प्रधानमंत्री, रक्षामंत्री व अन्य ने देश के पहले पृथ्वी अवलोकन उपग्रह ईओएस-05 के सफल प्रक्षेपण पर जताई खुशी, इसरो की टीम को दी बधाई

युगवार्ता    04-Sep-2026
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इमेजिंग सैटेलाइट


नई दिल्ली 04 सितंबर (हि.स.)। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, रक्षामंत्री राजनाथ सिंह व अन्य ने देश के पहले इमेजिंग सैटेलाइट को जियो-ऑर्बिट में सफलतापूर्वक लॉन्च करने के लिए भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठनो (इसरो) की टीम को बधाई दी। उल्लेखनीय है कि आज सुबह इसरो ने आंध्र प्रदेश के श्रीहरिकोटा में पृथ्वी अवलोकन उपग्रह ईओएस-05 का सफलतापूर्वक प्रक्षेपण किया।

प्रधानमंत्री मोदी ने एक्स पर लिखा, इसरो की एक और शानदार उपलब्धि और हमारे देश के लिए गर्व का पल। भारत के पहले इमेजिंग सैटेलाइट ईओएस-05 को जियोसिंक्रोनस ऑर्बिट में ले जाने वाले जीएसएलवी-एफ17 का सफल लॉन्च, भारत के स्पेस सेक्टर की उत्कृष्टता, इनोवेशन और बढ़ती क्षमताओं को दर्शाता है। इसरो और भारतीय इंडस्ट्री के बीच बढ़ती साझेदारी हमारे स्पेस प्रोग्राम को नई ताकत और विस्तार दे रही है, साथ ही पूरे स्पेस इकोसिस्टम में भारत की क्षमताओं को बढ़ा रही है।

राजनाथ सिंह ने कहा कि जियोसिंक्रोनस ऑर्बिट में स्थापित भारत के पहले इमेजिंग सैटेलाइट के तौर पर, ईओएस-05 हमारी पृथ्वी-निरीक्षण क्षमताओं को मज़बूत करता है और अंतरिक्ष कार्यक्रम की बढ़ती आधुनिकता को दर्शाता है। इसरो और भारतीय उद्योग के बीच बढ़ती साझेदारी इनोवेशन को बड़े पैमाने पर बढ़ावा दे रही है स्वदेशी क्षमताओं को मजबूत कर रही है और अंतरिक्ष महत्वाकांक्षाओं के लिए नए रास्ते खोल रही है।

केंद्रीय विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्री डॉ. जितेन्द्र सिंह ने कहा कि अंतरिक्ष के क्षेत्र में भारत के लिए एक और बड़ी कामयाबी! ईओएस-05 एक अत्याधुनिक अर्थ ऑब्जर्वेशन सैटेलाइट है और जियोसिंक्रोनस ऑर्बिट से भारत का पहला इमेजिंग सैटेलाइट है। यह विजिबल, इन्फ्रारेड, मल्टी-स्पेक्ट्रल और हाइपर-स्पेक्ट्रल बैंड में एडवांस्ड इमेजिंग की सुविधा देता है। प्रधानमंत्री मोदी के दूरदर्शी नेतृत्व में, भारत की अंतरिक्ष क्षमताएं लगातार नई ऊंचाइयां छू रही हैं और एक ग्लोबल स्पेस पावर के तौर पर देश की स्थिति मजबूत हो रही है।

केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योगमंत्री पीयूष गोयल ने कहा कि यह कामयाबी भारत के अंतरिक्ष वैज्ञानिकों और इंजीनियरों की प्रतिभा, सूझ-बूझ और लगातार बढ़ती क्षमताओं का सबूत है। इसरो और भारतीय इंडस्ट्री के बीच बढ़ता सहयोग अंतरिक्ष कार्यक्रम को नई ताकत और विस्तार दे रहा है, जिससे पूरे अंतरिक्ष क्षेत्र में भारत की क्षमताएं और मजबूत हो रही हैं।

केन्द्रीय पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने कहा कि यह उपलब्धि अंतरिक्ष विज्ञान और तकनीक में विश्व-स्तरीय क्षमताएं विकसित करने की दिशा में भारत की लगातार प्रगति को दर्शाती है। साथ ही, यह उस उद्देश्य और महत्वाकांक्षा को भी दिखाती है जिसके साथ प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में भारत का अंतरिक्ष कार्यक्रम लगातार आगे बढ़ रहा है।

केंद्रीय संचार मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कहा कि ईओएस-05 को ले जाने वाले जीएसएलवी-एफ17 का सफल लॉन्च, भारत की बढ़ती 'अर्थ ऑब्ज़र्वेशन' (पृथ्वी पर नज़र रखने की) क्षमताओं में एक और अहम उपलब्धि है।

कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने कहा कि भारत का पहला इमेजिंग सैटेलाइट, ईओएस-05, जियोसिंक्रोनस ऑर्बिट से भारत की पृथ्वी को देखने और समझने की क्षमताओं को और मजबूत करेगा, जिन्हें देश सालों से विकसित कर रहा है। इस देश के वैज्ञानिकों, स्पेस इंजीनियरों और रिसर्चर्स पर बहुत गर्व है, जिनकी लगन और काबिलियत भारत के स्पेस प्रोग्राम को लगातार नई ऊंचाइयों पर ले जा रही है।

उल्लेखनीय है कि देश के पहले इमेजिंग सैटेलाइट को जियो-ऑर्बिट में सफलतापूर्वक लॉन्च करके एक बार फिर यह इतिहास रच दिया। जीएसएलवी एफ-17 व्हीकल रॉकेट ने उन्नति ईओएस-05 जियो-इमेजिंग सैटेलाइट को 36,000 किलोमीटर ऊपर जियोसिन्क्रोनस ऑर्बिट में पहुंचा दिया।

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हिन्दुस्थान समाचार / श्रद्धा द्विवेदी

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