रघुवीर घाट में फिर गिरी बड़ी चट्टान, रत्नागिरी-सातारा मार्ग बंद

युगवार्ता    04-Sep-2026
Total Views |
रघुवीर घाट में  बड़ी चट्टान गिरने से यातायात बंद


रत्नागिरी, 04 रत्नागिरी (हि.स.)। महाराष्ट्र के रत्नागिरी और सातारा जिलों को जोड़ने वाले खेड तालुका स्थित रघुवीर घाट में गुरुवार की रात एक बार फिर बड़ी चट्टान गिरने से यातायात पूरी तरह ठप हो गया है। पहाड़ी ढलान से मिट्टी, पत्थर और बड़ी-बड़ी चट्टानें सड़क पर आ जाने के कारण दोनों ओर से वाहनों की आवाजाही बंद हो गई है। घाट से यात्रा करने वाले नागरिकों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। भूस्खलन के कारण सातारा जिले के घाटमाथे से सटे करीब 15 से 20 गांवों का रत्नागिरी जिले से संपर्क प्रभावित हुआ है।

रघुवीर घाट सातारा और रत्नागिरी जिलों को जोड़ने वाला एक महत्वपूर्ण मार्ग है। घाटी के उपरी हिस्से के कई गांवों के नागरिक शिक्षा, स्वास्थ्य, बाजार और अन्य आवश्यक कार्यों के लिए खेड शहर में आते-जाते हैं। हालांकि, मार्ग पर यातायात बंद होने से इन गांवों की दैनिक परिवहन व्यवस्था बुरी तरह प्रभावित हुई है। इसका असर स्कूल और कॉलेज जाने वाले विद्यार्थियों पर भी पड़ा है। चट्टान गिरने वाले स्थान पर राज्य परिवहन मंडल की बस सुबह से ही फंसी हुई है। बस में स्कूली विद्यार्थियों, महिलाओं और अन्य यात्रियों के मौजूद होने के कारण उन्हें घाटी में ही रुकना पड़ा है। सड़क पूरी तरह बंद होने के कारण बस को आगे या पीछे ले जाना भी संभव नहीं हो पा रहा है। खेड में स्कूल, कॉलेज और अन्य जरूरी कामों के लिए निकले कई नागरिक भी दरड गिरने वाले स्थान पर फंसे हुए हैं।

मलबा हटाने का काम शुरू

चट्टान हटाने के लिए संबंधित प्रशासनिक और बचाव दल घटनास्थल पर पहुंच गए हैं और सड़क को यातायात के लिए खोलने का काम शुरू कर दिया गया है। हालांकि, सड़क पर गिरी बड़ी-बड़ी चट्टानों और पत्थरों को हटाने में परेशानी आ रही है। केवल जेसीबी की मदद से मलबा हटाना मुश्किल होने के कारण बड़े पत्थरों को तोड़ने के लिए ब्रेकर का इस्तेमाल किए जाने की जानकारी सूत्रों से मिली है।

बड़ी मात्रा में चट्टान गिरने के कारण सड़क को पूरी तरह साफ करने में कितना समय लगेगा, यह अभी स्पष्ट नहीं है। सड़क पूरी तरह सुरक्षित होने तक नागरिकों से इस मार्ग पर यात्रा करते समय सावधानी बरतने की अपील की गई है।

बार-बार भूस्खलन से सुरक्षा पर सवाल

बरसात के मौसम में रघुवीर घाट में बार-बार भूस्खलन की घटनाएं सामने आती रही हैं। ऐसे में घाटी की सुरक्षा का मुद्दा एक बार फिर गंभीरता से उठ खड़ा हुआ है। स्थानीय नागरिकों की मांग है कि हर बार केवल मलबा हटाने तक सीमित न रहते हुए घाटी के संवेदनशील और खतरनाक स्थानों का सर्वेक्षण किया जाए तथा भविष्य में भूस्खलन रोकने के लिए स्थायी और प्रभावी उपाय किए जाएं। सातारा और रत्नागिरी जिलों के बीच यातायात बाधित होने से घाटी के उपरी हिस्से के गांवों के नागरिकों को भारी असुविधा हो रही है। फंसी हुई एसटी बस के यात्रियों और अन्य नागरिकों की स्थिति को देखते हुए प्रशासन से दरड हटाने का काम तेजी से पूरा कर मार्ग को जल्द से जल्द यातायात के लिए खोलने की मांग की जा रही है।

--------------------

हिन्दुस्थान समाचार / मनीष कुलकर्णी

Tags