
नई दिल्ली, 05 सितंबर (हि.स.)। उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि युवा विकसित भारत के निर्माण में अग्रणी भूमिका निभाएं और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के विकसित भारत के संकल्प को साकार करने में अपना महत्वपूर्ण योगदान दें। उन्होंने यह बातें शनिवारल को नई दिल्ली स्थित तालकटोरा स्टेडियम में माई होम इंडिया द्वारा आयोजित ‘नॉर्थ ईस्ट स्टूडेंट्स फेस्टिवल’ में कही। इस अवसर पर धामी ने पूर्वोत्तर राज्यों से आए छात्र-छात्राओं एवं युवाओं का देवभूमि उत्तराखंड की ओर से स्वागत किया।
मुख्यमंत्री धामी ने शिक्षक दिवस के अवसर पर देशभर के सभी शिक्षकों को शुभकामनाएं दीं और महान शिक्षाविद् एवं पूर्व राष्ट्रपति डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन को उनकी जयंती पर श्रद्धापूर्वक नमन किया। उन्होंने कहा कि इतनी बड़ी संख्या में उपस्थित युवा ऊर्जा के बीच उन्हें भारत का उज्ज्वल भविष्य दिखाई दे रहा है। युवा केवल विद्यार्थी नहीं बल्कि देश की उस युवा शक्ति के प्रतिनिधि हैं, जिनमें बड़े से बड़े सपनों को साकार करने का साहस और सामर्थ्य है। उन्होंने कहा कि ‘नॉर्थ ईस्ट स्टूडेंट्स फेस्टिवल’ केवल एक सामान्य कार्यक्रम नहीं बल्कि पूर्वोत्तर भारत की समृद्ध संस्कृति, गौरवशाली परंपराओं और देश की एकता-अखंडता का प्रतीक है। पूर्वोत्तर और उत्तराखण्ड के रहन-सहन, पहाड़ी परिवेश तथा भौगोलिक परिस्थितियों में कई समानताएं हैं। ऐसे आयोजनों के माध्यम से दोनों क्षेत्रों के बीच आत्मीयता और मजबूत होती है।
मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि पूर्वोत्तर भारत देश के अन्य हिस्सों के बीच भावनात्मक एकता का सेतु बन गया है। माई होम इंडिया द्वारा पूर्वोत्तर के युवाओं को देश के विभिन्न हिस्सों से जोड़ने का कार्य राष्ट्रीय एकता की भावना को मजबूत कर रहा है। यही भावना प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के “एक भारत, श्रेष्ठ भारत” के संकल्प को जन-जन तक पहुंचाने का माध्यम बन रही है। उन्होंने कहा कि पूर्वोत्तर भारतीय संस्कृति के उस चमकते हुए मुकुट के समान है, जिसके बिना भारत की विविधता और सुंदरता अधूरी है। यह क्षेत्र सामरिक दृष्टि से भी अत्यंत महत्वपूर्ण है और देश की सुरक्षा में सशक्त प्रहरी की भूमिका निभाता है। पूर्वोत्तर ने मैरी कॉम, मीराबाई चानू, लवलीना बोरगोहेन, बाइचुंग भूटिया और भारत रत्न स्व. भूपेन हजारिका जैसी अनेक महान प्रतिभाएं देश को दी हैं, जिन्होंने अपनी प्रतिभा और परिश्रम से भारत का नाम रोशन किया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने पूर्वोत्तर को कभी देश से दूर नहीं माना बल्कि उसे दिल के करीब रखा और देश के विकास का महत्वपूर्ण ग्रोथ इंजन माना। दशकों पुरानी “लुक ईस्ट” नीति को आगे बढ़ाते हुए “एक्ट ईस्ट” और “फास्ट ईस्ट” की दिशा में प्रभावी कदम उठाए गए हैं। उन्होंने कहा कि वर्ष 2014 के बाद पूर्वोत्तर में सड़क, पुल, सुरंग, जलमार्ग, गैस ग्रिड, मोबाइल कनेक्टिविटी और ऑप्टिकल फाइबर सहित अनेक क्षेत्रों में तेजी से विकास हुआ है। भारत-म्यांमार-थाईलैंड त्रिपक्षीय राजमार्ग जैसी परियोजनाओं से पूर्वोत्तर में व्यापार और आर्थिक गतिविधियों के नए द्वार खुले हैं। आज पूर्वोत्तर देश के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि इन विकास प्रयासों के केंद्र में पूर्वोत्तर का युवा है। प्रधानमंत्री मोदी ने युवाओं को केवल देश का भविष्य नहीं बल्कि वर्तमान की सबसे बड़ी परिवर्तनकारी शक्ति माना है। इसी सोच के साथ डिजिटल इंडिया, स्किल इंडिया, मेक इन इंडिया और फिट इंडिया जैसी पहलों के माध्यम से युवाओं को आगे बढ़ने के अवसर प्रदान किए जा रहे हैं।
मुख्यमंत्री ने पूर्वोत्तर से उत्तराखंड में शिक्षा प्राप्त करने आए छात्र-छात्राओं का स्वागत करते हुए कहा कि “देवभूमि उत्तराखंड आपका अपना घर है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में रह रहे पूर्वोत्तर के युवाओं की सुरक्षा, सम्मान और प्रगति राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। उन्होंने युवाओं का आह्वान किया कि वे खूब पढ़ें, खूब खेलें, बड़े सपने देखें और उन्हें पूरा करने के लिए पूरी मेहनत से आगे बढ़ें।
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हिन्दुस्थान समाचार / धीरेन्द्र यादव