सरप्लस जबरदस्त उछाल के साथ 52.27 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया। वहीं पिछले वित्त वर्ष 2025-26 में कंपनी का रिजर्व और सरप्लस 129.60 करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंच गया।

इसी तरह ईबीआईटीडीए (अर्निंग बिफोर इंट्रेस्ट, टैक्सेज, डिप्रेशिएशंस एंड एमॉर्टाइजेशन) 2023-24 में 23.71 करोड़ रुपये के स्तर पर था, जो 2024-25 में बढ़ कर 43.89 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया। वहीं पिछले वित्त वर्ष 2025-26 में कंपनी का ईबीआईटीडीए उछल कर 70.85 करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंच गया।

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हिन्दुस्थान समाचार / योगिता पाठक

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