कोयला मंत्रालय ने पंजाब के बिजली संयंत्रों को अपर्याप्त कोयला आपूर्ति की खबरों को किया खारिज

युगवार्ता    06-Sep-2026
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कोयला मंत्रालय के लोगो का प्रतीकात्मक चित्र


नई दिल्ली, 06 सितंबर (हि.स.)। कोयला मंत्रालय ने मीडिया की उन रिपोर्टों को सिरे से खारिज कर दिया है, जिनमें पंजाब के ताप विद्युत संयंत्र में बिजली उत्पादन में कमी के लिए केंद्र सरकार से अपर्याप्त कोयला आपूर्ति को जिम्मेदार ठहराया गया था। मंत्रालय ने स्पष्ट किया कि पंजाब के बिजली संयंत्रों को पर्याप्त कोयला उपलब्ध कराया गया है।

कोयला मंत्रालय ने रविवार को जारी एक बयान में बताया कि पंजाब के ताप विद्युत संयंत्रों में बिजली उत्पादन में कमी का कारण केंद्र से कोयले की अपर्याप्त आपूर्ति को बताने वाली मीडिया रिपोर्टें पूरी सच्चाई नहीं दर्शाती हैं। कोल इंडिया लिमिटेड (सीआईएल) पंजाब राज्य सहित पूरे देश में बिजली उत्पादन के लिए निर्बाध कोयले की आपूर्ति को सुनिश्चित करने के लिए पूरी तरह से प्रतिबद्ध है।

मंत्रालय ने कहा कि केंद्र सरकार ने पंजाब में स्वतंत्र बिजली संयंत्रों (आईपीपी) को कोयले की आपूर्ति में सक्रिय रूप से सहायता प्रदान की है। कोयला मंत्रालय ने दोहराया कि केंद्र सरकार ने पंजाब के आईपीपी को कोयले की आपूर्ति को पूरी सक्षम बनाने के लिए पहले ही ठोस कदम उठाए हैं, जिसमें पीएसपीसीएल की कैप्टिव खदानों से आपूर्ति की अनुमति देने के लिए वैधानिक अंतिम-उपयोग प्रतिबंधों में ढील देना शामिल है।

कोयला मंत्रालय ने कहा कि पीएसपीसीएल तीन ताप विद्युत संयंत्रों का संचालन करती है, जिसमें गुरु हरगोबिंद ताप विद्युत संयंत्र (लेहरा मोहब्बत), गोइंदवाल साहिब ताप विद्युत संयंत्र और रोपड़ ताप विद्युत संयंत्र शामिल है, जिनकी संयुक्त क्षमता 2,300 मेगावाट है। 04 अगस्त, 2026 तक, पीएसपीसीएल के संयंत्रों में कोयले का भंडार मानक आवश्यकता का लगभग 117 फीसदी था, जो पर्याप्त से अधिक कोयले की उपलब्धता को दर्शाता है।

मंत्रालय ने कहा कि इस पर्याप्त भंडार के बावजूद अगस्त, 2026 के दौरान पीएसपीसीएल के संयंत्रों का औसत प्लांट लोड फैक्टर (पीएलएफ) केवल करीब 42 फीसदी था। इसलिए इस महीने के दौरान कम उत्पादन का कारण संयंत्र में कोयले की अपर्याप्त उपलब्धता नहीं है।

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हिन्दुस्थान समाचार / प्रजेश शंकर

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